
Mumbai , 21 मार्च . India के उपPresident, सीपी राधाकृष्णन ने Saturday को रतन टाटा Maharashtra राज्य कौशल विश्वविद्यालय, Mumbai के प्रथम दीक्षांत समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में हिस्सा लिया और स्नातक छात्रों को कौशल विकास, रोजगार क्षमता, और नई युग की प्रौद्योगिकियों के महत्व पर संबोधित किया.
उपPresident ने सभा को संबोधित करते हुए कहा कि दीक्षांत समारोह सिर्फ शैक्षणिक उपलब्धि का उत्सव नहीं है, बल्कि कुशल मानव पूंजी का वैश्विक केंद्र बनने की दिशा में India की यात्रा में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है. राधाकृष्णन ने स्नातक छात्रों को बधाई देते हुए कहा कि विश्वविद्यालय के पहले बैच के रूप में स्नातक होने के कारण उन्होंने इतिहास रच दिया है.
उन्होंने Maharashtra और अन्य राज्यों के Governor के रूप में अपने पूर्व कार्यकाल पर विचार करते हुए इस बात पर जोर दिया कि विश्वविद्यालयों और शैक्षणिक संस्थानों को आधुनिक चुनौतियों का सामना करने और शिक्षा को उद्योग की आवश्यकताओं के अनुरूप ढालने के लिए अपने पाठ्यक्रम को लगातार अद्यतन करना चाहिए. उन्होंने इस बात पर बल दिया कि डिग्रियां तभी सार्थक होती हैं जब वे रोजगार के अवसर प्रदान करती हैं और कौशल विकास और नई तकनीकों पर अधिक ध्यान देने का आह्वान किया.
उपPresident ने कहा कि Prime Minister Narendra Modi के नेतृत्व में India ने कौशल विकास और मानव पूंजी विकास के प्रति अपने दृष्टिकोण में एक क्रांतिकारी बदलाव देखा है. उन्होंने स्किल इंडिया, पीएम-एसईटीयू, स्किल इंडिया डिजिटल हब, कौशल विकास और उद्यमिता मंत्रालय की स्थापना और व्यावसायिक प्रशिक्षण में सुधार जैसी प्रमुख पहलों पर प्रकाश डाला और कहा कि इन पहलों ने India में युवाओं को भविष्य के लिए तैयार करने के तरीके को पूरी तरह से बदल दिया है.
उन्होंने Maharashtra के Chief Minister देवेंद्र फडणवीस की दूरदर्शिता की भी सराहना की और कहा कि राज्य अब अग्रणी वैश्विक अर्थव्यवस्थाओं के साथ प्रतिस्पर्धा कर रहा है.
उन्होंने India की जनसांख्यिकीय श्रेष्ठता के बारे में बोलते हुए कहा कि यदि India की युवा आबादी को उचित कौशल प्रदान किया जाए तो वे एक बड़ी शक्ति बन सकती हैं, लेकिन यदि उन्हें सही कौशल से लैस न किया जाए तो वे एक चुनौती भी बन सकती हैं. उन्होंने छात्रों से आग्रह किया कि वे जहां भी काम करें, India की प्रतिभा और क्षमता के राजदूत के रूप में कार्य करें और कहा कि उनका समर्पण और व्यावसायिकता India की वैश्विक साख को बढ़ाएगी.
उपPresident ने रतन टाटा की विरासत का जिक्र करते हुए कहा कि विश्वविद्यालय पर शिक्षा और रोजगार के बीच की खाई को पाटने और सामाजिक रूप से जिम्मेदार व्यक्तियों का पोषण करने की गहरी जिम्मेदारी है. उन्होंने कहा कि उद्योग को सामाजिक जिम्मेदारी की भावना के साथ विकसित होना चाहिए, जो महान नेताओं को राष्ट्र के लिए आदर्श बनाता है.
उपPresident ने ‘ड्रग्स को न कहें’ अभियान का भी शुभारंभ किया और कॉर्पोरेट सामाजिक जिम्मेदारी (सीएसआर) पहलों के तहत उद्योग भागीदारों द्वारा स्थापित प्रदर्शनी का दौरा किया.
दीक्षांत समारोह में Maharashtra के Governor जिष्णु देव वर्मा, Chief Minister देवेंद्र फडणवीस, उपChief Minister सुनेत्रा अजित पवार, और कौशल, रोजगार, उद्यमिता और नवाचार मंत्री मंगल प्रभात लोढ़ा उपस्थित थे.
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डीकेपी/