कांग्रेस गैंडों की रक्षा करने में विफल रही: असम के मंत्री पीयूष हजारिका

गुवाहाटी, 19 अगस्त . असम के कृषि मंत्री और कार्बी आंगलोंग जिले के प्रभारी मंत्री पीयूष हजारिका ने Wednesday को काजीरंगा राष्ट्रीय उद्यान के संरक्षण को लेकर कांग्रेस पर तीखा हमला बोला. उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस अपने शासनकाल में एक सींग वाले गैंडों की रक्षा करने में विफल रही और अब काजीरंगा के संरक्षण को लेकर चिंता जता रही है.

दीफू में पत्रकारों से बातचीत के दौरान हजारिका ने कहा कि कांग्रेस को वन्यजीव संरक्षण के अपने पुराने रिकॉर्ड पर सफाई देनी चाहिए. उन्होंने कांग्रेस नेताओं की पर्यावरणीय नियमों की समझ पर भी सवाल उठाया.

हजारिका ने कहा, “जिस कांग्रेस ने गैंडों को मारा और काजीरंगा को नष्ट किया, वही अब काजीरंगा की रक्षा की बात कर रही है.”

उन्होंने विदेश में पढ़ाई कर चुके एक कांग्रेस नेता पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि उन्हें इको-सेंसिटिव जोन (ईएसजेड) और इकोनॉमिक सेंसिटिव जोन के बीच का अंतर तक नहीं पता है.

असम के मंत्री ने कांग्रेस से यह भी स्पष्ट करने को कहा कि काजीरंगा के मुद्दे पर वह किस तरह का आंदोलन करने की योजना बना रही है. उन्होंने कांग्रेस से असम की जनता को गैंडों के संरक्षण के मामले में अपने पुराने रिकॉर्ड के बारे में भी बताने को कहा.

हजारिका दीफू में कई Governmentी और सार्वजनिक कार्यक्रमों में शामिल होने पहुंचे थे. उन्होंने काजी रोंगहांगपी गेस्ट हाउस के सम्मेलन कक्ष में कृषि, सिंचाई सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की.

इसके बाद सेर्टालिन ऑडिटोरियम में आयोजित कृषि उद्योग कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मंत्री ने Government द्वारा संचालित विभिन्न कृषि ऋण योजनाओं की जानकारी दी. उन्होंने कार्बी आंगलोंग के किसानों से इन योजनाओं का प्रभावी तरीके से लाभ उठाने की अपील की, ताकि उनकी आजीविका मजबूत हो और वे आर्थिक रूप से अधिक आत्मनिर्भर बन सकें.

हजारिका ने घोषणा की कि अगले पांच वर्षों में कार्बी आंगलोंग और पश्चिम कार्बी आंगलोंग में कम से कम 400 करोड़ रुपये की विकास योजनाएं लागू की जाएंगी.

उन्होंने यह भी बताया कि दोनों पहाड़ी जिलों की पांच विधानसभा सीटों में से प्रत्येक में हर साल पांच लाख फलदार पौधे लगाने की योजना है.

समीक्षा बैठक में कार्बी आंगलोंग और पश्चिम कार्बी आंगलोंग में कृषि के विविधीकरण तथा किसानों की अतिरिक्त आय बढ़ाने के लिए पाम ऑयल और मखाना की खेती के विस्तार की संभावनाओं पर भी चर्चा की गई.

डीएससी

Leave a Comment