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Friday, 30 October 2026
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मानहानि के मामले में कांग्रेस सांसद पवन खेड़ा असम पुलिस की क्राइम ब्रांच के सामने पेश

मानहानि के मामले में कांग्रेस सांसद पवन खेड़ा असम Police की क्राइम ब्रांच के सामने पेश

गुवाहाटी, 23 जुलाई . कांग्रेस सांसद पवन खेड़ा Thursday को असम Police की क्राइम ब्रांच के सामने पेश हुए. यह पेशी असम के Chief Minister हिमंता बिस्वा सरमा की पत्नी रिनिकी भुइयां सरमा द्वारा दायर मानहानि के एक मामले के सिलसिले में हुई.

खेड़ा New Delhi से गुवाहाटी पहुंचे और जांच एजेंसी के बुलावे पर क्राइम ब्रांच मुख्यालय गए. इससे पहले उन्होंने सेहत की समस्याओं और पहले से तय Political कामों का हवाला देते हुए तय तारीखों पर पेश होने से छूट मांगी थी.

क्राइम ब्रांच ऑफिस में जाने से पहले मीडिया से बात करते हुए खेड़ा ने कहा कि वह समन का पालन कर रहे हैं और जांच में सहयोग कर रहे हैं.

उन्होंने कहा, “मुझे जारी किए गए नोटिस के जवाब में क्राइम ब्रांच के सामने पेश हुआ हूं. इससे पहले मैंने जांच एजेंसी को बताया था कि मेरी तबीयत ठीक नहीं है और पार्टी के पहले से तय कार्यक्रम भी हैं. उन्होंने मेरा अनुरोध स्वीकार कर लिया.”

क्राइम ब्रांच ने हाल ही में खेड़ा को 17 जुलाई को पेश होने का निर्देश दिया था, क्योंकि वह पहले तय तारीखों पर पेश नहीं हो पाए थे.

असम प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अनुसार, उस समय कांग्रेस नेता Bengaluru में पार्टी के ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम में शामिल हो रहे थे, जिसमें Lok Sabha में विपक्ष के नेता राहुल गांधी भी शामिल होने वाले थे.

17 जुलाई को पेश न होने के बावजूद, खेड़ा पहले कई बार जांच में शामिल हो चुके हैं और जांच के हिस्से के तौर पर क्राइम ब्रांच के अधिकारियों ने उनसे पूछताछ भी की है. उन्होंने मामले में Supreme Court से गिरफ्तारी से अंतरिम सुरक्षा भी हासिल कर ली है.

यह मामला रिनिकी भुइयां सरमा द्वारा गुवाहाटी क्राइम ब्रांच Police स्टेशन में दर्ज कराई गई शिकायत से जुड़ा है, जो खेड़ा द्वारा एक प्रेस कॉन्फ्रेंस और social media पर दिए गए बयानों के बारे में थी.

अपनी शिकायत में सरमा ने आरोप लगाया कि कांग्रेस नेता ने उनकी नागरिकता की स्थिति, विदेशी पासपोर्ट और विदेश में वित्तीय हितों के बारे में अपमानजनक और झूठे आरोप लगाए.

शिकायत के आधार पर, असम Police ने भारतीय न्याय संहिता की कई धाराओं के तहत First Information Report दर्ज की, जिनमें धोखाधड़ी, जालसाजी, जाली दस्तावेजों का असली के तौर पर इस्तेमाल, झूठे बयान देना, जानबूझकर अपमान करना और मानहानि से जुड़ी धाराएं शामिल हैं.

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डीकेएम/एबीएम

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