ट्रंप से पंगा न लें, व्हाइट हाउस ने जारी किए ‘ऑपरेशन एपिक फ्यूरी’ पर विशेषज्ञों के बयान

वॉशिंगटन, 2 मार्च . अमेरिका के कई रिटायर्ड जनरल, राष्ट्रीय सुरक्षा विशेषज्ञ और थिंक टैंक के प्रमुखों ने President डोनाल्ड ट्रंप के “ऑपरेशन एपिक फ्यूरी” को ऐतिहासिक सैन्य अभियान कहा है. उनका मानना है कि इस अभियान ने मध्य पूर्व में कड़े संदेश भेजे और ईरान की सत्ताधारी व्यवस्था को कमजोर किया.

व्हाइट हाउस ने Sunday को ऐसे बयानों की एक पूरी लिस्ट जारी की. रिटायर्ड लेफ्टिनेंट जनरल कीथ केलॉग ने President डोनाल्ड ट्रंप की तारीफ करते हुए कहा कि इस ऑपरेशन का पैमाना बहुत बड़ा है, और इसे सफलतापूर्वक अंजाम देना अद्भुत है. हमने बहुत बढ़िया काम किया है. President ट्रंप ने बहुत अच्छा काम किया है.”

रिटायर्ड जनरल जैक कीन ने कहा कि यह अभियान सोच-समझकर किया गया और दूरगामी असर वाला है.

रोनाल्ड रीगन इंस्टीट्यूट के डायरेक्टर रॉजर जैकहाइम ने कहा कि ईरान पर हमले से क्षेत्रीय संतुलन बदल गया है और अमेरिका सुरक्षित हुआ है. यह 47 साल में सबसे ज्यादा असरदार रणनीतिक सैन्य कार्रवाई थी.

यॉर्कटाउन इंस्टीट्यूट के अध्यक्ष सेठ क्रॉप्सी ने कहा कि स्ट्राइक ने ईरान के मुख्य स्तंभ को टारगेट किया. ईरान के थियोक्रेट्स, बैलिस्टिक-मिसाइल इंफ्रास्ट्रक्चर और कमांड-एंड-कंट्रोल सिस्टम पर हमला करने से Government पहले से कहीं ज्यादा कमजोर हो गई है. यह हमला ईरान की पूरी तरह से रणनीतिक गिरावट का रास्ता बनाता है.”

फाउंडेशन फॉर डिफेंस ऑफ डेमोक्रेसीज में सीईओ मार्क डुबोविट्ज ने कहा, “पहले या भविष्य में कोई भी दूसरा President खामेनेई और उनकी खतरनाक न्यूक्लियर मिसाइल और आतंकी क्षमताओं को खत्म नहीं कर पाता.

फाउंडेशन फॉर डिफेंस ऑफ डेमोक्रेसीज के सीनियर एडवाइजर मियाद मालेकी ने कहा, “President ट्रंप पहले अमेरिकी प्रेसिडेंट हैं जो ईरानी लोगों की मदद के लिए आए हैं और इस जुल्म के खिलाफ खड़े हुए हैं. इसके लिए हिम्मत और ऐतिहासिक विजन चाहिए.”

वॉल स्ट्रीट जर्नल के एडिटोरियल बोर्ड ने इस हमले को एक रोकने वाले कदम के तौर पर देखा जिसके बड़े मतलब हैं. बोर्ड ने लिखा, “Saturday सुबह ईरान पर अमेरिका-इजरायल हमला एक ऐसे शासन के खिलाफ रोकथाम का एक जरूरी कदम है जो दुनिया में आतंकवाद को सबसे ज्यादा बढ़ावा देता है. इसमें सभी युद्धों की तरह जोखिम है, लेकिन इसमें मिडिल ईस्ट को बेहतर बनाने और एक सुरक्षित दुनिया बनाने की क्षमता भी है.”

पूर्व विदेश मंत्री माइक पोम्पिओ ने कहा, “President ट्रंप ने पश्चिमी सभ्यता को बचाने के लिए कुछ कम नहीं किया है.”

पूर्व इजराइली Prime Minister नफ्ताली बेनेट ने कहा कि यह संदेश पूरे इलाके में असर डालेगा. बेनेट ने कहा, “सबसे बड़ी सीख यह है कि President ट्रंप से पंगा न लें. मुझे लगता है कि बाद में पूरा इलाका शुक्रगुजार होगा और दुनिया शुक्रगुजार होगी, क्योंकि अब दुनिया कल के मुकाबले ज्यादा सुरक्षित जगह है.”

टिप्पणीकार ह्यूग हेविट ने President के भाषण को सोचा-समझा बताया. हेविट ने कहा, “President ट्रंप का भाषण बहुत ही शांत लेकिन पक्का था.”

केके/वीसी

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