सीएम मोहन यादव ने जबलपुर एयरपोर्ट का नाम बदलने का वादा किया, विपक्ष ने देरी पर सवाल उठाए

जबलपुर, 24 जून . Madhya Pradesh के Chief Minister मोहन यादव ने Wednesday को गोंडवाना की रानी और आदिवासी समाज का प्रमुख चेहरा रहीं रानी दुर्गावती के सम्मान के प्रति अपनी Government की प्रतिबद्धता दोहराई. उन्होंने घोषणा की कि वह जबलपुर के डुमना एयरपोर्ट का नाम इस महान योद्धा रानी के नाम पर रखने के प्रस्ताव को केंद्र के समक्ष व्यक्तिगत रूप से आगे बढ़ाएंगे.

यह घोषणा जबलपुर में रानी दुर्गावती के बलिदान दिवस पर आयोजित कार्यक्रमों के दौरान की गई. रानी दुर्गावती ने 24 जून, 1564 को आसफ खान के नेतृत्व वाली मुगल सेना से लड़ते हुए अपनी जान दे दी थी.

Chief Minister मोहन यादव ने कहा, “मैं व्यक्तिगत रूप से केंद्र Government के पास यह प्रस्ताव ले जाऊंगा ताकि डुमना एयरपोर्ट का नाम बदलकर रानी दुर्गावती पर रखा जा सके. हमारी Government ने हमेशा उनके सम्मान में काम किया है, और पिछले साल हमने जबलपुर में एक बड़े फ्लाईओवर का नाम उनके नाम पर रखा था.”

यह मुद्दा लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) के मंत्री और वरिष्ठ भाजपा नेता राकेश सिंह ने उठाया. उन्होंने Chief Minister को याद दिलाया कि Madhya Pradesh विधानसभा ने पिछले साल ही डुमना एयरपोर्ट का नाम रानी दुर्गावती पर रखने का प्रस्ताव पारित किया था और इसे मंजूरी के लिए केंद्र को भेजा था.

राकेश सिंह ने कहा, “विधानसभा ने प्रस्ताव पारित कर दिल्ली भेज दिया है. अभी तक कोई फैसला नहीं हुआ है, इसलिए मैं Chief Minister से अनुरोध करता हूं कि वे सुनिश्चित करें कि केंद्र जल्द से जल्द इसे मंजूरी दे ताकि महाकौशल के लोगों की लंबे समय से चली आ रही यह मांग पूरी हो सके.”

इस मांग को सभी दलों का समर्थन मिल रहा है. वहीं, विपक्ष के नेता उमंग सिंघार ने प्रस्ताव को लागू करने में हो रही देरी पर सवाल उठाए हैं.

सिंघार ने निशाना साधते हुए कहा, “जब Madhya Pradesh और केंद्र दोनों जगह भाजपा की Government है, तो प्रस्ताव अभी तक लागू क्यों नहीं हुआ? Chief Minister को सिर्फ घोषणाएं नहीं करनी चाहिए. उन्हें लोगों को बताना चाहिए कि एयरपोर्ट का नाम असल में कब रानी दुर्गावती के नाम पर रखा जाएगा.”

डुमना एयरपोर्ट, जिसे आधिकारिक तौर पर जबलपुर एयरपोर्ट के नाम से जाना जाता है, Madhya Pradesh के प्रमुख एविएशन हब में से एक है और महाकौशल क्षेत्र को सेवा देता है. जबलपुर शहर से लगभग 20 किलोमीटर दूर स्थित इस एयरपोर्ट का हाल के वर्षों में काफी विस्तार हुआ है, जिसमें एक आधुनिक टर्मिनल बिल्डिंग का निर्माण और यात्रियों के लिए बेहतर सुविधाएं शामिल हैं.

यह एयरपोर्ट अभी भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण के तहत काम करता है और जबलपुर को दिल्ली, Mumbai , हैदराबाद और Bengaluru जैसे प्रमुख शहरों से जोड़ता है.

एयरपोर्ट का नाम रानी दुर्गावती पर रखने के प्रस्ताव को आदिवासी इतिहास में उनके योगदान और हमलावर सेनाओं के खिलाफ वीरतापूर्ण प्रतिरोध की प्रतीकात्मक मान्यता के रूप में देखा जाता है. 1524 में जन्मीं और गोंड शासक दलपत शाह से ब्याही गईं रानी दुर्गावती को साहस, प्रशासनिक सूझ-बूझ और बलिदान के लिए पूरे मध्य India में सम्मान दिया जाता है. उनके शहादत दिवस को ‘बलिदान दिवस’ के रूप में मनाया जाता है. यह दिन पूरे Madhya Pradesh और खासकर महाकौशल क्षेत्र में याद किया जाता है, जहां वे आदिवासी गौरव, वीरता और आत्मसम्मान की स्थायी प्रतीक बनी हुई हैं.

डीकेएम/एबीएम

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