बेटियों ने पुलिस ट्रेनिंग में दिया मजबूती, तत्परता, समर्पण और अनुशासन का परिचय : सीएम योगी

Lucknow, 26 अप्रैल . उत्तर प्रदेश के Chief Minister योगी आदित्यनाथ ने कहा कि आरक्षी प्रशिक्षण के दौरान बेटियों ने जिस मजबूती, तत्परता, समर्पण व अनुशासन का परिचय दिया है, वह सराहनीय है. अनुशासन व टीमवर्क का उत्कृष्ट भाव सबसे बड़ी ताकत है. इन सबको समाहित करते हुए देश के लिए सर्वोत्कृष्ट योगदान देने की भावना वर्दीधारी बल का सबसे महत्वपूर्ण अंग होती है. प्रशिक्षण में जितना पसीना बहेगा, बाद के जीवन में उतना ही कम खून बहाने की नौबत आती है.

सीएम योगी Sunday को 60,244 आरक्षी नागरिक Police सीधी भर्ती के अंतर्गत वर्ष 2025 बैच के Police आरक्षियों के दीक्षांत परेड समारोह को संबोधित कर रहे थे. रिजर्व Police लाइन में हुए आयोजन में सीएम ने परेड का निरीक्षण किया और सलामी भी ली.

सीएम योगी ने प्रशिक्षण पूर्ण कर दीक्षांत समारोह का हिस्सा बनने वाली महिला आरक्षियों को बधाई दी और कहा कि सभी ने लगन व अनुशासन के साथ कठोर प्रशिक्षण प्राप्त किया है. अब आप सबको जनपदों की फील्ड ड्यूटी में जाना है. याद रखिए, कानून अपराधी के लिए जितना कठोर हो, नागरिकों के प्रति उतना ही संवेदनशील होना चाहिए. उन्होंने उम्मीद जताई कि सभी आरक्षी प्रशिक्षण से प्राप्त ज्ञान, कौशल व मूल्यों का उपयोग करते हुए निष्ठा, ईमानदारी व कर्तव्य परायणता से यूपी Police की गौरवशाली परंपरा को आगे बढ़ाएंगे.

उन्होंने कहा कि आज प्रदेश के 10 Police प्रशिक्षण संस्थानों, 73 जनपदों की Police लाइंस, 29 पीएसी बटालियनों, 112 रिक्रूट ट्रेनिंग सेंटरों में एक साथ आरक्षी दीक्षांत परेड आयोजित की जा रही है. 15 जून 2025 को Lucknow के डिफेंस एक्सपो ग्राउंड में केंद्रीय गृह व सहकारिता मंत्री अमित शाह ने 60,244 अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र प्रदान किए थे. 21 जुलाई से इनका प्रशिक्षण प्रारंभ हुआ. इस दौरान मैं भी विभिन्न प्रशिक्षण केंद्रों में गया और देखा कि प्रशिक्षण व सुविधाएं पहले से बेहतर हुई हैं.

सीएम योगी ने कहा कि 2017 के पहले यूपी Police के सामने चुनौती व संकट था, लेकिन हमने इसे देश के बेहतरीन Police बल के रूप में स्थापित किया. हमने 2.18 लाख से अधिक Police कार्मिकों की भर्ती और 1 लाख से अधिक Policeकर्मियों का प्रमोशन किया. 2017 में Police की ट्रेनिंग क्षमता महज 3 हजार थी, लेकिन हमने 60244 Police आरक्षियों का प्रशिक्षण यूपी के केंद्रों में ही एक साथ संपन्न किया है, जो 9 वर्ष में अर्जित की गई प्रगति को दर्शाता है.

सीएम योगी ने कहा कि 2017 के पहले Police के बैरक टूटे-फूटे, खपड़ैल व टीनशेड के होते थे, लेकिन अब 55 जनपदों में Police कार्मिकों के बैरक व आवासीय सुविधा के हाईराइज भवन दिखाई देते हैं. प्रशिक्षण केंद्र उत्कृष्ट हो रहे हैं. हर प्रशिक्षु को आधारभूत प्रशिक्षण देने के साथ ही व्यावसायिक प्रशिक्षण भी दिया गया. यूपी Police ट्रेनिंग पोर्टल भी लांच किया गया. शारीरिक प्रशिक्षण को वैज्ञानिक व आधुनिक बनाने के लिए स्मार्ट पीटी प्रोग्राम लागू किया गया. आउटडोर प्रशिक्षण में पुरानी 303 नॉट राइफल के स्थान पर आधुनिक इंसास व एसएलआर राइफल द्वारा प्रशिक्षण दिया गया.

