
Lucknow, 6 मार्च . उत्तर प्रदेश के Chief Minister योगी आदित्यनाथ ने Friday को लोकभवन में 50 क्यूआरटी वाहनों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया. इस दौरान उन्होंने कहा कि होंडा इंडिया फाउंडेशन द्वारा यह पहल प्रदेश की सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाने में मदद करेगी.
सीएम ने कहा कि पहली बार लोकतंत्र में कानून व्यवस्था किसी चुनाव में मुद्दा बनी और इसी का परिणाम है कि आजादी के बाद पहली बार किसी Government ने अपना 5 वर्ष का कार्यकाल पूरा करने के बाद दोबारा Government बनाई. Police विभाग ने वर्ष 2017 के बाद बिगड़े, अराजक, दंगाग्रस्त और कर्फ्यूग्रस्त राज्य को बदल करके सेफ यूपी के रूप में स्थापित किया. विकास की पहली शर्त सुरक्षा है. इसे उत्तर प्रदेश Police ने साबित किया है.
Chief Minister योगी ने कहा कि यूपी का परसेप्शन चेंज करने के लिए कई कदम उठाए गए तो कुछ रिफॉर्म किए गए. इसके नतीजे हम सबके सामने हैं. उत्तर प्रदेश Police में वर्ष 2017 में पीआरवी के वाहन 9,500 थे. आज इनकी संख्या प्रदेश में 15,500 से अधिक है. वहीं वर्ष 2017 में टू व्हीलर मात्र 3,000 थे. आज इनकी संख्या 9,200 से अधिक है. यह केवल संख्या नहीं है, इसने Police के रिस्पॉन्स टाइम को न्यूनतम लाने में सफलता प्राप्त की है. आपातकालीन स्थिति में जितनी त्वरित कार्रवाई और सहायता पहुंचाएंगे, वही ट्रस्ट में बदलती है. वह ट्रस्ट ही ट्रांसफॉर्मेशन का कारण बनता है.
उन्होंने कहा कि Prime Minister Narendra Modi ने मॉडल Policeिंग के तीन महत्वपूर्ण स्तंभ बताएं हैं. इनमें इंफ्रास्ट्रक्चर, टेक्नोलॉजी और मोबिलिटी शामिल है. वर्ष 2017 से पहले Police विभाग का बजट अटकते-अटकते 16,000 करोड़ तक पहुंच पाता था और वह भी खर्च नहीं हो पाता था. वर्षों पहले जिले बने थे, लेकिन जिला मुख्यालय, Police लाइन भी नहीं बनी थी. ऐसे में Police क्या परिणाम देती? Police के पास पुराने असलहे थे, कोई सुविधा नहीं थी. उस दौरान अवस्थापना सुविधाएं जीरो थीं.. टूटे हुए बैरक में Policeकर्मी रहने को मजबूर थे.
सीएम ने कहा कि आज प्रदेश के 55 जिलों में सबसे ऊंची इमारत उत्तर प्रदेश Police के जवानों की बैरक है. यहां बेहतर आवासीय सुविधाएं उपलब्ध हैं. इसके साथ ही प्रदेश में लगातार मॉडल थानों और मॉडल फायर स्टेशनों का निर्माण किया जा रहा है, जिससे Police और आपदा सेवाओं को आधुनिक स्वरूप दिया जा सके.
उन्होंने कहा कि एक साथ लगभग तीन हजार Policeकर्मियों को ही प्रशिक्षण दिया जा सकता था. Government के सामने चुनौती थी कि लंबे समय से Police भर्ती नहीं हुई थी और युवाओं में भर्ती को लेकर उत्सुकता थी, लेकिन प्रशिक्षण क्षमता सीमित होने के कारण भर्ती प्रक्रिया को आगे बढ़ाना कठिन था. किसी भी भर्ती प्रक्रिया को पूरा करने में लगभग 9 महीने का समय लग जाता था. ऐसे में राज्य Government ने अन्य राज्यों से संपर्क किया. दो-तीन राज्यों ने सहयोग के लिए सहमति दी.
इसके अलावा, सेना और अर्द्धसैनिक बलों से भी बातचीत की गई, जिन्होंने सहयोग देने की बात कही. इन सभी प्रयासों के बाद किसी तरह प्रशिक्षण क्षमता को बढ़ाकर लगभग 17 से 20 हजार तक पहुंचाया गया. इसके बाद अन्य राज्यों तथा सैन्य प्रशिक्षण केंद्रों की मदद से इसे करीब 30 हजार तक ले जाया गया, लेकिन अब स्थिति पूरी तरह बदल चुकी है. आज प्रदेश में 60,244 Police constableों की भर्ती की गई है और इन सभी को उत्तर प्रदेश के अपने प्रशिक्षण केंद्रों में ही प्रशिक्षण दिया जा रहा है.
Chief Minister ने कहा कि पिछले वर्ष जुलाई में देश में तीन नए आपराधिक कानून लागू किए गए. इन कानूनों के तहत सात वर्ष से अधिक की सजा वाले मामलों में फॉरेंसिक साक्ष्य अनिवार्य किए गए हैं. वर्ष 2017 से पहले उत्तर प्रदेश में केवल दो फॉरेंसिक लैब थीं, लेकिन अब उनकी संख्या बढ़कर 12 हो गई है. इसके साथ ही प्रदेश में विश्वस्तरीय स्टेट फॉरेंसिक इंस्टीट्यूट भी स्थापित किया गया है, जो उत्तर प्रदेश Police के अधीन संचालित हो रहा है. इस संस्थान में डिग्री, डिप्लोमा और सर्टिफिकेट कोर्स भी संचालित किए जा रहे हैं.
सीएम ने कहा कि इसके माध्यम से Police कर्मियों के साथ-साथ उन युवाओं को भी प्रशिक्षण दिया जा रहा है, जिनकी रुचि फॉरेंसिक विज्ञान के क्षेत्र में है. प्रत्येक जिले में ए-ग्रेड की छह फॉरेंसिक लैब निर्माणाधीन हैं. इसके अलावा हर जिले में दो-दो मोबाइल फॉरेंसिक यूनिट भी तैनात की गई हैं, जो घटनास्थल पर पहुंचकर साक्ष्य संग्रह और जांच में मदद कर रही हैं. प्रदेश में सुरक्षा व्यवस्था को और सशक्त बनाने के लिए कई नई इकाइयों का गठन किया गया है.
Chief Minister योगी ने कहा कि Police व्यवस्था में इंफ्रास्ट्रक्चर, टेक्नोलॉजी और मोबिलिटी को मजबूत बनाने के लिए लगातार प्रयास प्रारंभ किए गए. इन सभी को मिलाकर जब टेक्नोलॉजी और ट्रांसफॉर्मेशन एक साथ काम करते हैं तो रिजल्ट आता है. यही कॉमन मैन के ट्रस्ट का आधार बनता है. आज देश और दुनिया के बड़े निवेशक उत्तर प्रदेश में निवेश करना चाहते हैं.
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विकेटी/एएसएच