पंजाब में दहशत फैलाने की साजिश विफल, पुलिस ने आईईडी के साथ दो संदिग्ध दबोचे

चंडीगढ़, 4 जून . पंजाब Police ने सीमा पार से चलने वाले आतंकी नेटवर्क के खिलाफ एक बड़ी सफलता हासिल की है. राज्य के Police महानिदेशक (डीजीपी) ने जानकारी दी कि साहिबजादा अजीत सिंह (एसएएस) नगर के विशेष अभियान प्रकोष्ठ (एसएसओसी) ने दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जो विदेश में बैठे आतंकी के संपर्क में थे.

पंजाब डीजीपी के आधिकारिक ‘एक्स’ हैंडल से किए गए पोस्ट में बताया गया है, “ऑपरेशन के दौरान एक इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस (आईईडी) बरामद किया गया, जिससे एसएएस नगर में महत्वपूर्ण सार्वजनिक बुनियादी ढांचे को निशाना बनाने की एक नापाक साजिश को नाकाम कर दिया गया. इस त्वरित और समय पर की गई कार्रवाई ने सार्वजनिक सुरक्षा के लिए संभावित रूप से विनाशकारी खतरे को टाल दिया है.”

पोस्ट में आगे कहा गया, “पूरे आतंकी नेटवर्क का पर्दाफाश करने के लिए आगे की जांच जारी है, जिसमें इस साजिश में शामिल हैंडलर, सहयोगी और सभी कड़ियां शामिल हैं. पंजाब Police आतंकी नेटवर्क को खत्म करने, संगठित अपराध का सफाया करने और पूरे राज्य में शांति व सार्वजनिक सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध है.”

इससे पहले, अमृतसर Police ने सीमा पार से संचालित एक अंतरराज्यीय हथियार और ड्रग तस्करी मॉड्यूल का भंडाफोड़ करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया. उनके कब्जे से 2.225 किलोग्राम हेरोइन, छह अत्याधुनिक पिस्तौल और 12 जिंदा कारतूस बरामद किए गए.

Police अधिकारियों के अनुसार, यह कार्रवाई खुफिया सूचना के आधार पर की गई. गिरफ्तार आरोपियों से बरामद हेरोइन और हथियारों की मात्रा को देखते हुए माना जा रहा है कि यह नेटवर्क पंजाब में नशे और अवैध हथियारों की आपूर्ति करने वाले बड़े गिरोह का हिस्सा है. Police अब इस पूरे मॉड्यूल के अन्य सदस्यों और उसके अंतरराज्यीय तथा सीमा पार संपर्कों की जांच में जुटी हुई है.

Police कमिश्नर गुरप्रीत सिंह भुल्लर ने बताया कि प्रारंभिक जांच में सामने आया कि आरोपी सीमा पार सक्रिय तस्करों के सीधे संपर्क में थे. उन्हें Pakistan से जुड़े नेटवर्क के माध्यम से हेरोइन की खेप प्राप्त होती थी, जिसे बाद में पंजाब के विभिन्न क्षेत्रों में सक्रिय आपराधिक तत्वों तक पहुंचाया जाता था. उन्होंने कहा कि इस नेटवर्क का उद्देश्य राज्य में नशीले पदार्थों की सप्लाई बढ़ाना और आपराधिक गतिविधियों को बढ़ावा देना था.

डीसीएच/

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