
Bengaluru, 14 अगस्त . कर्नाटक भाजपा ने Friday को मंत्री बीजेड जमीर अहमद खान की आलोचना की. आरोप है कि उन्होंने Chief Minister डीके शिवकुमार को पत्र लिखकर स्वतंत्रता दिवस समारोह के दौरान तिरंगा फहराने से छूट मांगी थी.
उन्होंने इसके लिए पार्टी के संगठनात्मक कार्यों और उपचुनावों में व्यस्तता का हवाला दिया था. हालांकि कांग्रेस ने भाजपा के इन आरोपों को खारिज कर दिया है.
सत्ताधारी पार्टी जमीर के बचाव में उतरी. स्वास्थ्य और परिवार कल्याण, अल्पसंख्यक मामलों, हज और वक्फ मंत्री यूटी खादर ने भाजपा के आरोपों को खारिज कर दिया.
खादर ने कहा कि जमीर के मन में देश के लिए गहरा सम्मान है और दावा किया कि कोई भी भाजपा नेता उनकी देशभक्ति की बराबरी नहीं कर सकता. खादर ने कहा, “किसी भी भाजपा नेता में देश के लिए उतना प्यार नहीं है जितना मंत्री जमीर में है. आलोचना की कोई गुंजाइश नहीं है. जमीर ऐसे नेता हैं जो सभी के साथ घुल-मिलकर रहते हैं और सबको साथ लेकर चलते हैं.”
उन्होंने भाजपा के उन आरोपों का भी खंडन किया कि जमीर ने कहा था कि वह राष्ट्रीय ध्वज नहीं फहराएंगे. यह विवाद तब शुरू हुआ जब जमीर ने Chief Minister शिवकुमार को पत्र लिखकर अपने व्यस्त कार्यक्रमों का हवाला देते हुए स्वतंत्रता दिवस पर झंडा फहराने की जिम्मेदारी से छूट मांगी.
इस अनुरोध के बाद सत्ताधारी कांग्रेस और विपक्षी भाजपा के बीच Political टकराव शुरू हो गया है. भाजपा ने इस मामले को लेकर Lok Sabha में विपक्ष के नेता राहुल गांधी पर भी निशाना साधा और उनसे माफी की मांग की.
कर्नाटक विधानसभा में विपक्ष के नेता आर. अशोक ने Friday को कांग्रेस सांसद गांधी पर निशाना साधा. उन्होंने आरोप लगाया कि ऐसा रवैया कांग्रेस की संस्कृति का हिस्सा है और विपक्ष के नेता व कांग्रेस नेतृत्व से माफी की मांग की.
आर. अशोक ने मांग की, “राहुल गांधी और कांग्रेस नेतृत्व देश से ज्यादा पार्टी की सत्ता को अहमियत देते हैं, उन्हें कर्नाटक की जनता से माफी मांगनी चाहिए.”
उन्होंने जमीर पर राष्ट्रीय ध्वज और देश के स्वतंत्रता दिवस समारोह से ऊपर पार्टी की राजनीति और चुनावी गणित को रखने का आरोप भी लगाया.
आर. अशोक ने कहा, “जिन लोगों में राष्ट्रीय ध्वज फहराने की इच्छाशक्ति भी नहीं है, वे इस Government में देश-विरोधी तत्वों के अलावा और कुछ नहीं हैं. क्या एक जिम्मेदार मंत्री के लिए पार्टी की राजनीति, स्वतंत्रता दिवस पर तिरंगे के प्रति सम्मान दिखाने के पवित्र कर्तव्य से ज्यादा महत्वपूर्ण हो गई है?”
जमीर की छूट की मांग पर सवाल उठाते हुए आर. अशोक ने कहा कि Government मंत्रियों को आधिकारिक कार्यक्रमों में शामिल होने के लिए सभी जरूरी सुविधाएं और इंतजाम मुहैया कराती है.
आर. अशोक ने कहा, “मुझे नहीं पता कि राष्ट्रीय ध्वज फहराने के अलावा उनके पास ऐसा कौन सा बड़ा काम है. Government उनके वहां पहुंचने के लिए सभी सुविधाएं देती है और उनके ठहरने का भी इंतजाम करती है.”
उन्होंने देश की आजादी के लिए स्वतंत्रता सेनानियों द्वारा दिए गए बलिदानों को याद किया और कहा कि किसी मंत्री का यह कहना कि उनके पास तिरंगा फहराने का समय नहीं है, अनुचित है.
अशोक ने जमीर को कैबिनेट में बनाए रखने के Chief Minister डीके शिवकुमार के फैसले पर भी सवाल उठाए. उन्होंने पूछा,” सीएम शिवकुमार इस मंत्री को कैबिनेट में रखकर क्या कर रहे हैं? क्या यह देश का अपमान नहीं है? क्या यह संविधान का अनादर नहीं है? सीएम शिवकुमार शासन कैसे सुनिश्चित करेंगे?”
उन्होंने आगे कहा कि अगर चुने हुए प्रतिनिधि स्वतंत्रता दिवस समारोह में शामिल होने में हिचकिचाते हैं, तो जनता ही तय करेगी कि इसका क्या नतीजा होगा.
पूर्व Chief Minister और बीजेपी सांसद बसवराज बोम्मई ने भी जमीर की आलोचना की और दावा किया कि दावणगेरे उपचुनाव के बाद कांग्रेस में मंत्री का प्रभाव कम हो गया है.
बोम्मई ने दावा किया, “दावणगेरे उपचुनाव के बाद जमीर अहमद का पार्टी और Government में कोई सम्मान नहीं रह गया है. यह हर कदम पर साफ दिखता है. आज वह जिला प्रभारी मंत्री का पद संभालने से इनकार कर रहे हैं और भविष्य में कई और चीजों के लिए भी मना करेंगे.”
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष और विधायक बीवाई विजयेंद्र ने कहा कि राष्ट्रीय ध्वज फहराना मंत्री का कर्तव्य है, न कि कोई ऐसी चीज जिसे वे अपनी मर्जी से चुन सकें.
–
एएसएच/वीसी