कांग्रेस सरकार ने 55 वर्षों में एक मुट्ठी गेहूं भी नहीं खरीदा: सीएम मोहन यादव

नैनोद (इंदौर), 3 मई . Madhya Pradesh के Chief Minister मोहन यादव ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए उस पर राज्य में अपने 55 साल के शासनकाल के दौरान किसानों की उपेक्षा करने का आरोप लगाया.

उन्होंने दावा किया कि कांग्रेस Governmentों ने कभी मुट्ठी भर अनाज भी नहीं खरीदा और बार-बार मांग किए जाने के बावजूद गेहूं खरीद के लिए कोई उचित व्यवस्था भी स्थापित नहीं की. इसके विपरीत, Chief Minister यादव ने अपनी Government की उपलब्धियों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि पिछले चक्र में 75 लाख मीट्रिक टन से बढ़कर इस वर्ष खरीद 100 लाख मीट्रिक टन हो गई है.

वह Sunday को इंदौर में इंदौर-पीथमपुर आर्थिक गलियारे (आईपीईसी) के पहले चरण का भूमि पूजन करने के बाद एक सभा को संबोधित कर रहे थे.

सीएम मोहन यादव ने इस उपलब्धि को किसानों के प्रति अपने प्रशासन की प्रतिबद्धता की जीत बताते हुए ऐतिहासिक तुलनाओं का हवाला देते हुए प्रगति की व्यापकता को रेखांकित किया.

उन्होंने कहा कि 1956 में गेहूं का भाव मात्र 80 से 100 रुपए प्रति क्विंटल था. अगले पांच दशकों मेंं कीमत में केवल 400 रुपए प्रति क्विंटल की वृद्धि हुई, जिससे किसानों को नाममात्र का ही लाभ मिला. 2002-2003 तक, राज्य में गेहूं का भाव अभी भी 400 से 500 रुपए प्रति क्विंटल के मामूली भाव पर ही था.

उन्होंने कहा कि खरीद 2,625 रुपए प्रति क्विंटल की दर से की जा रही है. उन्होंने इस बदलाव का श्रेय उमा भारती, बाबूलाल गौर और शिवराज सिंह चौहान जैसे नेताओं और पूर्व मुख्यमंत्रियों के सामूहिक प्रयासों और अपनी Government को दिया.

Chief Minister यादव ने उड़द (काली चना) जैसी तीसरी फसल उगाने वाले किसानों को 600 रुपए के बोनस के साथ अतिरिक्त सहायता देने का भी वादा किया. उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि पिछली Governmentों ने कभी भी इस तरह के प्रोत्साहन नहीं दिए थे.

उन्होंने अपनी पार्टी के घोषणापत्र को याद दिलाते हुए 2028 तक गेहूं की खरीद दर को 2,700 रुपए प्रति क्विंटल तक बढ़ाने के अपने वादे को दोहराया.

उन्होंने अपनी Government के कार्यकाल में शेष तीन वर्ष रहते हुए विश्वास व्यक्त किया कि यह लक्ष्य जल्द ही संभवतः अगले वर्ष के भीतर ही प्राप्त कर लिया जाएगा. फसल खरीद के अलावा, Chief Minister यादव ने कृषि विकास के लिए एक व्यापक दृष्टिकोण प्रस्तुत किया.

उन्होंने कहा कि उनकी Government किसानों के लिए आय के स्रोतों में विविधता लाने के लिए दुग्ध उत्पादन और पशुपालन में अवसरों का विस्तार कर रही है.

बिजली आपूर्ति के संबंध में भी एक महत्वपूर्ण घोषणा की गई.

सीएम मोहन यादव ने आश्वासन दिया कि मानसून का मौसम समाप्त होने और फसल चक्र शुरू होने के बाद किसानों को केवल दिन के समय ही बिजली मिलेगी. उन्होंने बताया कि इस उपाय से रात में खेतों की सिंचाई करने की कठिनाइयों का समाधान हो जाएगा, जिससे अक्सर किसानों को कड़ाके की ठंड, खतरनाक परिस्थितियों और कीचड़ में काम करने के जोखिमों का सामना करना पड़ता है.

Chief Minister ने जोर देकर कहा कि इन सुधारों से किसानों का जीवन आसान हो जाएगा, जिससे वे अधिक आराम और सुरक्षा के साथ काम कर सकेंगे.

उच्च खरीद मूल्य, फसल बोनस और बेहतर बुनियादी ढांचे को मिलाकर Chief Minister यादव ने अपनी Government की कृषि नीति को किसान कल्याण और सशक्तिकरण के एक मॉडल के रूप में स्थापित किया.

डीकेपी/

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