कावेरी जल विवाद: तमिलनाडु के Supreme Court जाने के फैसले पर बोले सीएम शिवकुमार, कानूनी रूप से देंगे जवाब

Bengaluru, 3 अगस्त . कर्नाटक के Chief Minister डीके शिवकुमार ने Monday को कहा कि कावेरी जल विवाद को लेकर तमिलनाडु के Supreme Court जाने के फैसले पर राज्य विशेषज्ञों से सलाह लेकर कानूनी तरीके से जवाब देगा.

विधान सौधा में नए मंत्रियों के साथ करीब दो घंटे चली कैबिनेट बैठक के बाद पत्रकारों से बातचीत करते हुए सीएम शिवकुमार ने कहा कि कर्नाटक अपने हितों की रक्षा करते हुए कावेरी जल बंटवारे से जुड़े कानूनी नियमों का पालन करता रहेगा.

उन्होंने कहा, ”हम कानून का सम्मान करते हैं और कानूनी रूप से जवाब देंगे. कर्नाटक ने कावेरी जल प्रबंधन प्राधिकरण के निर्देशों का कानूनी ढांचे के भीतर पालन किया है और राज्य के सभी Political दल कर्नाटक के हितों की रक्षा के लिए एकजुट रहे हैं.”

Monday को 19 नए मंत्रियों के शपथ ग्रहण के बाद हुई यह पहली कैबिनेट बैठक थी. बैठक में राज्य में भारी बारिश और सूखे जैसी परिस्थितियों से निपटने की तैयारियों की भी समीक्षा की गई.

सीएम शिवकुमार ने कहा कि नए मंत्रियों को Wednesday से अपने-अपने जिलों का दौरा करने, भारी बारिश और सूखे के प्रभाव का आकलन करने और विस्तृत रिपोर्ट राजस्व मंत्री को सौंपने के निर्देश दिए गए हैं.

उन्होंने कहा, ”हमने नए मंत्रियों से कहा है कि वे अपने जिलों का दौरा करें, बारिश और सूखे से प्रभावित इलाकों का निरीक्षण करें और जमीनी हालात का आकलन करने के बाद रिपोर्ट सौंपें. Government इन्हीं रिपोर्टों के आधार पर आगे फैसला करेगी.”

Chief Minister ने बताया कि कैबिनेट ने राज्य के सामने मौजूद प्रमुख चुनौतियों पर चर्चा की, जिनमें सूखा, पेयजल उपलब्धता और कई जिलों में बारिश से हुए नुकसान शामिल हैं.

उन्होंने कहा कि हाल की बारिश से पानी के संकट से कुछ राहत मिली है, लेकिन सूखे का खतरा पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है.

शिवकुमार ने कहा, ”स्थिति बेहद गंभीर हो गई थी, लेकिन हाल की बारिश से अस्थायी राहत मिली है. बढ़ते जल प्रवाह के बावजूद केआरएस और हेमावती जैसे जलाशय अभी तक पूरी तरह नहीं भरे हैं. शिवमोग्गा और तीर्थहल्ली में बारिश से जुड़ी घटनाएं हुई हैं और रिपोर्ट मिलने के बाद उचित राहत उपाय किए जाएंगे.”

उन्होंने मंत्रियों को निर्देश दिया कि वे सभी Political दलों के जनप्रतिनिधियों के साथ प्रभावित क्षेत्रों का दौरा करें, ताकि बाढ़ और सूखे से हुए नुकसान का पारदर्शी आकलन किया जा सके.

Chief Minister ने कहा कि Government पहले ही हर विधानसभा क्षेत्र के लिए पेयजल जरूरतों को पूरा करने के लिए एक करोड़ रुपए मंजूर कर चुकी है. जिला स्तर की रिपोर्ट मिलने के बाद आगे के फैसले लिए जाएंगे.

एएमटी/डीकेपी

Leave a Comment