असम में कांग्रेस 2031 तक अपनी अहमियत खो देगी : सीएम सरमा

गुवाहाटी, 17 फरवरी . असम के Chief Minister हिमंत बिस्वा सरमा ने Tuesday को कई तीखी Political टिप्पणियां कीं, जिसमें उन्होंने 2031 के विधानसभा चुनावों से पहले राज्य में विपक्ष की जगह में बड़े बदलाव की भविष्यवाणी की. उन्होंने कहा कि कांग्रेस धीरे-धीरे अपनी अहमियत खोती जाएगी.

सरमा ने कहा कि 2031 तक, भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) मुख्य रूप से कांग्रेस के खिलाफ नहीं, बल्कि रायजोर दल के खिलाफ चुनाव लड़ेगी, जो असम के Political समीकरण में बदलाव का संकेत है.

उन्होंने दावा किया कि कांग्रेस का जमीनी आधार, खासकर मुस्लिम नेताओं और कार्यकर्ताओं के बीच, क्षेत्रीय पार्टी की ओर जाने की संभावना है.

सरमा ने कहा, “अगले साल तक, कांग्रेस के सभी मेहनती मुस्लिम नेता रायजोर दल में चले जाएंगे,” और कहा कि अगले चुनाव चक्र में उनकी मुख्य Political चुनौती कांग्रेस के बजाय रायजोर दल से होगी.

उनके अनुसार, कांग्रेस संगठन जमीनी स्तर पर कमजोर हो रहा है, जिससे वैकल्पिक Political ताकतों के लिए जगह बन रही है.

रायजोर दल के अध्यक्ष अखिल गोगोई का जिक्र करते हुए, Chief Minister ने कहा कि भविष्य के Political समीकरण इस बात पर निर्भर करेंगे कि गोगोई स्वतंत्र रहना चुनते हैं या कांग्रेस के साथ गठबंधन करते हैं.

सरमा ने कहा, “अगर अखिल गोगोई कांग्रेस से हाथ मिलाते हैं, तो यह एक अलग स्थिति होगी. लेकिन अगर वह रायजोर दल को स्वतंत्र रखते हैं, तो भाजपा को रायजोर दल से लड़ना होगा.”​

उन्होंने आगे कहा कि अगर गोगोई खुद को लगातार, गंभीर और Political रूप से मैच्योर दिखाते हैं, तो वे मुस्लिम वोटों को एकजुट कर सकते हैं और एक बड़ी ताकत के रूप में उभर सकते हैं, उन्होंने उनकी तुलना एआईएमआईएम चीफ असदुद्दीन ओवैसी से की.

Chief Minister ने भाजपा में शामिल होने की चाहत रखने वाले नेताओं के बारे में भी बात की और कहा कि अगर चुनाव टिकट का भरोसा मिलता है, तो कई लोग पार्टी बदलने को तैयार हैं.

उन्होंने कहा, “हमें उन लोगों में कोई दिलचस्पी नहीं है जो सिर्फ टिकट के लिए आते हैं. फिर भी, चुनाव से पहले कई लोग शामिल होंगे.”

कांग्रेस सांसद रकीबुल हुसैन पर सीधा निशाना साधते हुए, सरमा ने कहा कि Political विरासत वाले नेता अक्सर जमीनी हकीकत को समझने में नाकाम रहते हैं.

उन्होंने उनकी तुलना खुद से बने जमीनी नेताओं से की, जिनका उन्होंने कहा कि वे सम्मान करते हैं, भले ही वे भाजपा में शामिल न हो पाएं.

सरमा ने आगे कहा कि भूपेन कुमार बोरा जैसे सीनियर कांग्रेस नेताओं के जाने से पार्टी के अंदर, खासकर हिंदू नेताओं और स्टूडेंट विंग के सदस्यों के बीच गहरा वैचारिक और मनोवैज्ञानिक असर पड़ता है, जिससे असम में कांग्रेस की संगठनात्मक गिरावट और तेज हो जाती है.

एससीएच

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