अकाल तख्त विवाद पर कांग्रेस का हमला, औजला ने की अंतरराष्ट्रीय फोरेंसिक जांच की मांग

अमृतसर, 25 जून . अमृतसर से कांग्रेस सांसद गुरजीत सिंह औजला ने Chief Minister भगवंत मान पर निशाना साधते हुए कहा कि उनकी हालिया प्रेस कॉन्फ्रेंस सुनने के बाद ऐसा लगा जैसे वह किसी गंभीर मुद्दे पर जवाब देने के बजाय Political विरोधियों पर टिप्पणी कर रहे हों.

से बातचीत में औजला ने कहा कि लोकतंत्र में हार और जीत सामान्य प्रक्रिया है और जनता के फैसले का सम्मान सभी Political दलों को करना चाहिए. उन्होंने कहा कि आम आदमी पार्टी भी कई चुनावों में हार का सामना कर चुकी है, इसलिए चुनावी नतीजों को लेकर अलग-अलग मानदंड नहीं अपनाए जाने चाहिए.

कांग्रेस सांसद ने कहा कि यदि Chief Minister और राज्य Government को अपने रुख पर भरोसा है, तो उन्हें मामले की जांच किसी निष्पक्ष एजेंसी से करानी चाहिए. उन्होंने सुझाव दिया कि जांच किसी अंतरराष्ट्रीय स्तर की फोरेंसिक एजेंसी या हाईकोर्ट के किसी वर्तमान अथवा सेवानिवृत्त न्यायाधीश की निगरानी में कराई जाए, ताकि पूरे मामले की सच्चाई सामने आ सके.

औजला ने कहा कि संवेदनशील धार्मिक मामलों, खासकर अकाल तख्त से जुड़े मुद्दों पर Political दलों और नेताओं को बेहद संयमित भाषा का प्रयोग करना चाहिए. उन्होंने आरोप लगाया कि पिछले कुछ दिनों से Government के प्रवक्ता और मंत्री लगातार ऐसे बयान दे रहे हैं, जिनसे विवाद और बढ़ रहा है.

उन्होंने कहा कि किसी भी धार्मिक संस्था की गरिमा बनाए रखना सभी Political दलों की जिम्मेदारी है. Political मतभेद अपनी जगह हो सकते हैं, लेकिन धार्मिक संस्थाओं और संवैधानिक पदों का सम्मान सर्वोपरि होना चाहिए.

कांग्रेस सांसद ने Chief Minister भगवंत मान से निष्पक्ष जांच के लिए आगे आने की अपील करते हुए कहा कि आज दुनिया में कई ऐसी अंतरराष्ट्रीय फोरेंसिक प्रयोगशालाएं हैं, जिनकी रिपोर्टों को अदालतों में भी मान्यता प्राप्त है. ऐसी एजेंसियों से जांच कराए जाने पर पूरे मामले में “दूध का दूध और पानी का पानी” हो जाएगा और सच्चाई जनता के सामने आ जाएगी.

औजला ने Chief Minister से नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए अपने पद से इस्तीफा देने की भी मांग की.

एएमटी/वीसी

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