
इम्फाल, 31 जुलाई . मणिपुर के Chief Minister युमनाम खेमचंद सिंह ने Friday को कहा कि उनकी Government राज्य में स्थायी शांति बहाल करने, सांप्रदायिक सौहार्द मजबूत करने और सामान्य जीवन की स्थिति बनाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है.
Chief Minister सचिवालय, बाबुपारा में यूनिफाइड ज़ो संगठन, ज़ोमी चीफ एसोसिएशन और ज़ोमी काउंसिल के प्रतिनिधियों से मुलाकात के दौरान उन्होंने यह बात कही. इस दौरान विधायक टोंगब्राम रोबिंद्रो भी मौजूद थे.
ज़ोमी आदिवासी समुदाय के तीनों संगठनों के 14 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल से बातचीत में Chief Minister ने कहा कि Government राज्य के सभी समुदायों के बीच शांति, सामान्य स्थिति और सौहार्द को बढ़ावा देने के अपने वादे पर कायम है.
खेमचंद सिंह ने दोहराया कि मौजूदा स्थिति का शांतिपूर्ण, समावेशी और स्थायी समाधान निकालने के लिए Government सभी पक्षों से लगातार बातचीत करती रहेगी.
Chief Minister कार्यालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि बैठक में ज़ोमी संगठनों के प्रतिनिधियों ने राज्य से जुड़े विभिन्न मुद्दों से Chief Minister को अवगत कराया और शांति व सामान्य स्थिति बहाल करने के Governmentी प्रयासों में अपना समर्थन देने का भरोसा दिलाया. इस दौरान विभिन्न समुदायों के बीच आपसी विश्वास और समझ बढ़ाने के उपायों पर भी चर्चा हुई.
प्रतिनिधिमंडल ने चुराचांदपुर में एक मल्टी-यूटिलिटी हॉल बनाने का प्रस्ताव भी सौंपा. चुराचांदपुर जिले में मुख्य रूप से कुकी-ज़ो आदिवासी समुदाय रहते हैं.
ज़ोमी संगठनों का यह दौरा इसलिए भी अहम है क्योंकि 3 साल बाद पहली बार तीनों संगठनों के प्रतिनिधि एक साथ चुराचांदपुर से इम्फाल आकर Chief Minister से मिले. इससे कानून-व्यवस्था में सुधार और समुदायों के बीच आवागमन बहाल होने का संकेत मिलता है.
ज़ोमी काउंसिल के अध्यक्ष वुमसुआन नाउलाक ने कहा कि वे जिले के ताजा हालात से Chief Minister को अवगत कराने और समुदायों के बीच आपसी विश्वास बढ़ाने के लिए आए थे. उन्होंने बैठक को सौहार्दपूर्ण और रचनात्मक बताया और कहा कि राज्य Government ने लोगों को विकास और स्थायी शांति के लिए साथ मिलकर काम करने का अवसर दिया है, इसके लिए वे आभारी हैं.
ज़ोमी काउंसिल की सचिव (सूचना एवं प्रचार) मैरी जोन्स ने कहा कि लगभग 3 साल बाद वे फिर इम्फाल आ पाए हैं. उन्होंने इसे सामान्य स्थिति बहाली के लिए एक सकारात्मक संकेत बताया.
समाजसेवी जोसेफ वाल्टे, जो दिवंगत विधायक वुंगजागिन वाल्टे के बेटे हैं, ने कहा कि वे राज्य में शांति और समृद्धि की वापसी की उम्मीद कर रहे हैं.
मणिपुर भाजपा के विधायक और वरिष्ठ ज़ोमी आदिवासी नेता वुंगजागिन वाल्टे का 21 फरवरी 2026 को गुरुग्राम के एक निजी अस्पताल में निधन हो गया था. थानलोन विधानसभा क्षेत्र से तीन बार विधायक रहे वाल्टे 4 मई 2023 को इम्फाल में हुई जातीय हिंसा के दौरान गंभीर रूप से घायल हो गए थे और उसके बाद से दिल्ली-गुरुग्राम में इलाज करवा रहे थे.
बैठक में ज़ोमी चीफ एसोसिएशन के उपाध्यक्ष पी. गुइते, यूनिफाइड ज़ो संगठन के लियानखानखुप ज़ो और तीनों संगठनों के अन्य सदस्य भी शामिल थे.
गौरतलब है कि मणिपुर में 3 मई 2023 को जातीय हिंसा भड़कने के बाद से पहाड़ी जिलों में रहने वाले कुकी-ज़ो आदिवासी मुख्य रूप से मेइती समुदाय वाले इम्फाल घाटी में आने से बच रहे हैं.
मेइती समुदाय मणिपुर की आबादी का लगभग 53 फीसदी है और मुख्य रूप से 5-6 जिलों वाली इम्फाल घाटी में रहते हैं. वहीं नागा और कुकी-ज़ो-ज़ोमी सहित आदिवासी समुदाय राज्य की आबादी का लगभग 40 फीसदी हैं और मुख्य रूप से बाकी 10 पहाड़ी जिलों में रहते हैं.
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डीएससी