
New Delhi, 26 अप्रैल . भगवंत मान के नेतृत्व वाली पंजाब Government ने Sunday को पूर्व भारतीय क्रिकेटर और राज्यसभा सांसद हरभजन सिंह की सुरक्षा वापस ली थी, जिसके कुछ ही घंटों बाद केंद्र Government ने हस्तक्षेप किया. हरभजन सिंह को सीआरपीएफ की ओर से ‘वाई कैटेगरी’ की सुरक्षा दी गई है.
उनके अलावा, राज्यसभा सांसद अशोक मित्तल को भी वाई श्रेणी की सुरक्षा मुहैया कराई गई है. सुरक्षा संबंधी चिंताओं के कारण यह कदम उठाया गया है.
उल्लेखनीय है कि हाल ही में राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा ने आम आदमी पार्टी (आप) का साथ जोड़कर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) का दामन थामा है. चड्ढा ने कहा था कि उनके सहित 7 राज्यसभा सांसद भाजपा में शामिल होने वाले हैं. इन सांसदों में राघव चड्ढा ने हरभजन सिंह का नाम भी लिया था.
प्रेस कॉन्फ्रेंस में राघव चड्ढा ने बताया कि पार्टी छोड़ने वाले 7 सांसदों में उनके अलावा, संदीप पाठक, अशोक मित्तल, हरभजन सिंह, स्वाति मालीवाल और राजेंद्र गुप्ता शामिल हैं.
आम आदमी पार्टी ने कुछ दिनों पहले ही राघव चड्ढा को डिप्टी लीडर के पद से हटाकर डॉ. अशोक मित्तल को राज्यसभा में अपनी पार्टी का डिप्टी लीडर नियुक्त किया था. अशोक मित्तल अप्रैल 2022 में राज्यसभा के सांसद बने थे, जिसके बाद से वह कई संसदीय समितियों के सदस्य रह चुके हैं.
राघव चड्ढा के इस बयान के बाद सियासी माहौल गर्मा गया. पार्टी के कार्यकर्ताओं ने हरभजन सिंह और अशोक मित्तल के आवास के बाहर प्रदर्शन किया. इस दौरान पुतले फूंके गए और नारेबाजी हुई, जिसके बाद सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट हुईं और हरभजन सिंह के साथ अशोक मित्तल के आवास के बाहर सीआरपीएफ तैनात की गई, ताकि किसी अप्रिय घटना से निपटा जा सके.
फिलहाल आम आदमी पार्टी के भीतर Political उथल-पुथल जारी है. पार्टी के कई प्रमुख नेताओं के पाला बदलने के बाद पंजाब और दिल्ली की राजनीति में हलचल तेज हो गई है.
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आरएसजी/एबीएम