
Ahmedabad, 16 जून . कांग्रेस नेता राहुल गांधी द्वारा इंडिया गठबंधन के नेताओं को दी गई नसीहत पर भाजपा नेता रोहन गुप्ता ने तीखी प्रतिक्रिया दी. उन्होंने कांग्रेस पर अपने Political हितों के लिए सहयोगी दलों का इस्तेमाल करने का आरोप लगाते हुए कहा कि आज वही पार्टी दूसरों को गठबंधन धर्म का पाठ पढ़ा रही है, जिसने स्वयं इंडिया गठबंधन को कमजोर किया है.
रोहन गुप्ता ने से बातचीत में कहा कि जिस कांग्रेस पार्टी ने इंडी गठबंधन की लुटिया डुबो दी, आज वही अपने सहयोगी दलों को सलाह दे रही है. उन्होंने दावा किया कि Lok Sabha चुनाव में प्रदर्शन के बाद इंडिया गठबंधन पूरी तरह बिखर चुका है. Haryana, Maharashtra और बिहार जैसे राज्यों का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने अपने निजी स्वार्थों के चलते गठबंधन के साथियों के हितों की अनदेखी की.
भाजपा नेता ने कहा कि कांग्रेस को आत्ममंथन करने की जरूरत है कि वह इंडिया गठबंधन का उपयोग अपनी सत्ता बचाने के लिए कर रही है या वास्तव में सहयोगी दलों के हितों के लिए. उन्होंने कहा कि भाषण देना और उस पर अमल करना दो अलग-अलग बातें हैं और आने वाले समय में गठबंधन के सहयोगी कांग्रेस की बातों पर भरोसा नहीं करेंगे.
केरल के Chief Minister द्वारा राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के एक कार्यक्रम में कुलपति के शामिल होने पर जताई गई नाराजगी पर भी रोहन गुप्ता ने प्रतिक्रिया दी. उन्होंने कहा कि किसी भी कार्यक्रम में जाना किसी व्यक्ति की व्यक्तिगत पसंद होती है. अगर कोई वाइस चांसलर आरएसएस के किसी कार्यक्रम में शामिल होता है तो उस पर इतनी आपत्ति क्यों? इतनी नफरत क्यों? यह सवाल पूछना इसलिए जरूरी है क्योंकि हमने खुद कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं, जिनमें वीडी सतीशन भी शामिल हैं, की आरएसएस कार्यक्रमों में भागीदारी की तस्वीरें और खबरें देखी हैं. क्या सीएम बनते ही उनके मापदंड बदल गए? या फिर तुष्टिकरण की राजनीति इतनी मजबूत हो गई है कि आरएसएस के कार्यक्रम में जाने पर आपत्ति जताने से उनकी Political दुकान चलती रहे? देश की जनता इसी मानसिकता से परेशान है.
उन्होंने कहा कि अपनी विचारधारा को आगे बढ़ाना हर किसी का अधिकार है, लेकिन इसका मतलब यह कतई नहीं कि दूसरा कोई अपनी बात रखे या अपनी विचारधारा को आगे बढ़ाए तो उसे नफरत का ठप्पा लगा दिया जाए. जो लोग मोहब्बत की दुकान की बात करते हैं, वही नफरत के पकवान परोस रहे हैं. यह उनकी दोहरी मानसिकता का सबसे बड़ा सबूत है. उन्होंने आगे कहा कि तेलंगाना में कांग्रेस के Chief Minister कहते हैं कि कांग्रेस मतलब मुसलमान और तब न संविधान खतरे में पड़ता है, न उनकी राजनीति. लेकिन जब आरएसएस या किसी अन्य विचारधारा का कार्यक्रम हो तो तुरंत आपत्ति. यह दोहरा मापदंड बिल्कुल स्वीकार्य नहीं है. तुष्टिकरण की राजनीति पर चलने वाली कांग्रेस पर देश की जनता का भरोसा इसलिए नहीं बन पा रहा है. जनता अब साफ देख रही है कि नफरत की राजनीति का आरोप लगाने वाले असल में खुद नफरत और विभेद की राजनीति को बढ़ावा दे रहे हैं. लोकतंत्र में हर विचारधारा को जगह मिलनी चाहिए. नफरत फैलाने की बजाय, बहस और संवाद की संस्कृति को मजबूत करने की जरूरत है.
इमरान मसूद के उस बयान पर, जिसमें उन्होंने कहा था कि डीएमके को अपना अस्तित्व बचाना चाहिए, रोहन गुप्ता ने कहा कि डीएमके ने हमेशा कांग्रेस का साथ दिया. उन्होंने दावा किया कि कांग्रेस का संख्याबल कम होने के बावजूद डीएमके ने उसका समर्थन किया, लेकिन बाद में कांग्रेस ने ही अपने सहयोगियों को गच्चा दिया.
रोहन गुप्ता ने कहा कि इंडिया गठबंधन में शामिल कई दल कांग्रेस के रवैये से असंतुष्ट हैं और इसी वजह से गठबंधन की ताकत लगातार कम हुई है. उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस अपने Political हितों के लिए सहयोगियों का इस्तेमाल करती है और समय आने पर उन्हें छोड़ देती है. भाजपा नेता ने कहा कि कांग्रेस के साथ जाने वाली पार्टियों को नुकसान उठाना पड़ता है. उन्होंने पश्चिम बंगाल की राजनीति का जिक्र करते हुए भी कांग्रेस की रणनीति पर सवाल खड़े किए और आरोप लगाया कि पार्टी अपने सहयोगियों के खिलाफ माहौल बनाने से भी नहीं हिचकती.
रोहन गुप्ता ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए आगे कहा कि जो भी कांग्रेस के साथ जाता है, वह भस्मासुर की तरह उसकी राजनीति का शिकार हो जाता है.
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पीएसके