प्रतापगढ़ में घर गिरने से छह लोगों की मौत पर सीएम योगी ने जताया दुख

प्रतापगढ़, 6 अगस्त . उत्तर प्रदेश के Chief Minister योगी आदित्यनाथ ने Thursday को प्रतापगढ़ जिले में एक घर गिरने से छह लोगों की मौत पर गहरा दुख जताया और पीड़ित परिवार के प्रति अपनी संवेदना व्यक्त की.

Chief Minister योगी ने social media प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर लिखा, “जनपद प्रतापगढ़ में एक दुर्भाग्यपूर्ण दुर्घटना में हुई जनहानि अत्यंत दुखद है. मेरी संवेदनाएं शोकाकुल परिजनों के साथ हैं. प्रभु श्री राम से प्रार्थना है कि दिवंगत आत्माओं को अपने श्री चरणों में स्थान तथा घायलों को शीघ्र स्वास्थ्य लाभ प्रदान करें.”

दरअसल, प्रतापगढ़ जिले के कोतवाली थाना क्षेत्र के महोली इलाके में Thursday तड़के भारी बारिश के बीच लगभग 100 साल पुराना घर ढहने से श्रीवास्तव परिवार के छह सदस्यों की मौत हो गई और एक अन्य घायल हो गया.

Police के अनुसार, परिवार के सभी सात सदस्य एक ही कमरे में सो रहे थे, तभी अचानक इमारत ढह गई और वे मलबे के नीचे दब गए. बचाव दल तुरंत मौके पर पहुंचे और ऑपरेशन शुरू किया और पीड़ितों को मलबे से बाहर निकाला. एक व्यक्ति को जिंदा बचा लिया गया और इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया.

जिला मजिस्ट्रेट अभिषेक पांडे और Police अधीक्षक दीपक भूकर ने घटना स्थल का दौरा किया और हादसे में बचे एकमात्र व्यक्ति अमन श्रीवास्तव से भी मुलाकात की.

मीडिया से बात करते हुए जिला मजिस्ट्रेट अभिषेक पांडे ने कहा, “यह घर प्रमोद श्रीवास्तव का था. दूसरी मंजिल पर बने एक कमरे की छत पुरानी निर्माण तकनीक से बनी थी. शुरुआती जांच से पता चलता है कि इसी पुराने तरीके से बनी छत ढह गई. जब यह हादसा हुआ, तो परिवार के सभी सात सदस्य उसी कमरे में सो रहे थे, जिसमें एयर-कंडीशनर लगा हुआ था.”

उन्होंने कहा, “कमरे में सो रहे सात लोगों में से छह की मौत हो गई. अमन बच गया और अभी डॉक्टरों की देखरेख में है. यह बहुत दुखद है कि एक ही घटना में लगभग पूरा परिवार खत्म हो गया. हमें परिवार के साथ मजबूती से खड़े रहने और हरसंभव मदद देने के निर्देश मिले हैं.”

पांडे ने कहा कि उन्होंने अमन से बात की है और उसे भरोसा दिलाया है कि Government की तरफ से मिलने वाले सभी फायदे और राहत उपाय 24 घंटे के भीतर उपलब्ध करा दिए जाएंगे.

हादसे में घायल अमन श्रीवास्तव ने कहा, “जब मेरी नींद खुली, तो मुझे एहसास हुआ कि मैं मलबे के नीचे दबा हुआ हूं. मैं किसी तरह निकलने में कामयाब रहा और देखा कि परिवार के सभी सदस्य फंसे हुए थे. मैंने पहले खुद उन्हें बचाने की कोशिश की, लेकिन सफल नहीं हो सका, इसलिए मदद के लिए चिल्लाने लगा. परिवार के सदस्य, पड़ोसी और अन्य लोग मौके पर जमा हो गए. हम सभी सात लोग एक ही कमरे में सो रहे थे. मेरे माता-पिता, मेरा छोटा भाई, मेरी पत्नी और हमारे दो छोटे बच्चे अंदर थे. मुझे तो बचा लिया गया, लेकिन वे सभी मारे गए.”

ओपी/वीसी

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