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Saturday, 24 October 2026
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नीट पेपर बेचने के नाम पर ठगी, लॉ के छात्र को क्राइम ब्रांच ने दबोचा

नीट पेपर बेचने के नाम पर ठगी, लॉ के छात्र को क्राइम ब्रांच ने दबोचा

इंदौर, 22 जून . Madhya Pradesh के इंदौर में क्राइम ब्रांच की एसआईटी ने एक प्रथम वर्ष के लॉ छात्र को गिरफ्तार किया है. आरोप है कि वह कथित तौर पर नीट परीक्षा का पेपर उपलब्ध कराने के नाम पर social media के जरिए ठगी करने में शामिल था.

इंदौर के डीसीपी राजेश त्रिपाठी ने बताया कि आरोपी ने चैटजीपीटी का इस्तेमाल करके पेपर तैयार किए थे. आरोपी के खाते में 25 से 30 हजार रुपए आ चुके थे. उन्होंने बताया कि इंस्टाग्राम पर अपने फॉलोअर्स बढ़ाने और गलत तरीके से पैसे कमाने के लिए गलत पेपर बनाकर बेचे थे. डीसीपी राजेश त्रिपाठी ने बताया कि तकनीकी आधार पर जांच और इंस्टाग्राम पर उसे फॉलो करके गिरफ्तार किया गया. आरोपी के खिलाफ आईटी एक्ट की विभिन्न धाराओं के तहत कार्रवाई की गई है.

क्राइम ब्रांच से मिली जानकारी के अनुसार, गिरफ्तार आरोपी अक्षय मालवीय निवासी आंगन शक्करखेड़ी, लसूड़िया है. वह इंदौर के एक लॉ कॉलेज में प्रथम वर्ष का छात्र है. Police के अनुसार, अक्षय ने नीट परीक्षा से पहले इंस्टाग्राम पर वर्ष 2026 के कथित प्रश्नपत्र उपलब्ध कराने संबंधी कई पोस्ट वायरल की थीं. इन पोस्टों में दिए गए लिंक पर क्लिक करने के बाद अभ्यर्थियों को भुगतान करने के लिए कहा जाता था. भुगतान करने के बाद ही लिंक खुलता था और उसमें कथित तौर पर परीक्षा से संबंधित सामग्री दिखाई जाती थी.

जांच में सामने आया है कि नीट परीक्षा रद्द होने और पेपर लीक की चर्चाओं के दौरान भी आरोपी ने इसी तरह की भ्रामक पोस्ट social media पर प्रसारित की थीं. इसी वजह से वह पहले से ही साइबर Police की निगरानी में था. Police के मुताबिक आरोपी ने करीब 22 से 23 लोगों से अपने अकाउंट के माध्यम से यूपीआई से भुगतान प्राप्त किया था.

प्रारंभिक जांच में यह भी पता चला है कि आरोपी social media के माध्यम से लोगों को गुमराह कर आर्थिक लाभ कमाने का प्रयास कर रहा था. उसने पुराने प्रश्नपत्रों और उपलब्ध सामग्री के आधार पर नए प्रश्नपत्र जैसे दस्तावेज तैयार किए और उन्हें असली पेपर बताकर प्रचारित किया. इच्छुक अभ्यर्थियों को भुगतान के बाद ही इन दस्तावेजों तक पहुंच मिलती थी.

इंदौर Police के अनुसार, Saturday को कोटा Police ने इस संबंध में इंदौर Police को ई-मेल भेजकर जानकारी शेयर की थी. इसके बाद इंदौर क्राइम ब्रांच की एसआईटी ने जांच तेज की और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर आरोपी को हिरासत में लिया.

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डीसीएच/

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