
Mumbai , 4 जुलाई . Maharashtra के उपChief Minister और शिवसेना प्रमुख एकनाथ शिंदे की अचानक तबीयत बिगड़ने के बाद उन्हें ठाणे के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया. शुरुआती जानकारी के अनुसार, विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम उनकी निगरानी कर रही है और फिलहाल उनकी हालत पूरी तरह स्थिर बताई जा रही है.
शिवसेना सूत्रों के मुताबिक, पिछले कुछ दिनों से लगातार व्यस्त Political कार्यक्रमों, अत्यधिक शारीरिक मेहनत और काम के भारी दबाव के कारण उनकी सेहत पर असर पड़ा.
Friday को Maharashtra विधानसभा का सत्र चल रहा था, तभी उन्हें तेज बुखार और काफी कमजोरी महसूस हुई. इसके बावजूद उन्होंने शुरुआत में अपना काम जारी रखा, लेकिन बाद में तबीयत ज्यादा बिगड़ने पर उन्हें तुरंत ठाणे के अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा.
पार्टी सूत्रों ने स्पष्ट किया कि एकनाथ शिंदे इलाज और डॉक्टरों की निगरानी के लिए अस्पताल में हैं, लेकिन उनकी सेहत को लेकर किसी गंभीर चिंता की बात नहीं है.
बताया जा रहा है कि हाल के दिनों में एकनाथ शिंदे लगातार Political गतिविधियों में बेहद सक्रिय थे. खासकर ‘ऑपरेशन टाइगर’ के तहत उन्होंने बड़ी Political रणनीति पर काम किया. इसी अभियान के दौरान उद्धव ठाकरे गुट के छह सांसदों और एमएलसी सचिन अहीर ने शिंदे की शिवसेना का दामन थामा. इस पूरे अभियान को सफल बनाने के लिए एकनाथ शिंदे को लगातार काम करना पड़ा और कई बार New Delhi की यात्राएं भी करनी पड़ीं.
उनकी तबीयत खराब होने का असर Friday को ठाणे में आयोजित एक महत्वपूर्ण Political कार्यक्रम पर भी पड़ा. उद्धव ठाकरे गुट की शिवसेना की धुले की प्रमुख नेता और उपनेता शुभांगी पाटील को शाम 4 बजे गंगूबाई शिंदे हॉल में आधिकारिक रूप से एकनाथ शिंदे की शिवसेना में शामिल होना था, लेकिन एकनाथ शिंदे के अस्पताल में भर्ती होने के कारण यह कार्यक्रम टालना पड़ा.
बाद में देर रात यह कार्यक्रम आयोजित किया गया और करीब रात 1:15 बजे इसका समापन हुआ. डिप्टी सीएम की अनुपस्थिति में उनके बेटे और सांसद डॉ श्रीकांत शिंदे ने रात 2 बजे वरिष्ठ पार्टी पदाधिकारियों की मौजूदगी में शुभांगी पाटील को पार्टी की सदस्यता दिलाई.
बता दें कि शुभांगी पाटिल इससे पहले महा विकास अघाड़ी (एमवीए) की उम्मीदवार के रूप में नासिक स्नातक निर्वाचन क्षेत्र का चुनाव लड़ चुकी हैं.
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वीकेयू/डीकेपी