
Mumbai , 28 जून . अयोध्या के राम मंदिर से जुड़े कथित अनियमितताओं के मामले को लेकर सियासत तेज हो गई है. राज्यसभा सांसद दिनेश शर्मा ने इस मुद्दे पर विपक्ष को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि मामले की जांच के लिए एसआईटी का गठन किया जा चुका है और अब तक आठ लोगों की गिरफ्तारी भी हो चुकी है. उन्होंने कहा कि राम मंदिर करोड़ों लोगों की आस्था का केंद्र है और जांच पूरी होने से पहले इस मुद्दे पर राजनीति करना उचित नहीं है.
राज्यसभा सांसद दिनेश शर्मा ने समाचार एजेंसी से बातचीत में कहा कि Chief Minister ने इस मामले पर बहुत ही स्पष्ट बयान दिया है. एसआईटी का गठन हो गया है और आठ लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है. मामले की जांच चल रही है, तो अनर्गल बयानबाजी क्यों?
उन्होंने यह भी कहा कि राम जन्मभूमि मंदिर करोड़ों लोगों की आस्था का विषय है. मंदिर के लिए विधि-सम्मत ट्रस्ट का गठन हुआ है. अगर किसी को आपत्ति है तो वह नियमों के अनुसार अपनी बात रख सकता है. विपक्ष के पास विकास और जनहित के मुद्दों पर चर्चा करने के लिए कुछ नहीं बचा है, इसलिए वह आस्था के विषय पर अनावश्यक विवाद खड़ा कर रहा है.
दिनेश शर्मा ने कहा कि विपक्ष का निशाना हमेशा से राम मंदिर रहा है. सपा के नेता ‘सियाराम धाम’ बनाने का वादा कर रहे हैं. उन्हें तो पहले यह कहना चाहिए कि बाबरी ढांचा गलत था. ये लोग राम मंदिर को मानते नहीं थे और भगवान राम के अस्तित्व को नकारते थे. राम मंदिर के खिलाफ इन्होंने बड़े-बड़े वकील खड़े किए थे. जो लोग अयोध्या नहीं गए, अयोध्या से जिनका कोई लेना-देना नहीं है, वे अनर्गल प्रलाप कर रहे हैं.
उन्होंने कहा कि अगर किसी के पास प्रमाण हैं तो उन्हें एसआईटी के सामने प्रस्तुत करना चाहिए. Government पहले ही स्पष्ट कर चुकी है कि जो भी लोग दोषी पाए जाएंगे, उनके खिलाफ कठोरतम कार्रवाई की जाएगी. ऐसे में इस मामले पर राजनीति नहीं करनी चाहिए.
Maharashtra की राजनीति में उद्धव ठाकरे पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि संजय राउत और उद्धव ठाकरे ने बालासाहेब ठाकरे की विरासत को बिखेर दिया है. अब वे राम मंदिर का प्रलाप कर रहे हैं. उन्होंने भाजपा के साथ विश्वासघात किया है. जनता ने उन्हें दंड दिया है. शिवसेना अब केवल एक ही है, जिसके नेता एकनाथ शिंदे हैं.
उन्होंने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि बंगाल में हारने के बाद अब विपक्ष का सनातन प्रेम जाग गया है. चुनाव आ रहा है तो कुछ नेता मंदिरों का दौरा कर रहे हैं. जैसे-जैसे चुनाव नजदीक आएगा, विपक्ष के कई नेताओं के हाथों में घंटा और घड़ियाल दिखाई देंगे. सनातन का विरोध देश की जनता बर्दाश्त नहीं करेगी.
नारी शक्ति वंदन अधिनियम को लेकर उन्होंने कहा कि इस बिल का विरोध करने वाली पार्टियां हाल के चुनावों में हार गईं. अब Samajwadi Party को भी हार का डर सता रहा है. राष्ट्र के विकास में योगदान देने वाले कई लोग पार्टी छोड़ सकते हैं. कोई अपनी पार्टी छोड़े या न छोड़े, भाजपा को उनकी जरूरत नहीं है.
उन्होंने Prime Minister Narendra Modi के नेतृत्व में विदेश नीति की उपलब्धियां गिनाते हुए कहा कि Prime Minister किसी के सामने झुकने वाले नहीं हैं और न ही किसी को झुकाने की इच्छा रखते हैं. वह अपने देश के हितों के बारे में सोचते हैं.
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एएमटी/डीकेपी