कांग्रेस सांसदों ने लगाया आरोप, अमित शाह सवालों से बच रहे हैं इसलिए सदन में नहीं आ रहे

New Delhi, 7 अगस्त . संसद के मानसून सत्र के दौरान कांग्रेस सांसदों ने गृह मंत्री अमित शाह की सदन में अनुपस्थिति को लेकर निशाना साधा है. उन्होंने कहा कि अमित शाह सवालों का जवाब नहीं देना चाह रहे है, इसीलिए वे सदन में नहीं आ रहे है. इसके साथ ही राहुल गांधी के प्रयागराज कार्यक्रम की अनुमति मिलने को अपनी जीत बताया.

कांग्रेस सांसद रणदीप सिंह सुरजेवाला ने प्रयागराज का उल्लेख करते हुए कहा कि यह देश की कर्मभूमि है और गांधी परिवार तथा कांग्रेस का इस शहर से ऐतिहासिक और भावनात्मक रिश्ता रहा है.

उन्होंने आरोप लगाया कि देश में युवाओं की आवाज को दबाया जा रहा है. सुरजेवाला ने कहा कि यदि कोई छात्र जंतर-मंतर पर प्रदर्शन करता है या वॉट्सऐप समूह में छात्रों के समर्थन में अपनी राय रखता है, तो उसके खिलाफ मामले दर्ज किए जा रहे हैं और उसे बार-बार पूछताछ के लिए बुलाया जा रहा है.

उन्होंने दावा किया कि प्रयागराज से उठने वाली छात्रों की आवाज उत्तर प्रदेश ही नहीं, बल्कि पूरे देश की राजनीति और सामाजिक माहौल को प्रभावित करेगी.

कांग्रेस सांसद मणिकम टैगोर ने महिला आरक्षण कानून के क्रियान्वयन को लेकर Government पर सवाल उठाए. उन्होंने कहा कि वर्ष 2023 में ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ पारित होने के बाद पूरे देश में इसका स्वागत किया गया था और Prime Minister Narendra Modi ने स्वयं संसद परिसर में मिठाइयां बांटकर इसका जश्न मनाया था.

टैगोर ने पूछा कि कानून पारित होने के बाद भी इसे लागू करने की दिशा में कोई ठोस प्रगति क्यों नहीं हुई और Union Minister किरेन रिजिजू इस विषय पर अलग-अलग बयान क्यों दे रहे हैं.

कांग्रेस सांसद मल्लू रवि ने राहुल गांधी के रुख का बचाव करते हुए कहा कि उन्होंने हमेशा छात्रों के हितों की बात की है. उनके अनुसार राहुल गांधी का स्पष्ट मत है कि चाहे किसी भी दल की Government हो, उसे छात्रों की समस्याओं का समाधान करना चाहिए. उन्होंने कहा कि राहुल गांधी ने हमेशा निष्पक्ष राजनीति की है और न्याय दिलाने की दिशा में काम किया है.

आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत के ‘जेन-जी’ संबंधी बयान पर कांग्रेस सांसद सुखजिंदर सिंह रंधावा ने कहा कि यदि मोहन भागवत वास्तव में युवाओं की चिंता करते हैं तो उन्हें गृह मंत्री से कहना चाहिए कि वे संसद में आएं और विपक्ष के सवालों का जवाब दें. Government को संसद के प्रति अपनी जवाबदेही निभानी चाहिए.

Lok Sabha सांसद चमाला किरण कुमार रेड्डी ने भी गृह मंत्री अमित शाह की अनुपस्थिति पर सवाल उठाए. उन्होंने कहा कि विपक्ष लगातार 20 जुलाई की घटना पर गृह मंत्री से स्पष्टीकरण की मांग कर रहा है, लेकिन न तो अमित शाह और न ही Prime Minister Narendra Modi इस विषय पर सदन में बयान देने आए हैं.

रेड्डी ने कहा कि Government पहले इस घटना की पूरी जानकारी संसद और देश के सामने रखे. उसके बाद ही अन्य विधेयकों पर चर्चा संभव होगी. Government विपक्ष और जनता की आवाज को लगातार नजरअंदाज कर रही है.

कांग्रेस सांसद वामसी कृष्णा गड्डम ने Government पर युवाओं के हितों की अनदेखी करने का आरोप लगाया. उन्होंने दावा किया कि Government द्वारा लाए जा रहे नए प्रावधानों के तहत यूपीआई लेनदेन पर मर्चेंट डिस्काउंट रेट (एमडीआर) लगाने की तैयारी की जा रही है, जिसका सबसे अधिक असर डिजिटल भुगतान करने वाली युवा पीढ़ी पर पड़ेगा.

उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि प्रस्तावित संशोधनों के जरिए Police को बैंकों से सीधे वित्तीय लेनदेन की जानकारी लेने का अधिकार दिया जा रहा है. विपक्ष की राय लिए बिना ऐसे कानून पारित किए जा रहे हैं, जो लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ हैं और युवाओं की निजता व अधिकारों पर असर डाल सकते हैं.

कांग्रेस सांसद फूलो देवी नेताम ने भी Government को निशाने पर लेते हुए कहा कि देश की परिस्थितियां बेहद संवेदनशील हैं. नीट पेपर लीक मामले का उल्लेख करते हुए कहा कि आंदोलन कर रहे छात्रों पर लाठीचार्ज किया गया, जबकि उनकी समस्याओं का समाधान किया जाना चाहिए था. नेताम ने कहा कि देश गृह मंत्री से मौजूदा परिस्थितियों पर जवाब चाहता है. उन्होंने किरेन रिजिजू के बयान पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि विपक्ष केवल इतना चाहता है कि गृह मंत्री संसद में आकर अपनी बात रखें और जनता के सवालों का जवाब दें.

एसएके/वीसी

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