
चेन्नई, 14 अप्रैल . तमिलनाडु के Chief Minister एमके स्टालिन ने परिसीमन को लेकर केंद्र Government के खिलाफ कड़ा रुख अपनाते हुए Prime Minister Narendra Modi को चेतावनी दी. उन्होंने कहा कि अगर केंद्र Government प्रस्तावित परिसीमन प्रक्रिया को आगे बढ़ाती है, जिससे तमिलनाडु की संसदीय सीटें प्रभावित होती हैं, तो राज्य में बड़ा आंदोलन शुरू किया जाएगा.
सीएम स्टालिन ने social media प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर जारी एक वीडियो संदेश में इस मुद्दे को गंभीर बताते हुए सवाल उठाया, ‘क्या जनसंख्या नियंत्रण में सफल रहे तमिलनाडु को अब सजा दी जा रही है?” उन्होंने कहा कि यह फैसला राज्य के दरवाजे पर खड़े ‘अन्याय’ जैसा है, जिसे किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं किया जाएगा.
Chief Minister ने आरोप लगाया कि केंद्र Government बिना राज्यों से चर्चा किए, एकतरफा तरीके से परिसीमन लागू करने की कोशिश कर रही है. उन्होंने इसे संघीय ढांचे के खिलाफ बताया और कहा कि इससे राज्यों की आवाज कमजोर होगी. उन्होंने साफ कहा कि तमिलनाडु इस मामले में चुप नहीं बैठेगा.
सीएम स्टालिन ने कहा, “अगर केंद्र Government इस प्रक्रिया को आगे बढ़ाती है, तो तमिलनाडु में व्यापक विरोध प्रदर्शन होगा.” उन्होंने यह भी कहा कि यह मुद्दा सिर्फ चुनाव या सत्ता का नहीं है, बल्कि राज्य के आत्मसम्मान और नीतियों से जुड़ा हुआ है.
Chief Minister ने कहा, “हमारे लिए चुनाव और शासन द्वितीय हैं, हमारी विचारधारा और आत्मसम्मान पहले हैं.”
Chief Minister ने संसद सत्र को लेकर भी चिंता जताई. उन्होंने कहा कि जिस तरह से विशेष सत्र बुलाने की चर्चा हो रही है, उससे पारदर्शिता की कमी नजर आती है. उन्होंने आशंका जताई कि संसद को सामान्य प्रक्रिया से नहीं, बल्कि ‘जबरन’ बुलाया जा सकता है.
सीएम स्टालिन ने चेतावनी दी कि अगर संसद सत्र के दौरान कोई ऐसा कदम उठाया गया, जो तमिलनाडु के प्रतिनिधित्व को प्रभावित करता है, तो राज्य में जोरदार विरोध होगा. उन्होंने दोहराया कि केंद्र Government ने इस महत्वपूर्ण मुद्दे पर राज्यों से कोई राय नहीं ली है.
उन्होंने यह भी कहा कि अगर परिसीमन को जबरन लागू किया गया, तो केंद्र Government को एक ऐसा तमिलनाडु देखने को मिलेगा, जैसा पहले कभी नहीं देखा. उन्होंने द्रविड़ आंदोलन की विरासत का जिक्र करते हुए कहा कि देश एक बार फिर 1950-60 के दशक जैसी Political प्रतिरोध की झलक देख सकता है.
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वीकेयू/वीसी