‘मन की बात’ कार्यक्रम से देशवासियों को प्रेरणा और मोटिवेशन मिलता है: संजय सेठ

New Delhi, 28 दिसंबर . केंद्रीय राज्य मंत्री संजय सेठ ने Prime Minister Narendra Modi के रेडियो कार्यक्रम ‘मन की बात’ को लेकर कहा कि इस कार्यक्रम से देशवासियों को प्रेरणा और मोटिवेशन मिलता है.

संजय सेठ ने से बातचीत करते हुए कहा कि देश हमेशा इंतजार करता है कि Prime Minister मोदी महीने के अंतिम Sunday को ‘मन की बात’ करेंगे. ‘मन की बात’ मतलब प्रेरणा, मन की बात मतलब मोटिवेशन. Prime Minister मोदी ने भारतीय सेना के पराक्रम की तारीफ की.

उन्होंने कहा कि Pakistan के उपPrime Minister इशाक डार ने स्वीकार कर लिया कि हमारा एयरबेस तबाह हुआ. ये एक आइना है कांग्रेस पार्टी के नेताओं के लिए, जो ऑपरेशन सिंदूर पर प्रश्नचिह्न खड़ा कर रहे थे, लेकिन कांग्रेस पार्टी निगेटिव खबरों में बने रहना चाहती है. Pakistan के नेताओं ने कांग्रेस को आइना दिखा दिया है.

कन्नौज में मन की बात कार्यक्रम सुनने के बाद यूपी Government में मंत्री असीम अरुण ने कहा कि पीएम मोदी ने अपने संबोधन में पूरे साल का रिव्यू दिया. ‘ऑपरेशन सिंदूर’ का जिक्र खास तौर पर तारीफ के काबिल था. भारतीय सेना ने कुछ ही मिनटों में आतंकवादियों और उनके समर्थकों को जवाब दिया.

दिल्ली भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा ने कहा कि Prime Minister मोदी ने 2025 में हमारी उपलब्धियों का जिक्र किया. जो बाकी जानकारी मिलती है, वह अपने आप में अद्भुत है, जैसे काशी तमिल संगमम, जिसका इस बार चौथा संस्करण वहां चल रहा है. उसमें कैसे काशी के बच्चे तमिल बोल रहे हैं. मुझे लगता है कि Prime Minister मोदी का मन की बात एक ऐसा कार्यक्रम है जिसे हर परिवार को अपने बच्चों के साथ सुनना चाहिए. इतनी जानकारी और अद्भुत चीजें उसमें पता चलती हैं. हर बार लगता है कि कुछ नया सीखकर निकल रहे हैं.

सचदेवा ने social media प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर पोस्ट कर कहा कि 2025 में आस्था, संस्कृति और India की अद्वितीय विरासत सब एक साथ दिखाई दी. पीएम मोदी ने वर्ष 2025 के अंतिम ‘मन की बात’ कार्यक्रम को राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष नितिन नबीन के साथ सुना. पीएम मोदी का प्रतिमाह मन की बात कार्यक्रम हम सभी के लिए केवल संवाद का माध्यम नहीं, अपितु आत्मचिंतन, प्रेरणा एवं नवचेतना का अनुपम स्रोत है. यह कार्यक्रम राष्ट्रजीवन के विविध आयामों से हमें परिचित कराते हुए ज्ञानवर्धन, सद्भावना एवं सकारात्मक दृष्टिकोण का संवर्धन करता है, जिससे प्रत्येक श्रोता कुछ नया सीखने और आत्मसात करने का अवसर प्राप्त करता है.

डीकेएम/डीकेपी

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