
Bengaluru, 30 जून . कर्नाटक के Chief Minister डीके शिवकुमार ने Tuesday को कहा कि राज्य Government का लक्ष्य वर्ष 2028 तक कर्नाटक को नशामुक्त बनाना है. उन्होंने नागरिकों, छात्रों और युवाओं से नशे के खिलाफ इस अभियान में Government का साथ देने की अपील की.
वे Bengaluru के कांतिराव इंडोर स्टेडियम में कर्नाटक Police द्वारा आयोजित अंतरराष्ट्रीय मादक द्रव्य दुरुपयोग एवं अवैध तस्करी विरोधी दिवस-2026 कार्यक्रम का उद्घाटन करने के बाद संबोधित कर रहे थे.
उन्होंने कहा, “हमारा लक्ष्य 2028 तक नशामुक्त और व्यसनमुक्त कर्नाटक बनाना है. हमने इस दिशा में संकल्प लिया है. यदि जनता, युवा और छात्र Government के साथ मिलकर काम करें तो हम इस अवैध कारोबार को खत्म कर सकते हैं.”
Chief Minister ने कहा कि Government का संदेश है, “नशा छोड़ो, खुशियां चुनो”. उन्होंने युवाओं से सकारात्मक मूल्यों को अपनाने और नशे के दबाव से दूर रहने की अपील की.
उन्होंने कहा, “माता-पिता सामाजिक बदनामी के डर से अपने बच्चों की नशे की लत को न छिपाएं. जितना अधिक समय यह समस्या छिपाई जाएगी, बच्चे के भविष्य को उतना ही ज्यादा नुकसान होगा. बच्चों को समझाएं और Police का सहयोग करें ताकि नशे की आपूर्ति के स्रोत तक पहुंचा जा सके. इससे कई अन्य युवाओं को भी बचाया जा सकेगा. मैंने Police विभाग को निर्देश दिया है कि ऐसे बच्चों की पहचान गोपनीय रखी जाए.”
शिवकुमार ने घोषणा की कि Government ने नशे के सेवन और तस्करी से जुड़ी विश्वसनीय जानकारी देने वाले लोगों को पुरस्कृत करने का फैसला किया है.
उन्होंने कहा, “नशे से जुड़ी गोपनीय जानकारी देने वाले अभिभावकों और आम नागरिकों को Police विभाग की ओर से पुरस्कार दिया जाएगा. इससे नशे की आपूर्ति करने वाले नेटवर्क को तोड़ने में मदद मिलेगी.”
Chief Minister ने कहा कि आज लिया गया संकल्प जीवनभर की प्रतिबद्धता बनना चाहिए और लोगों को अपने आसपास भी जागरूकता फैलानी चाहिए.
Government की कार्रवाई का उल्लेख करते हुए उन्होंने बताया कि पिछले तीन वर्षों में पूर्व गृह मंत्री जी. परमेश्वर के नेतृत्व में करीब 89 करोड़ रुपए मूल्य के मादक पदार्थ नष्ट किए गए हैं.
उन्होंने कहा, “मैं उन सभी वरिष्ठ Police अधिकारियों, constableों और कर्मचारियों को बधाई देता हूं जिन्होंने नशे के नेटवर्क को खत्म करने के लिए काम किया है.”
Chief Minister ने फिर दोहराया कि अभिभावक सामाजिक कलंक के डर से बच्चों के नशे के मामलों को न छिपाएं.
उन्होंने कहा कि नशामुक्त कर्नाटक केवल Government का नारा नहीं, बल्कि हर कन्नड़वासी की सामूहिक प्रतिबद्धता है.
शिवकुमार ने कहा, “हम सभी इंसान के रूप में जन्म लेते हैं. बिना कोई उपलब्धि हासिल किए मरना मृत्यु का अपमान है और बिना आदर्शों के जीना जीवन का अपमान है. हमें मूल्यों और दृढ़ संकल्प के साथ आगे बढ़ना होगा.”
उन्होंने चिंता जताई कि Police ने Government को जानकारी दी है कि पान मसाला और गुटखा जैसे उत्पादों में भी नशीले पदार्थ मिलाए जा रहे हैं और फोन के जरिए घर-घर नशे की आपूर्ति की जा रही है.
उन्होंने कहा, “मैंने स्पष्ट कर दिया है कि पान मसाला या गुटखा में नशीले पदार्थ मिलाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी. गृह मंत्री प्रियंक खड़गे इस दिशा में प्रभावी कार्रवाई कर रहे हैं.”
विश्व स्वास्थ्य संगठन की एक रिपोर्ट का हवाला देते हुए Chief Minister ने कहा कि India में हर वर्ष लगभग 13 से 14 लाख लोगों की मौत तंबाकू सेवन के कारण होती है.
उन्होंने कहा, “हमारे देश की संस्कृति, भाषा और विविधता की दुनिया भर में प्रशंसा होती है. नशा और व्यसन हमारी पहचान कभी नहीं बनना चाहिए.”
Chief Minister ने बताया कि युवाओं में जागरूकता बढ़ाने के लिए स्कूलों और कॉलेजों में स्टूडेंट Policeिंग सिस्टम शुरू किया गया है. साथ ही नशे और अन्य अवैध गतिविधियों पर रोक लगाने के लिए विशेष टास्क फोर्स भी गठित की गई है.
उन्होंने कहा, “नशे और अन्य गैरकानूनी गतिविधियों को खत्म करने के लिए लोगों को Police के साथ मिलकर काम करना चाहिए.”
छात्रों से सीधे संवाद करते हुए उन्होंने कहा कि वे अपने नशे की चपेट में आए दोस्तों को इस लत से बाहर निकालने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं.
उन्होंने कहा, “आप अपने दोस्तों का जीवन बदलने में मदद कर सकते हैं. आप केवल छात्र नहीं, बल्कि देश के जिम्मेदार नागरिक भी हैं. पूरी दुनिया Bengaluru की ओर देखती है. हर साल कर्नाटक में करीब 19,940 डॉक्टर, एक लाख से अधिक नर्स और हजारों इंजीनियर तैयार होते हैं. हमें अपने युवाओं को नशे के खतरे से बचाना होगा.”
Chief Minister ने लोगों से Police पर भरोसा करने की अपील करते हुए कहा कि Police हर परिवार का एक विस्तार है और समाज तथा राज्य की भलाई के लिए काम कर रही है.
उन्होंने कहा, “नशामुक्त कर्नाटक के निर्माण के लिए सभी जनप्रतिनिधियों को मिलकर काम करना चाहिए.”
–
एएमटी/डीकेपी