
Patna, 23 अप्रैल . बिहार में सैटेलाइट टाउनशिप योजना को लेकर सियासी घमासान शुरू हो गया है. राज्य Government ने Patna समेत 11 शहरों में आधुनिक टाउनशिप विकसित करने का फैसला लिया है. इसके तहत Government ने चिह्नित इलाकों में जमीन की खरीद-बिक्री, ट्रांसफर और निर्माण पर अस्थायी रोक लगा दी है, जिस पर विपक्ष ने तीखी प्रतिक्रिया दी है.
राजद प्रमुख लालू प्रसाद यादव की बेटी रोहिणी आचार्य ने इस फैसले की कड़ी आलोचना की है. उन्होंने social media प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर लिखा कि 11 बड़े शहरों में जमीन के लेन-देन पर रोक लगाना चौंकाने वाला और समझ से परे है. रोहिणी आचार्य ने कहा कि बिहार की मौजूदा आर्थिक स्थिति को देखते हुए इस फैसले के पीछे की मंशा पर गंभीर सवाल खड़े होते हैं.
रोहिणी आचार्य ने कहा कि जमीन का लेनदेन राज्य में राजस्व का बड़ा स्रोत है और इससे कई लोगों की आजीविका भी जुड़ी हुई है. यह अव्यावहारिक फैसला राज्य की आर्थिक स्थिति को और खराब कर सकता है. आम लोगों के लिए जमीन की खरीद-बिक्री सामाजिक और आर्थिक जिम्मेदारियों को पूरा करने का जरिया होती है. साथ ही, यह उनकी आर्थिक सुरक्षा का आधार भी है.
उन्होंने यह भी आशंका जताई कि प्रस्तावित टाउनशिप परियोजनाओं का काम कॉर्पोरेट कंपनियों को सौंपा जा सकता है. उनके मुताबिक कीमती जमीन को कम कीमत पर देकर बाद में इन टाउनशिप में महंगे दामों पर बेचा जा सकता है.
वहीं, राज्य Government का कहना है कि यह कदम सुनियोजित शहरी विकास और आधुनिक बुनियादी ढांचे के निर्माण के लिए उठाया गया है. Government का उद्देश्य प्रमुख शहरों में बेहतर सुविधाएं और योजनाबद्ध विस्तार सुनिश्चित करना है.
Wednesday को Patna में हुई कैबिनेट बैठक में बिहार Government ने 22 प्रस्तावों को मंजूरी दी, जिनमें यह अहम फैसला भी शामिल था. इस फैसले के तहत Patna, सोनपुर, गया, दरभंगा, सहरसा, पूर्णिया और मुंगेर में 27 मार्च 2027 तक जमीन से जुड़े सभी लेन-देन और निर्माण कार्यों पर रोक रहेगी. वहीं मुजफ्फरपुर, छपरा, भागलपुर और सीतामढ़ी में यह रोक 30 जून 2027 तक लागू रहेगी.
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वीकेयू/पीएम