केईएम अस्पताल नाम पर विवाद तेज, उदय सावंत ने सतर्कता बरतने को कहा, तापसे बोले सुविधाएं सुधारें

Mumbai , 28 अप्रैल . Mumbai के प्रसिद्ध किंग एडवर्ड मेमोरियल (केईएम) अस्पताल का नाम बदलने के मुद्दे पर Political बयानबाजी तेज हो गई है. इस प्रस्ताव पर मंत्री उदय सावंत ने Tuesday को कहा कि पहले इसकी पूरी जानकारी ली जाए, उसके बाद ही कोई निर्णय लिया जाना चाहिए.

मंत्री उदय सावंत ने पत्रकारों से बात करते हुए कहा, “मुझे नहीं पता कि केईएम अस्पताल का नाम बदला जाना है या नहीं. बेहतर होगा कि पहले इसकी जानकारी ली जाए और फिर इस बारे में बात की जाए.”

उन्होंने एक अन्य मुद्दे पर Maharashtra के एमएसएमई को बढ़ावा देने की बात करते हुए कहा, “यह समिट Maharashtra के एमएसएमई के लिए बहुत अच्छी रही. हमने 20 एमओयू किए, जिनमें से 10-15 करोड़ के एमओयू थे. और यह तो बस शुरुआत है. हमारे नागपुर, पुणे और कोल्हापुर में भी कार्यक्रम हैं. वहां भी और एमओयू होंगे. इससे एमएसएमई को बढ़ावा मिलेगा.”

मराठी भाषा को अनिवार्य बनाने के मुद्दे पर उदय सावंत ने कहा, “यह ‘शक्ति’ शब्द—अगर हम अपनी भावनाओं को व्यक्त करते हैं, तो यह अच्छी बात है. क्योंकि जो व्यक्ति जिला अधिकारी, एसपी या सीओ बनता है, वह भी मराठी की परीक्षा देता है. इसलिए Maharashtra में रहने वाले हर व्यक्ति को मराठी आनी चाहिए.”

एनसीपी-एसपी नेता और प्रवक्ता महेश तापसे ने केईएम अस्पताल के नाम बदलने के प्रस्ताव पर तीखी प्रतिक्रिया दी. उन्होंने से बात करते हुए कहा, “मैं तो यही कहूंगा कि सुविधाओं को बेहतर बनाया जाना चाहिए. सुविधाओं में बदलाव होना चाहिए. नाम बदलना तो बहुत आसान है. लेकिन सुविधाओं का विस्तार करने, उन्हें और अधिक सक्षम बनाने और लोगों के लिए अधिक सुलभ बनाने में थोड़ी मेहनत लगती है.”

मीरा रोड के नया नगर में हुई घटना पर महेश तापसे ने कहा, “Mumbai , Maharashtra और India किसी भी तरह की सांप्रदायिकता या आतंकवादी हमले को बर्दाश्त नहीं करेंगे. प्रशासन द्वारा जो भी कार्रवाई जरूरी है, उसे पूरी सख्ती के साथ अंजाम दिया जाएगा.”

बंगाल चुनावों के बाद भी सशस्त्र बलों को 60 दिनों तक वहां रखने के गृह मंत्री अमित शाह के बयान पर महेश तापसे ने कहा, “मैंने देश के गृह मंत्री अमित शाह का बयान पढ़ा है. यह साफ है कि वह बंगाल की जनता को क्या संदेश देना चाहते हैं.”

एससीएच

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