दिल्ली सरकार ने 8वीं विधानसभा की समितियों के लिए बढ़ाई नौकरशाही की जवाबदेही

New Delhi, 10 फरवरी . लेजिस्लेटिव निगरानी को मजबूत करने की दिशा में एक अहम कदम उठाते हुए दिल्ली Government ने आठवीं दिल्ली विधानसभा की समितियों के कामकाज को प्राथमिकता देने के लिए औपचारिक दिशा-निर्देश जारी किए हैं.

यह निर्देश राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली Government (जीएनसीटीडी) के जनरल एडमिनिस्ट्रेशन डिपार्टमेंट की ओर से जारी किए गए हैं. इसका मकसद यह सुनिश्चित करना है कि विधानसभा की समितियों को समय पर जानकारी मिले और प्रशासनिक स्तर पर जवाबदेही बनी रहे.

जारी सर्कुलर में सभी प्रशासनिक सचिवों को निर्देश दिया गया है कि वे विधानसभा की विभिन्न समितियों की बैठकों में स्वयं उपस्थित रहें और अपने-अपने विभागों से संबंधित सभी जरूरी दस्तावेज, रिपोर्ट और जानकारी समय पर उपलब्ध कराएं. Government ने साफ तौर पर कहा है कि विभागों को विधानसभा समितियों के काम में पूरा सहयोग देना होगा, ताकि निगरानी की प्रक्रिया में कोई बाधा न आए.

निर्देशों में यह भी कहा गया है कि शासन में किसी भी तरह की देरी से बचने के लिए समितियों की बैठकों को प्राथमिकता दी जाए. अगर किसी कारणवश संबंधित प्रशासनिक सचिव बैठक में शामिल नहीं हो पाते हैं, तो उनकी जगह किसी जानकार वरिष्ठ अधिकारी को भेजा जा सकता है. लेकिन, इसके लिए पहले से अनुमति लेना अनिवार्य होगा. बिना अनुमति किसी अधिकारी की गैरहाजिरी को गंभीरता से लिया जाएगा.

दिल्ली Government का मानना है कि इस कदम से कार्यपालिका और विधानसभा के बीच तालमेल बेहतर होगा और Governmentी विभागों की जवाबदेही भी बढ़ेगी. विधानसभा की समितियां नीतियों, योजनाओं और विभागीय कामकाज की समीक्षा करती हैं, ऐसे में अधिकारियों की सक्रिय भागीदारी से निर्णय प्रक्रिया को मजबूत किया जा सकेगा.

Government का यह भी कहना है कि विधानसभा समितियों को समय पर जानकारी और सहयोग मिलने से शासन व्यवस्था में पारदर्शिता आएगी और जनता से जुड़े मुद्दों पर प्रभावी कार्रवाई हो सकेगी. यह निर्देश ऐसे समय में आए हैं, जब नई आठवीं दिल्ली विधानसभा का गठन हो चुका है और समितियों का कामकाज शुरू हो रहा है.

एमएस/

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