मिर्जापुर हादसे पर सीएम योगी ने जताया दुख, अधिकारियों को दिए उचित दिशा-निर्देश

मिर्जापुर, 23 अप्रैल . उत्तर प्रदेश के मिर्जापुर में Wednesday रात हुआ एक भीषण सड़क हादसा में 11 लोगों की मौत हो गई, जिनमें से 9 लोग बोलेरो में जिंदा जल गए. Chief Minister योगी आदित्यनाथ ने हादसे पर दुख जताया है.

उत्तर प्रदेश के Chief Minister योगी आदित्यनाथ ने social media प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, “जनपद मीरजापुर में सड़क दुर्घटना में हुई जनहानि अत्यंत दुःखद एवं हृदय विदारक है. मेरी संवेदनाएं शोक संतप्त परिवारों के साथ हैं. संबंधित अधिकारियों को घायलों का समुचित उपचार कराने के निर्देश दिए हैं. प्रभु श्री राम से प्रार्थना है कि दिवंगत आत्माओं को सद्गति एवं शोकाकुल परिजनों को यह अथाह दुःख सहन करने की शक्ति तथा घायलों को शीघ्र स्वास्थ्य लाभ प्रदान करें.”

हादसे में जान गंवाने वालों की सूची भी प्रशासन द्वारा जारी कर दी गई है. मृतकों में सतना निवासी प्रियंका सिंह (42), कार्तिकेय सिंह (19), जिगना निवासी पियूष सिंह (14), पंकज सिंह (40), बीना सिंह (47), वंदना सिंह (43), शिवा सिंह (48), सोनम सिंह (19), रामपुर निवासी विष्णु सिंह (45), नेया खेड़ा निवासी विकास शर्मा (32) और भटियागांव निवासी जय प्रकाश (28) शामिल हुई हैं. इनमें से कई एक ही परिवार या आसपास के क्षेत्रों से थे, जिससे पूरे इलाके में शोक की लहर है.

जानकारी के अनुसार, यह हादसा उत्तर प्रदेश के मिर्जापुर जिले में Wednesday रात एक भीषण सड़क हादसे ने पूरे क्षेत्र को झकझोर कर रख दिया. इस दर्दनाक दुर्घटना में कुल 11 लोगों की मौत हो गई, जिनमें से 9 लोग बोलेरो वाहन में जिंदा जल गए. हादसा रीवा-मिर्जापुर राष्ट्रीय राजमार्ग पर ड्रमंडगंज घाटी के ढलान पर हुआ, जहां तेज रफ्तार और ब्रेक फेल ट्रक ने कई वाहनों को अपनी चपेट में ले लिया.

रात करीब 8:30 बजे हुआ जब Madhya Pradesh से चना लादकर आ रहा एक ट्रक अचानक अनियंत्रित हो गया. ब्रेक फेल होने के कारण ट्रक तेज गति से नीचे की ओर बढ़ा और सामने चल रही बोलेरो को जोरदार टक्कर मार दी. टक्कर इतनी भीषण थी कि बोलेरो आगे चल रहे गिट्टी से भरे ट्रक से जा टकराई और देखते ही देखते आग का गोला बन गई. इसी दौरान पीछे से आ रहे एक अन्य ट्रक ने भी संतुलन खो दिया और आगे चल रही कार से भिड़ गया. कुछ ही क्षणों में सड़क पर अफरा-तफरी, आग की लपटें और चीख-पुकार का भयावह मंजर छा गया.

घटना की सूचना मिलते ही Police और राहत-बचाव दल मौके पर पहुंच गए. स्थानीय लोगों की मदद से आग बुझाने और घायलों को बाहर निकालने का प्रयास किया गया. घायलों को तत्काल नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनका इलाज जारी है.

प्रशासन ने हादसे की जांच शुरू कर दी है और प्रारंभिक तौर पर ब्रेक फेल होना दुर्घटना का मुख्य कारण माना जा रहा है. इस घटना ने एक बार फिर पहाड़ी और ढलान वाले मार्गों पर भारी वाहनों की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं. स्थानीय लोगों ने भी इस मार्ग पर सुरक्षा उपायों को और मजबूत करने की मांग की है, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके.

एसएके/पीएम

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