गुजरात के डेटा सेंटर लक्ष्यों की तुलना में डिप्टी सीएम संघवी ने विफल सेमीकंडक्टर पहलों पर उठाए सवाल

गांधीनगर, 9 जुलाई . Gujarat के उपChief Minister हर्ष संघवी ने Thursday को India के पिछले दशकों में सेमीकंडक्टर उद्योग स्थापित करने के असफल प्रयासों और Gujarat की डेटा सेंटर इकोसिस्टम विकसित करने की नई पहल के बीच तुलना करते हुए कहा कि राज्य Government नई ‘विकसित Gujarat – डेटा सेंटर नीति 2026-29’ के माध्यम से अतीत की गलतियों को दोहराने से बचने का इरादा रखती है.
गांधीनगर में Chief Minister भूपेंद्र पटेल द्वारा नई नीति के शुभारंभ के बाद उपChief Minister हर्ष संघवी ने कहा कि India ने पहले भी सेमीकंडक्टर उद्योग स्थापित करने के कई प्रयास देखे लेकिन बड़ी नीतिगत घोषणाओं के बावजूद वे सफल नहीं हो सके. हालांकि अब देश वैश्विक विनिर्माण (मैन्युफैक्चरिंग) केंद्र के रूप में उभर रहा है.
उन्होंने कहा, “हमने इस देश में वह दौर भी देखा है जब दुनिया सेमीकंडक्टर मिशन में तेजी से आगे बढ़ रही थी. वर्ष 1976 में Prime Minister की मौजूदगी में हुई कैबिनेट बैठक में सेमीकंडक्टर मिशन पर निर्णय लिया गया था लेकिन अंततः 1990 तक यह मिशन असफल हो गया.”
उन्होंने कहा कि वर्ष 2006 से 2009 के बीच भी एक और प्रयास किया गया था, जब हैदराबाद में सेमीकंडक्टर पार्क स्थापित करने की योजना की घोषणा की गई थी.
उन्होंने कहा, “एक बार फिर सेमीकंडक्टर मिशन का सपना अधूरा रह गया. वर्ष 2009 में उस सेमीकंडक्टर पार्क के लिए निर्धारित जमीन को रियल एस्टेट परियोजना में बदल दिया गया. देश ने ऐसा दौर भी देखा है.”
हालिया घटनाक्रम का उल्लेख करते हुए संघवी ने कहा कि वर्ष 2021 में सेमीकंडक्टर मिशन को फिर से गति मिलने के बाद Gujarat इसका प्रमुख लाभार्थी बनकर उभरा है.
उन्होंने कहा, “वर्ष 2025 से देश में कई सेमीकंडक्टर फैब स्थापित हो रहे हैं और ओसैट (ओएसएटी) सुविधाओं का उद्घाटन किया जा रहा है. केवल चार महीनों के भीतर Gujarat की धरती पर तीन से अधिक सेमीकंडक्टर ओसैट इकाइयों का उद्घाटन हो चुका है.”
उन्होंने उभरती प्रौद्योगिकियों में निवेश आकर्षित करने का श्रेय राज्य की प्रभावी कार्यान्वयन क्षमता को दिया.
उन्होंने कहा, “Prime Minister मोदी के नेतृत्व और Chief Minister भूपेंद्र पटेल के मार्गदर्शन में Gujarat Government की टीम ने यह साबित किया है कि जब Gujarat और देश किसी दिशा में आगे बढ़ने का निर्णय लेते हैं, तो उसे धरातल पर लागू करने की पूरी क्षमता भी रखते हैं.”
संघवी ने कहा कि Gujarat अब देश का पहला राज्य बन गया है जिसने औपचारिक रूप से एक समर्पित डेटा सेंटर नीति लागू की है.
उन्होंने कहा, “काफी समय से देश के कई राज्य डेटा सेंटर की बात कर रहे थे, लेकिन Gujarat पहला राज्य है जिसने आधिकारिक तौर पर डेटा सेंटर नीति लॉन्च की है.”
उन्होंने बताया कि इस नीति की शुरुआती नियोजित क्षमता 7.5 गीगावॉट रखी गई है, जबकि निवेशकों की रुचि पहले ही इस लक्ष्य से अधिक हो चुकी है.
उन्होंने दावा किया, “यह नीति 7.5 गीगावॉट क्षमता के साथ शुरू की जा रही है, लेकिन पूरे Gujarat में इसके लिए लगभग दोगुनी क्षमता की मांग पहले ही सामने आ चुकी है. India और दुनिया की कई अग्रणी कंपनियों ने Gujarat Government को राज्य के विभिन्न स्थानों पर अपने डेटा सेंटर स्थापित करने के लिए अनुरोध पत्र भेजे हैं.”
‘विकसित Gujarat डेटा सेंटर नीति 2026-29’ के तहत हाइपरस्केल डेटा सेंटरों और कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) अवसंरचना के लिए वित्तीय और गैर-वित्तीय प्रोत्साहन दिए जाएंगे. इनमें पूंजीगत सब्सिडी, बिजली शुल्क में सहायता, कर प्रतिपूर्ति (टैक्स रिइम्बर्समेंट) तथा नवीकरणीय ऊर्जा और सतत जल उपयोग को बढ़ावा देने वाले प्रावधान शामिल हैं.
राज्य Government को उम्मीद है कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता आधारित कंप्यूटिंग और क्लाउड सेवाओं की बढ़ती मांग के बीच यह नीति डिजिटल अवसंरचना में निवेश को प्रोत्साहित करेगी.
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पीएम


