
रांची, 8 जून : Jharkhand में आगामी राज्यसभा चुनाव को लेकर Political गतिविधियां तेज हो गई हैं. इस बीच Jharkhand मुक्ति मोर्चा (जेएमएम) की राज्यसभा सांसद महुआ माजी ने चुनावी प्रक्रिया में पार्टी अनुशासन और ईमानदारी की आवश्यकता पर जोर दिया. उन्होंने कहा कि Jharkhand के Political इतिहास में ऐसे कई अवसर आए हैं, जब आंकड़े किसी उम्मीदवार के पक्ष में होने के बावजूद परिणाम अप्रत्याशित रहे हैं.
महुआ माजी ने से बातचीत के दौरान पिछले राज्यसभा चुनाव का उदाहरण देते हुए कहा कि जेएमएम ने बसंत सोरेन को उम्मीदवार बनाया था और उनकी जीत की पूरी संभावना मानी जा रही थी, लेकिन अंततः महेश पोद्दार विजयी रहे, जबकि उनके पास आंकड़े नहीं थे. उन्होंने कहा कि इस प्रकार की घटनाएं राज्य की राजनीति में पहले भी देखी गई हैं, इसलिए इस बार सभी दलों और विधायकों को गठबंधन तथा पार्टी नेतृत्व के निर्देशों का पूरी निष्ठा से पालन करना चाहिए.
महुआ माजी ने कहा कि इंडिया गठबंधन और उससे जुड़े दलों द्वारा जो भी दिशा-निर्देश जारी किए जाएं, उनका पालन सभी सदस्यों की जिम्मेदारी है. उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि चाहे जेएमएम हो या कांग्रेस, पार्टी के निर्वाचित प्रतिनिधियों को नेतृत्व के फैसलों का सम्मान करना चाहिए. यदि कोई सदस्य पार्टी लाइन से हटकर कार्य करता है, तो उसे Political भाषा में ‘हॉर्स ट्रेडिंग’ कहा जाता है.
वहीं, उन्होंने नीट पेपर लीक मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए केंद्र Government और परीक्षा आयोजित करने वाली एजेंसियों की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए. उन्होंने कहा कि इस पूरे प्रकरण में Governmentी स्तर पर गंभीर लापरवाही दिखाई देती है. जिन एजेंसियों को परीक्षा आयोजित करने की जिम्मेदारी सौंपी जाती है, यदि वे पहले से विवादों में रही हों और फिर भी उन्हें महत्वपूर्ण परीक्षाओं का दायित्व दिया जाए, तो इससे संदेह पैदा होना स्वाभाविक है. इस मामले में कहीं न कहीं मिलीभगत की आशंका भी नजर आती है.
महुआ माजी ने मांग की कि नीट पेपर लीक मामले की निष्पक्ष और गहन जांच कर दोषियों की पहचान की जाए तथा उनके खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्रवाई की जाए.
उन्होंने आगे कहा कि भाजपा का पूरा ध्यान केवल चुनाव जीतने और Political लाभ हासिल करने पर केंद्रित रहता है. उन्होंने कहा कि भाजपा विपक्षी दलों के सांसदों और विधायकों को अपने पक्ष में करने की राजनीति पर अधिक जोर देती है, जबकि छात्रों और युवाओं के भविष्य से जुड़े गंभीर मुद्दों को पर्याप्त महत्व नहीं दिया जाता. उन्होंने कहा कि नीट परीक्षा को लेकर देशभर में छात्रों द्वारा किए जा रहे विरोध प्रदर्शनों से Government को सबक लेना चाहिए और शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए तत्काल प्रभावी कदम उठाने चाहिए.
महुआ माजी ने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि Government समय रहते सतर्क नहीं हुई और छात्रों की चिंताओं को गंभीरता से नहीं लिया गया तो आने वाले समय में शिक्षा व्यवस्था को लेकर व्यापक असंतोष और बड़ा संकट उत्पन्न हो सकता है.
–
एएसएच/डीकेपी