
New Delhi, 20 दिसंबर . सर्दियों में रात को सोने से पहले एक ग्लास गर्म दूध पीना कई लोगों की आदत होती है, लेकिन अगर इसमें खजूर मिला लें तो यह साधारण दूध एक खास आयुर्वेदिक पेय बन जाता है. यह खास पेय तन के साथ ही मन के लिए भी बेहद फायदेमंद होता है.
आयुर्वेद के अनुसार, दूध और खजूर का यह संयोजन न सिर्फ स्वादिष्ट होता है, बल्कि शरीर के लिए अमृत जैसा काम करता है. यह पोषण से भरपूर होने के साथ-साथ शरीर को भी अंदर से मजबूत बनाता है.
आयुर्वेद में दूध को शीतल और खजूर को गर्म तासीर वाला माना जाता है. पहली नजर में ये दोनों विरोधी लगते हैं, लेकिन जब इन्हें साथ में उबाला जाता है तो ये एक-दूसरे के पूरक बन जाते हैं. यह मिश्रण शरीर की ऊर्जा बढ़ाता है, ताकत देता है और ऊतकों को पोषण पहुंचाता है. इसे ओजवर्धक, बलवर्धक और धातुपोषक कहा जाता है.
आयुर्वेदाचार्य बताते हैं कि इस पेय का सबसे बड़ा फायदा है नींद की गुणवत्ता सुधारना. रात को यह पीने से गहरी और आरामदायक नींद आती है. दिनभर की थकान और तनाव दूर होता है एवं मन को शांति मिलती है. आयुर्वेद इसे एक तरह का रसायन पेय मानता है, जो लंबी उम्र, स्थिर मन और आनंद प्रदान करता है.
दूध खजूर को बनाने का तरीका बहुत आसान है. रात को एक ग्लास दूध में 4-5 खजूर डालकर हल्का उबाल लें. खजूर नरम हो जाए तो दूध पी लें और खजूर भी खा लें. या खजूर को पहले भिगोकर भी इस्तेमाल कर सकते हैं. नियमित रूप से यह पीने से इम्यूनिटी बढ़ती है, हड्डियां मजबूत होती हैं, और स्वास्थ्य बेहतर होता है.
आयुर्वेद विशेषज्ञों का कहना है कि यह रात्रिकालीन साधना की तरह है. जब शरीर विश्राम करता है, तब यह पेय अंदर से रिकवरी का काम करता है. व्यस्त जीवन में तनाव और अनिद्रा से जूझ रहे लोगों के लिए यह प्राकृतिक उपाय बहुत फायदेमंद है. हालांकि, ज्यादा मात्रा में न लें और अगर कोई स्वास्थ्य समस्या हो तो डॉक्टर से सलाह जरूर लें.
–
एमटी/