
Bengaluru, 28 फरवरी . कर्नाटक के Chief Minister सिद्धारमैया ने Saturday को कहा कि ओल्ड पेंशन स्कीम (ओपीएस) पर फैसला कैबिनेट में डिटेल में चर्चा के बाद लिया जाएगा.
उन्होंने कहा कि सैलरी इंक्रीमेंट और प्रमोशन से जुड़ी मांगों को भी पूरा करने की कोशिश की जाएगी.
Chief Minister Bengaluru के पैलेस ग्राउंड्स में त्रिपुरा वासिनी में कर्नाटक स्टेट प्राइमरी स्कूल टीचर्स एसोसिएशन द्वारा आयोजित राज्य-स्तरीय एजुकेशनल मेगा कॉन्फ्रेंस और गोल्डन जुबली प्रोग्राम का उद्घाटन करने के बाद बोल रहे थे.
उन्होंने कहा कि टीचर्स की उठाई गई कई मांगों को अलग-अलग चरणों में पूरा किया जाएगा और याद दिलाया कि वित्त मंत्री के तौर पर उनके पहले के कार्यकाल के दौरान, पांच सालों में एक लाख टीचर्स की भर्ती की गई थी.
उन्होंने यह भी बताया कि छठे और सातवें पे कमीशन को लागू किया गया है और भरोसा दिलाया कि पेंडिंग मांगों को पूरा करने के लिए ईमानदारी से कोशिश की जाएगी.
देश बनाने में टीचर्स की भूमिका पर जोर देते हुए, सिद्धारमैया ने कहा कि उन्हें अच्छा व्यवहार बनाए रखना चाहिए और बच्चों को एक प्रोग्रेसिव समाज बनाने में मदद करने के लिए लॉजिकल और साइंटिफिक शिक्षा देनी चाहिए. उन्होंने टीचर्स से ऐसे स्टूडेंट्स तैयार करने की अपील की जो देश का भविष्य बना सकें.
उन्होंने कहा कि आजादी के समय देश में लिटरेसी रेट लगभग 12 से 15 प्रतिशत था, जो अब बढ़कर लगभग 74 प्रतिशत हो गया है. हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि यह देखना जरूरी है कि दी जा रही शिक्षा अच्छी क्वालिटी की है और समाज की चुनौतियों का सामना कर रही है या नहीं.
Chief Minister ने कहा कि शिक्षा में बदलाव में कमी सिर्फ टीचरों की वजह से नहीं है, बल्कि इसके लिए सिस्टम से जुड़े कारण भी हैं, जिनमें गहरी सामाजिक असमानताएं भी शामिल हैं. जाति व्यवस्था और मौजूदा सामाजिक प्रथाओं का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि शिक्षा को अंधविश्वास और भेदभाव को खत्म करने में मदद करनी चाहिए.
उपChief Minister डी.के. शिवकुमार, मंत्री मधु बंगरप्पा, विधान परिषद सदस्य पुट्टन्ना और रामोजी गौड़ा, प्रो. बारागुरु रामचंद्रप्पा, बसवराज गुलिकार, राज्य प्राथमिक विद्यालय शिक्षक संघ के अध्यक्ष चंद्रशेखर नुग्गली और अन्य लोग इस कार्यक्रम में मौजूद थे.
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एससीएच