सीएम योगी ने इंटीग्रेटेड गवर्नमेंट ऑनलाइन ट्रेनिंग का जिक्र करते हुए कहा कि पीएम मोदी के मार्गदर्शन में मिशन कर्मयोगी के तहत कर्मयोगी पोर्टल पर 5 विशेष मॉडयूल तैयार किए गए. 32 विशेष प्रशिक्षण मॉड्यूल तैयार करने की प्रक्रिया चल रही है. हाल में संचालित साधना सप्ताह में शासकीय कर्मचारियों ने 1.25 करोड़ कोर्स पूर्ण कर यूपी को देश में पहला स्थान दिलवाया है. यूपी Police ने इसमें 28 लाख कोर्स पूरे किए. यूपी Police देशभर के सभी राज्यों-विभागों में चौथे स्थान पर रही है.

सीएम योगी ने कहा कि यूपी एटीएस के अधिकारियों व जवानों को एनआईए और अंतरराष्ट्रीय एजेंसियों के मानक के अनुरूप प्रशिक्षण देने का कार्य चल रहा है. Police बल को व्यावहारिक दक्षता व सॉफ्ट स्किल पर आधारित विशेष ट्रेनिंग भी दी जा रही है. 75 जनपदों में साइबर थानों की स्थापना के साथ ही Police कर्मियों को आधुनिक साइबर अपराधों से निपटने के लिए विशेष प्रशिक्षण दिया जा रहा है. Lucknow में उत्तर प्रदेश स्टेट इंस्टीट्यूट ऑफ फॉरेंसिक साइंसेस की स्थापना की गई है. यहां Police बल को वैज्ञानिक जांच की बारीकियों का प्रशिक्षण दिया जा रहा है.

उन्होंने कहा कि यूपी Police देश में मॉडल व ‘स्मार्ट’ है. यूपी Police आमजन को सुरक्षा, सुविधा उपलब्ध कराने में योगदान दे रही है. अब यूपी में दंगे नहीं होते, सत्ता के समानांतर कोई राज नहीं चलता, गुंडा टैक्स व अवैध वसूली भी नहीं होती. अब यूपी में अपराधियों के मन में भय और Police का मनोबल ऊपर है. पहले प्रदेश की छवि अराजकता-अस्थिरता का पर्याय बनी था, लेकिन अब स्पष्ट नीति व साफ नीयत का परिणाम साफ दिखाई देता है. 2017 के पहले की स्थिति बयां करते हुए सीएम ने कहा कि प्रदेश में दंगे और महीनों कर्फ्यू लगता था. कोई खुद को सुरक्षित नहीं महसूस करता था, लेकिन यूपी Police अब दंगे से पहले ही उसे रोकने में सफल है. अब यूपी में महिला कार्यबल 13 से बढ़कर 36 फीसदी से अधिक हुआ है. यूपी Police ने खुद को आर्थिक प्रगति की रीढ़ के रूप में भी तैयार किया है. इस कारण प्रदेश में बड़े पैमाने पर निवेश आ रहा है.

उन्होंने कहा कि 2019-20 से अनवरत मिशन शक्ति के अंतर्गत महिला सुरक्षा, सम्मान व स्वावलंबन के लिए कार्यक्रम बढ़ रहे हैं. हर थाने में मिशन शक्ति केंद्र बने हैं. तीन महिला पीएसी बटालियनों (Lucknow में वीरांगना ऊदा देवी, गोरखपुर में झलकारी बाई कोरी व बदायूं में अवंती बाई लोधी) का गठन किया गया है. तीन अन्य नई बटालियन के गठन की प्रक्रिया को बढ़ाया गया है. 17 नगर निगम व गौतमबुद्ध नगर में सेफ सिटी परियोजना को लागू किया है.

सीएम योगी ने कहा कि यूपी को ‘लॉ एंड ऑर्डर’ का आदर्श मॉडल बनाने और अपराध व अपराधियों के प्रति जीरो टॉलरेंस की नीति के कारण Police बल की कार्यक्षमता को बेहतर करने के लिए रिकॉर्ड स्तर पर सीधी भर्ती प्रक्रिया संपन्न की गई. इनमें अनिवार्य रूप से 20 प्रतिशत बेटियों को भर्ती किया गया है. हमारी Government ने 2017 की तुलना में यूपी Police के बजट को तीन गुना से अधिक बढ़ाया और 7 Police कमिश्नरेट भी स्थापित किए. यूपी एसएसएफ (स्पेशल सिक्योरिटी फोर्स) का गठन किया गया. पिंक Police बूथों की स्थापना हुई. एटीएस को अत्याधुनिक तकनीक, साइबर एक्सपर्ट, आधुनिक प्रशिक्षण से सुसज्जित किया गया. 12 फॉरेंसिक लैब की स्थापना की गई, 6 लैब निर्माणाधीन हैं. हर जनपद में दो-दो मोबाइल फॉरेंसिक लैब स्थापित की गईं. हमने यूपी-112 के रिस्पांस टाइम को 65 मिनट से घटाकर 6-7 मिनट लाने में सफलता हासिल की है.

एसके/

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