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Saturday, 24 October 2026
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पीओके में प्रदर्शन: रावलाकोट में सड़कों पर उतरे छात्र, पाकिस्तानी कार्रवाई के खिलाफ उठी आवाज

पीओके में प्रदर्शन: रावलाकोट में सड़कों पर उतरे छात्र, Pakistanी कार्रवाई के खिलाफ उठी आवाज

इस्लामाबाद, 14 जुलाई . Pakistan कब्‍जे वाले कश्मीर (पीओके) में बढ़ते तनाव के बीच रावलाकोट के ईदगाह मैदान में सैकड़ों स्कूली बच्चे अपने स्कूल यूनिफॉर्म में, शिक्षकों और माता-पिता के साथ जमा हुए. बच्चों ने हाथों में सफेद झंडे लिए और इलाके में Pakistanी सेना की कथित सख्त कार्रवाई का विरोध किया.

यह प्रदर्शन उस समय हुआ जब Pakistanी अधिकारियों ने चेतावनी दी थी कि हाल ही में प्रतिबंधित किए गए जॉइंट अवामी एक्शन कमेटी (जेएएसी) के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी, अगर उसके तय विरोध प्रदर्शनों के दौरान छात्रों से जुड़ी कोई अप्रिय घटना होती है.

इस चेतावनी को नजरअंदाज करते हुए Monday को बड़ी संख्या में छात्र सड़कों पर उतरे. उन्होंने ऐसे बैनर पकड़े हुए थे जिन पर लिखा था, ‘अंतरराष्ट्रीय मीडिया हमें कवरेज दे.’ छात्रों ने Pakistanी सेना के खिलाफ नारे भी लगाए.

पीओके में चल रहे ये विरोध प्रदर्शन इस इलाके पर इस्लामाबाद के लंबे समय से चले आ रहे नियंत्रण को सीधी चुनौती के रूप में देखे जा रहे हैं. रिपोर्टों के अनुसार, Pakistanी सुरक्षाबलों की कार्रवाई में कई आम नागरिकों की मौत हुई है और कई घायल हुए हैं. इस दौरान इलाके में कड़ी पाबंदियां, कर्फ्यू, और संचार व्यवस्था पूरी तरह बंद रहने जैसी स्थिति बनी हुई है.

इस बीच, यूनाइटेड कश्मीर पीपुल्स नेशनल पार्टी (यूकेपीएनपी) ने एक सम्मेलन आयोजित किया, जिसमें पीओके और दुनिया भर में रह रहे कश्मीरियों के प्रतिनिधि, पत्रकार और सामाजिक कार्यकर्ता शामिल हुए. सम्मेलन में इलाके में मानवाधिकार उल्लंघन, जारी घेराबंदी और आम लोगों पर हुई कार्रवाई पर चर्चा की गई.

यूकेपीएनपी के अनुसार, सम्मेलन में शामिल लोगों ने Pakistanी अधिकारियों से मांग की कि वे तुरंत बल प्रयोग, मनमाने तरीके से गिरफ्तारियां और जबरन गायब किए जाने की घटनाएं बंद करें. उन्होंने सभी गिरफ्तार लोगों को रिहा करने, उन्हें अदालतों के सामने पेश करने और पांच जून के बाद मारे गए लोगों के शवों को बिना शर्त उनके परिवारों को सौंपने की मांग की.

समूह ने मांग की कि जॉइंट अवामी एक्शन कमेटी (जेएएसी) पर लगाया गया प्रतिबंध हटाया जाए, इंटरनेट और मोबाइल सेवाएं बहाल की जाएं और इलाके में भोजन और दवाइयों जैसी जरूरी चीजों की आपूर्ति फिर से शुरू की जाए.

इसके अलावा, उसने मांग की कि Pakistanी सुरक्षा बलों को अस्पतालों से हटाया जाए, ताकि लोगों को सुरक्षित इलाज मिल सके.

पिछले हफ्ते जेएएसी ने 15 जुलाई को पीओके की राजधानी मुजफ्फराबाद की ओर लंबा मार्च निकालने का ऐलान किया था और पूरे इलाके के लोगों से बड़ी संख्या में इसमें शामिल होने की अपील की थी.

जेएएसी ने रिपोर्टों का हवाला देते हुए यह भी कहा कि Pakistanी सुरक्षाबलों की गोलीबारी में दो और युवकों की मौत हुई है, जिससे इलाके में तनाव और बढ़ गया है.

जेएएसी ने social media प्लेटफॉर्म ‘एक्‍स’ पर लिखा, “मुजफ्फराबाद विधानसभा में बैठे हर शासक इस नरसंहार के लिए जिम्मेदार हैं. लोग याद रखेंगे कि हमारे इन युवाओं के हत्यारे Pakistanी सुरक्षाबल और मुजफ्फराबाद के शासक हैं.”

समूह ने आगे कहा, “एक तरफ हम अपने युवा भाइयों के शव उठा रहे हैं. एक महीने पहले मारे गए लोगों के अवशेष अभी भी हिरासत में रखे हुए हैं, और दूसरी तरफ शासक इस घटना को नजरअंदाज कर इसे चुनावी उत्सव में बदल रहे हैं. हम इन हत्यारों से अपने मारे गए लोगों के खून का हिसाब लेंगे.”

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एवाई/डीकेपी

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