
नई दिल्ली, 9 जुलाई . पंजाब कांग्रेस में आपसी कलह और बगावत की आशंका के बीच भाजपा नेता मनन कुमार मिश्रा ने निशाना साधा. उन्होंने कहा कि आगामी चुनाव से पहले कांग्रेस पार्टी कई टुकड़ों में नजर आएगी.
BJP MP मनन कुमार मिश्रा ने कहा, “पंजाब एक उदाहरण है. कांग्रेस के अंदर की आपसी लड़ाई और विवाद दिन-ब-दिन सामने आ रहे हैं. जैसे-जैसे पंजाब में चुनाव और Lok Sabha चुनाव नजदीक आ रहे हैं, कांग्रेस टूटने की कगार पर है. यह अब साफ दिख रहा है.”
उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि कांग्रेस पार्टी में ऐसा कोई व्यक्ति नहीं है, जिसको सारे कांग्रेसी नेता मान लें. पंजाब कांग्रेस दो समूहों में बंट गई है और आगामी चुनाव आने से पहले पार्टी कई टुकड़ों में बंट जाएगी.
पंजाब में विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) पर मनन कुमार मिश्रा ने कहा, “जब सभी को एसआईआर की अहमियत और महत्व का एहसास होगा तो वे इसका स्वागत करेंगे और समझेंगे कि आज एसआईआर कितना जरूरी है.”
उन्होंने कहा कि एसआईआर निष्पक्ष चुनाव और स्वच्छ वोटर लिस्ट के लिए आयोग का कदम सराहनीय है. जब Supreme Court ने एसआईआर पर मुहर लगा दी है तो ऐसे में कोई भी Political पार्टी इसकी आलोचना करती है तो यह शर्मनाक है.
Madhya Pradesh वक्फ बोर्ड में हिंदुओं को शामिल करने पर BJP MP मनन कुमार मिश्रा कहते हैं, “Madhya Pradesh के बाद, उत्तर प्रदेश Government ने भी उस कानून में बदलाव किया है जिसके तहत राज्य Governmentें ऐसे बदलाव कर सकती हैं, और उन्होंने वक्फ बोर्ड में दो गैर-मुस्लिम सदस्यों को शामिल किया है.”
भाजपा नेता ने कहा कि इससे निष्पक्ष रूप से कोई भी कार्रवाई की जा सकेगी और निर्णय लिया जा सकेगा. वक्फ बोर्ड सभी पक्षों को सुनने के बाद फैसला करेगा. यह उत्तर प्रदेश Government का अच्छा कदम है और इसका स्वागत होना चाहिए.
श्रीराम मंदिर चढ़ावा चोरी विवाद के बीच यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ ने विपक्षी दलों पर निशाना साधा है. उन्होंने कहा कि उनके समय में फंड कब्रिस्तानों में जाता था. इस बयान का BJP MP मनन मिश्रा ने समर्थन किया.
BJP MP मनन कुमार मिश्रा ने कहा, “सीएम योगी ने सही कहा है. राम मंदिर को लेकर जो भी गलत हुआ, उसके लिए जिम्मेदार लोगों ने सब गड़बड़ी की. चाहे अखिलेश हों, आम आदमी पार्टी के नेता हों, संजय सिंह हों या केजरीवाल, उन्होंने इस मुद्दे का मजाक बना दिया है. जनता भी उनके बेतुके बयानों से तंग आ चुकी है.”
उन्होंने कहा कि अगर कहीं कुछ गड़बड़ी हुई है तो उसकी जांच के लिए एसआईटी का गठन किया गया. एसआईटी ने जांच के दायरे को बढ़ा दिया है, Police कार्रवाई कर रही है. ट्रस्ट के कई लोगों ने इस्तीफा भी दे दिया है. विपक्षी दलों को राजनीति करने के लिए मुद्दा मिल गया है.
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एएसएच/डीकेपी