
गांधीनगर, 17 मई . Prime Minister Narendra Modi 15 से 20 मई 2026 तक संयुक्त अरब अमीरात, नीदरलैंड, स्वीडन, नॉर्वे और इटली की आधिकारिक यात्रा पर हैं. पीएम मोदी ने नीदरलैंड में Prime Minister रॉब जेटेन के साथ कई समझौतों पर बातचीत की. इस बीच Gujarat के Chief Minister भूपेंद्र पटेल ने पीएम मोदी की नीदरलैंड्स में उनके समकक्ष रॉब जेटेन के साथ कई तस्वीरें शेयर की हैं.
Gujarat Chief Minister कार्यलय के अनुसार, इस दौरे के दौरान, उन्होंने खास तौर पर ऐतिहासिक अफस्लुइटडिज्क डैम का रिव्यू किया, जो Gujarat के ड्रीम प्रोजेक्ट कल्पसर का ग्लोबल रोल मॉडल है. India और नीदरलैंड्स ने Gujarat के बड़े कल्पसर प्रोजेक्ट पर टेक्निकल सहयोग के लिए एक लेटर ऑफ इंटेंट (एलओएल) का आदान-प्रदान किया, जिससे वॉटर मैनेजमेंट और इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट में आपसी सहयोग मजबूत होगा.
इस 32 किलोमीटर लंबे डच बांध की तकनीकी उत्कृष्टता और नवीन ऊर्जा के मॉडल का अध्ययन बहुत जरूरी है, जो खारे पानी की खाड़ी को मीठे पानी के बड़े भंडार में बदलने के लिए दुनिया भर में मशहूर है. नीदरलैंड्स की यह एडवांस्ड इंजीनियरिंग एक्सपर्टीज Gujarat के बड़े कल्पसर प्रोजेक्ट के लिए गाइड बनेगी.
खंभात की खाड़ी के पास मीठे पानी का एक बड़ा भंडार और डैम बनाने के प्लान को नई रफ्तार मिलेगी. कल्पसर प्रोजेक्ट का मकसद खंभात की खाड़ी से सौराष्ट्र को दक्षिण Gujarat से जोड़ना और साथ ही मीठे पानी का एक बड़ा भंडार बनाना है. 30 मार्च, 2026 को नीदरलैंड के एम्बेसडर के Gujarat दौरे के दौरान Chief Minister भूपेंद्र पटेल के साथ मीटिंग में कल्पसर प्रोजेक्ट पर जरूरी बातचीत के बाद ‘इंडो-डच’ एक्सपर्ट ग्रुप बनाने और जी2जी पार्टनरशिप पर बात हुई.
नीदरलैंड अपने दुनिया भर में मशहूर ‘अफ्सलुइटडिज्क’ डैम प्रोजेक्ट के मैनेजमेंट के 90 साल से ज्यादा के अनुभव और एक्सपर्टीज का फायदा India को देगा.
डच एक्सपर्टीज और टेक्निकल मदद से पानी के सेक्टर में दोनों देशों की स्ट्रेटेजिक पार्टनरशिप और मजबूत हो सकती है.
भूपेंद्र पटेल ने अपने social media पोस्ट में लिखा कि Prime Minister Narendra Modi की नीदरलैंड के Prime Minister रॉब जेटेन के साथ नीदरलैंड के प्रतिष्ठित अफ्सलाउटडाइक डैम की यात्रा जल प्रबंधन, जलवायु परिवर्तन से निपटने की क्षमता और सतत अवसंरचना के क्षेत्र में भारत-नीदरलैंड्स सहयोग को और गहरा करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है.
उन्होंने कहा कि Gujarat की दूरदर्शी कल्पसर परियोजना पर तकनीकी सहयोग के लिए India के जल शक्ति मंत्रालय और नीदरलैंड के अवसंरचना एवं जल प्रबंधन मंत्रालय के बीच आशय पत्र पर हस्ताक्षर एक ऐतिहासिक घटनाक्रम है. यह सहयोग Gujarat में उन्नत जल इंजीनियरिंग, मीठे पानी के संरक्षण, बाढ़ प्रबंधन और एकीकृत अवसंरचना विकास के लिए नए अवसर खोलेगा.
Chief Minister ने लिखा कि अफ्सलाउटडाइक जल अभियांत्रिकी के क्षेत्र में एक वैश्विक मिसाल है, जो नवाचार और दूरदर्शी सोच के माध्यम से चुनौतियों को अवसरों में परिवर्तित करता है. Gujarat की महत्वाकांक्षी कल्पसर परियोजना भी इसी प्रकार खंभात की खाड़ी के पार एक विशाल मीठे पानी का जलाशय बनाने की परिकल्पना करती है, जिससे सिंचाई, जल सुरक्षा, ज्वारीय ऊर्जा, संपर्क और क्षेत्रीय विकास में व्यापक लाभ प्राप्त होंगे.
उन्होंने कहा कि India के विकास पथ को गति देने के लिए वैश्विक विशेषज्ञता, भविष्योन्मुखी प्रौद्योगिकियों और परिवर्तनकारी साझेदारियों को निरंतर लाने के लिए Prime Minister मोदी के प्रति हम कृतज्ञ हैं. उनके दूरदर्शी नेतृत्व में, India आने वाली पीढ़ियों के लिए जलवायु परिवर्तन के प्रति लचीला और जल-सुरक्षित भविष्य बनाने के लिए विश्व स्तरीय नवाचार को अपना रहा है.
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एमएस/