
न्यूटाउन, 3 जून . पश्चिम बंगाल के मंत्री और भाजपा नेता दिलीप घोष ने टीएमसी प्रमुख ममता बनर्जी के धरने को लेकर तंज कसा. उन्होंने कहा कि टीएमसी का यह प्रदर्शन जबरन कराया गया था और इस धरने में न तो पार्टी के सांसद और न ही विधायक शामिल हुए.
दरअसल, टीएमसी सांसद अभिषेक बनर्जी पर हुए हमले के विरोध में टीएमसी अध्यक्ष ममता बनर्जी ने Tuesday को धरना दिया. लेकिन, 80 विधायकों वाली टीएमसी के मात्र 8 विधायक ही ममता के साथ इस धरने में मौजूद रहे. वहीं, इस धरने में उनके साथ 6 सांसद ही दिखे.
ममता बनर्जी के प्रदर्शन पर दिलीप घोष ने मीडिया से बातचीत में तंज लहजे में कहा, “यह धरना व्यापक नहीं था, यह जबरन कराया गया था. इस धरने में पार्टी के सांसद और न ही विधायक शामिल हुए. केवल वे लोग मौजूद थे, जिनके पास जाने के लिए कोई और जगह नहीं थी. ममता बनर्जी को समझना चाहिए कि अभी रास्ते पर उतरने का समय नहीं आया है; थोड़ा शांति रखें और आराम करें.”
टीएमसी के नाराज विधायकों के साथ बैठक करने पर दिलीप घोष ने कहा, “शिवसेना जैसी पुरानी पार्टी, सत्ता के खेल में जब टूट गई तो टीएमसी की क्या बात है? मुझे लगता है कि ये लड़ाई परिवारवाद के खिलाफ है. टीएमसी के विधायक परिवारवाद से बाहर जाना चाहते हैं.”
भाई बाबुन बनर्जी के भाजपा में शामिल होने की अपील पर मंत्री दिलीप घोष ने कहा, “जो लोग हमारे नेताओं का नाम लेकर उन्हें गाली देते थे, वही अब उन्हें माला पहना रहे हैं और उनकी पूजा-अर्चना कर रहे हैं. समय बदलता है, लेकिन जनता जानती है कि उन्होंने क्या-क्या किया है. जब जनता मूल्यांकन और निर्णय करेगी, तभी सही फैसला होगा.”
खान सर के कोचिंग सेंटर पर फायरिंग को लेकर पश्चिम बंगाल Government के मंत्री दिलीप घोष ने कहा, “कोई भी व्यक्ति अपनी राय रख सकता है, लेकिन कानून हाथ में लेना गलत है. बिहार की Government इस पर कार्रवाई करेगी.”
पश्चिम बंगाल में बुलडोजर एक्शन पर ममता बनर्जी द्वारा सवाल उठाए जाने पर दिलीप घोष ने कहा कि ममता दीदी, अपनी पार्टी को बचाइए; दूसरों के घर के बारे में चिंता छोड़ दीजिए.
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ओपी/एसके