रक्षा खुफिया एजेंसी के महानिदेशक करेंगे ग्रीस यात्रा

नई दिल्ली, 9 दिसंबर . भारतीय रक्षा खुफिया एजेंसी (डीआईए) के महानिदेशक ग्रीस की आधिकारिक यात्रा पर जाएंगे. रक्षा खुफिया एजेंसी के महानिदेशक लेफ्टिनेंट जनरल डीएस राणा की यह ग्रीस यात्रा 10 दिसंबर से प्रारंभ होने जा रही है. वह 10 और 11 दिसंबर तक ग्रीस की आधिकारिक यात्रा पर रहेंगे.

इस आधिकारिक यात्रा के दौरान, डीजी डीआईए, ग्रीस के वरिष्ठ सैन्य नेतृत्व के साथ बातचीत करेंगे. इन मुलाकातों में ग्रीस के रक्षा उप प्रमुख वाइस एडमिरल क्रिस्टोस सासियाकोस और हेलेनिक नेशनल डिफेंस जनरल स्टाफ के निदेशक शामिल होंगे.

इसके अलावा, लेफ्टिनेंट जनरल राणा अंतर्राष्ट्रीय संबंध संस्थान द्वारा आयोजित थिंक टैंक संवाद में भी हिस्‍सा लेंगे. यह महत्वपूर्ण रक्षा और सामरिक मुद्दों पर विशेषज्ञों के साथ बातचीत करने का अवसर प्रदान करेगा. राणा, ग्रीस में भारत के राजदूत रुद्रेंद्र टंडन के साथ भी बातचीत करेंगे और भारत के रक्षा संबंधों पर चर्चा करेंगे.

रक्षा मंत्रालय के मुताबिक लेफ्टिनेंट जनरल डीएस राणा के इस दौरे में सूचनाओं और रक्षा संबंधी गहन जानकारी के आदान-प्रदान पर केंद्रित विचार-विमर्श होगा. इसका उद्देश्य साझा सुरक्षा चुनौतियों को संबोधित करना और आपसी समझ को मजबूत करना है.

मंगलवार से शुरू होने वाली यह यात्रा ग्रीस के साथ गहरे रक्षा संबंधों को बढ़ावा देने के लिए भारत की प्रतिबद्धता को रेखांकित करती है. रक्षा मंत्रालय का कहना है कि यह यात्रा समकालीन सुरक्षा चिंताओं को संबोधित करने में सामरिक साझेदारी के महत्व को उजागर करती है.

इससे पहले इसी वर्ष सितंबर के अंतिम सप्ताह में नौसेना प्रमुख एडमिरल दिनेश कुमार त्रिपाठी ग्रीस की चार दिवसीय आधिकारिक यात्रा पर गए थे. उनकी यह यात्रा भारत और ग्रीस के बीच द्विपक्षीय रक्षा संबंधों को और बढ़ावा देने के लिए चल रहे प्रयासों का हिस्सा थी, जो दोनों देशों के बीच नौसैनिक सहयोग बढ़ाने पर केंद्रित रही.

यात्रा के दौरान, नौसेना प्रमुख ने वहां वरिष्ठ रक्षा अधिकारियों के साथ द्विपक्षीय वार्ता की, जिनमें उप रक्षा मंत्री इओनिस केफालोगियानिस, हेलेनिक नेवी जनरल स्टाफ (एचजीएनएस) के प्रमुख वाइस एडमिरल दिमित्रियोस ई. कटारस, हेलेनिक नेशनल डिफेंस के उप प्रमुख शामिल थे.

इस दौरान रक्षा सहयोग, विशेष रूप से समुद्री सुरक्षा, संयुक्त प्रशिक्षण पहल और दोनों देशों की नौसेनाओं के बीच भविष्य के परिचालन सहयोग की संभावनाओं और अन्य मुद्दों पर चर्चा की गई.

जीसीबी/एबीएम