
Bengaluru, 25 जुलाई . कर्नाटक Police ने भाजपा विधान परिषद (एमएलसी) सदस्य सी.टी. रवि के खिलाफ नीट पेपर लीक मामले को लेकर हुए विरोध प्रदर्शनों पर कथित तौर पर विवादित और भड़काऊ बयान देने के आरोप में First Information Report दर्ज की है.
यह मामला चिक्कमगलूरु के प्रधान सिविल न्यायाधीश एवं मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (सीजेएम) अदालत के निर्देश पर दर्ज किया गया. चिक्कमगलूरु टाउन Police ने भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 353(2) के तहत मामला दर्ज किया है. शिकायत चिक्कमगलूरु की जामिया मस्जिद के अध्यक्ष मुदस्सिर पाशा ने दर्ज कराई है.
First Information Report के अनुसार, ‘यूथ फॉर नेशन’ संगठन द्वारा आयोजित एक विरोध मार्च के बाद सभा को संबोधित करते हुए सी.टी. रवि ने कथित तौर पर कहा, “मुल्ला का नीट परीक्षा से क्या संबंध है? जो पूरी तरह अनपढ़ है, वह आकर नीट विरोध प्रदर्शन में शामिल होता है.”
आरोप है कि उन्होंने आगे कहा कि ये लोग केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान और Prime Minister Narendra Modi के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं. उन्होंने कथित तौर पर कहा कि “नीट पेपर लीक का सीएए और एनआरसी से क्या संबंध है? सीएए और एनआरसी का विरोध करने वाले राष्ट्रविरोधी तत्व और ‘टुकड़े-टुकड़े गैंग’ के सदस्य इन प्रदर्शनों में शामिल होकर भाषण दे रहे हैं.”
First Information Report के मुताबिक, रवि ने सभा में यह भी कहा कि “‘India तेरे टुकड़े होंगे, इंशा अल्लाह’ जैसे नारे लगाने वाले लोग ही टुकड़े-टुकड़े गैंग का हिस्सा हैं.”
शिकायतकर्ता मुदस्सिर पाशा का कहना है कि उन्होंने सी.टी. रवि का यह बयान social media पर देखा. उनके अनुसार, भाजपा नेता ने विशेष रूप से मुस्लिम समुदाय को निशाना बनाकर दो समुदायों के बीच नफरत फैलाने की कोशिश की है. उन्होंने आरोप लगाया कि यह बयान सामाजिक शांति और सांप्रदायिक सौहार्द बिगाड़ने के उद्देश्य से दिया गया और इस पर कानूनी कार्रवाई की मांग की.
इस बीच, कर्नाटक स्टेट मुस्लिम फेडरेशन ने सी.टी. रवि की तत्काल गिरफ्तारी की मांग की है. फेडरेशन के मीडिया समन्वयक सुहैल मरूर ने कहा कि धार्मिक नेताओं के खिलाफ कथित भड़काऊ टिप्पणियां अस्वीकार्य हैं.
फेडरेशन ने अपने बयान में कहा कि नीट पेपर लीक के खिलाफ युवाओं के नेतृत्व में चल रहे विरोध प्रदर्शनों से केंद्र Government दबाव में है और भाजपा नेता इस मुद्दे को सांप्रदायिक रंग देने की कोशिश कर रहे हैं. फेडरेशन के अनुसार, सी.टी. रवि की टिप्पणियां अनुचित और गरिमा के विपरीत हैं.
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डीएससी