
Bengaluru, 29 जनवरी . केंद्रीय बजट-2026 को लेकर कर्नाटक Government के मंत्री दिनेश गुंडू राव ने भाजपा पर निशाना साधा है. उन्होंने कहा कि केंद्रीय बजट में जो भी घोषणाएं की जाती हैं, उन्हें लागू किया जाना चाहिए. दुर्भाग्य से कर्नाटक के लिए पिछले 2-3 सालों से केंद्रीय बजट में कर्नाटक के लिए की गई कई घोषणाएं पूरी नहीं हुई हैं. उन्हें कर्नाटक को नहीं दिया गया है.
कर्नाटक Government के मंत्री दिनेश गुंडू राव ने पत्रकारों से बात करते हुए कहा, “केंद्रीय बजट की अपनी गरिमा होनी चाहिए. केंद्रीय बजट में जो भी घोषणाएं की जाती हैं, उन्हें लागू किया जाना चाहिए. यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि केंद्र Government कर्नाटक के साथ इस तरह का बर्ताव कर रही है. उन्हें पिछले वादे पूरे करने चाहिए. हम उनसे आग्रह करते हैं कि वे यह सुनिश्चित करें कि Bengaluru को वह पहचान मिले जिसका वह हकदार है. मुझे उम्मीद है कि केंद्र Government एक अच्छा बजट पेश करेगी, लेकिन मेरी उम्मीदें बहुत ज्यादा नहीं हैं क्योंकि मुझे पता है कि गैर-भाजपा शासित राज्यों के साथ जो भेदभाव किया जा रहा है, वह बहुत साफ है.”
उन्होंने कहा कि ऐसा नहीं होना चाहिए था; यह पूरी तरह से जनता के खिलाफ काम है और यह इस दुनिया भर में मशहूर, बहुत सराहे गए कानून को पूरी तरह से खत्म कर रहा है, जिसने ग्रामीण India को बदला है, जिसने खेतिहर मजदूरों और प्रवासी मजदूरों को सम्मान दिया है और उन्हें जीने का एक बेसिक स्टैंडर्ड दिया है और गरीबी हटाने में इसने अहम भूमिका निभाई है.”
पश्चिम बंगाल की Chief Minister ममता बनर्जी की ओर से प्लेन क्रैश में अजीत पवार की मौत पर की गई टिप्पणी पर मंत्री दिनेश गुंडू राव ने कहा, “हादसों की जांच तो होनी ही चाहिए, क्योंकि सुरक्षा और सही स्टैंडर्ड बनाए रखना बहुत जरूरी है, लेकिन हमें इस बात में नहीं पड़ना चाहिए कि इसके पीछे कोई साजिश है, क्योंकि मुझे लगता है कि यह बेवजह है. हादसे होते रहते हैं, चाहे वह प्लेन में हो, बस में हो, या ट्रेन में हो, लेकिन हमें यह देखना चाहिए कि सुरक्षा स्टैंडर्ड बनाए जा रहे हैं और सभी नियमों का पालन किया जा रहा है. मुझे लगता है कि यह सबसे जरूरी है.”
मुडा जमीन घोटाला मामले में Chief Minister सिद्धारमैया की कानूनी जीत पर मंत्री दिनेश गुंडू राव ने कहा, “यह बहुत अच्छी बात है. दुर्भाग्य से, पहले दिन से ही इस मामले का बहुत ज्यादा Politicalरण किया गया. सिद्धारमैया ने कोई गलत काम नहीं किया था, कोई गलती नहीं की थी. इसके बावजूद, इसके बावजूद, वह उन साइटों को वापस देने के लिए भी आगे आए, हालांकि उन्होंने कोई गलती नहीं की थी.”
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एसएके/पीएसके