
New Delhi, 27 मार्च . उत्तराखंड के Chief Minister पुष्कर सिंह धामी ने Friday को New Delhi में Prime Minister Narendra Modi से मुलाकात की. Chief Minister ने उत्तराखंड के विकास के लिए केंद्र Government द्वारा प्रदान किए जा रहे सहयोग व मार्गदर्शन के लिए Prime Minister का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि केंद्र के सहयोग से राज्य विकास के नए आयाम स्थापित कर रहा है. इस दौरान Chief Minister ने पीएम मोदी को देवभूमि उत्तराखंड आने का भी निमंत्रण दिया.
Chief Minister ने Prime Minister को टिहरी जनपद में स्थित शक्तिपीठ मां सुरकंडा देवी की रेप्लिका, बढ़ी गाय के घी के साथ ही राज्य के अलग-अलग जिलों से मंगाई पांच प्रकार के राजमा और शहद भेंट किए.
Chief Minister ने हरिद्वार कुंभ-2027 के लिए 500 करोड़ रुपए की सहायता, नदी जोड़ो परियोजना के अंतर्गत राष्ट्रीय जल विकास अभिकरण द्वारा फिजिबिलिटी स्टडी, राजाजी नेशनल पार्क स्थित चौरासी कुटिया के विकास के लिए 100 रुपए करोड़ की स्वीकृति, पिथौरागढ़ के नैनी-सैनी हवाई पट्टी हेतु एमओयू और चारधाम यात्रा के लिए सुरक्षित हेली सेवाओं हेतु संचालन में सहयोग के लिए विशेष धन्यवाद दिया.
इसके साथ सीएम धामी ने ऋषिकेश में विद्युत लाइनों के भूमिगतकरण, चम्पावत बाईपास, देहरादून रिंग रोड और देहरादून-मसूरी रोड जैसी महत्वपूर्ण आधारभूत परियोजनाओं की स्वीकृति के लिए भी Prime Minister का आभार व्यक्त किया.
इस दौरान Chief Minister ने उत्तराखंड दौरे पर Prime Minister मोदी द्वारा दिए गए सुझावों और मार्गदर्शन पर राज्य Government द्वारा की गई कार्यवाही की भी विस्तृत जानकारी दी. उन्होंने बताया कि उत्तराखंड को वैश्विक वेडिंग डेस्टिनेशन के रूप में विकसित करने के लिए चौपता, दुग्गलबिट्ट्ठा, पटवाडांगर और शारदा कॉरिडोर क्षेत्र में कार्य किया जा रहा है जबकि रामनगर, देहरादून, ऋषिकेश और त्रियुगीनारायण पहले से लोकप्रिय वेडिंग डेस्टिनेशन बन चुके हैं. राज्य में वेडिंग डेस्टिनेशन के लिए पॉलिसी भी तैयार की जा रही है.
Chief Minister ने बताया कि राज्य में आध्यात्मिक आर्थिक क्षेत्र के रूप में बेल केदार, अंजनीसैंण-टिहरी तथा लोहाघाट-श्यामलाताल क्षेत्रों को चिन्हित किया गया है. राज्य Government ने शीतकालीन यात्रा भी प्रारंभ कर दी है, जिसके परिणामस्वरूप श्रद्धालुओं की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है. आदि कैलाश यात्रा में वर्ष 2022 में 1761 श्रद्धालुओं की तुलना में वर्ष 2025 में 3,6453 श्रद्धालुओं द्वारा दर्शन किया गया. यहां के लिए हेलीसेवा भी शुरू की गई.
उन्होंने बताया कि राज्य में साहसिक पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए रिवर राफ्टिंग, पैराग्लाइडिंग, कयाकिंग सहित अनेक गतिविधियों को बढ़ावा दिया जा रहा है. साथ ही स्थानीय रोजगार सृजन के लिए वोकल फॉर लोकल के अंतर्गत हाउस ऑफ हिमालयाज ब्रांड के माध्यम से स्थानीय उत्पादों को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय बाजारों तक पहुंचाया जा रहा है.
Chief Minister ने शिक्षा, पर्यटन, ग्रामीण अर्थव्यवस्था एवं स्वरोजगार को बढ़ावा देने के लिए “एक जिला-एक मेला क्लस्टर विद्यालय योजना, India दर्शन एवं उत्तराखंड दर्शन कार्यक्रम जैसी पहलों की जानकारी भी Prime Minister को दी.
Chief Minister ने दिल्ली से मेरठ तक संचालित रीजनल रैपिड ट्रांजिट सिस्टम (आरआरटीएस) परियोजना का विस्तार मेरठ से हरिद्वार एवं ऋषिकेश तक किए जाने का अनुरोध किया. Chief Minister ने उत्तराखंड में रक्षा उपकरण निर्माण इकाइयों की स्थापना के लिए नीति समर्थन एवं प्राथमिकता देने का भी अनुरोध किया.
उन्होंने राज्य की सामरिक स्थिति, उपलब्ध प्रशिक्षित मानव संसाधन और विकसित औद्योगिक ढांचे को इस दिशा में उपयुक्त बताया. Chief Minister ने कोटद्वार, हरिद्वार और देहरादून में रक्षा उपकरण उत्पादन औद्योगिक केंद्र की स्थापना पर भी केंद्र से सहयोग का अनुरोध किया. इसके साथ ही रायवाला क्षेत्र में बीआई-डक ब्रिज के विकास व उत्तरकाशी जिले में स्थित चिन्यालीसौड़ एयरस्ट्रिप के विस्तार की आवश्यकता पर भी बल दिया.
Chief Minister ने टिहरी झील में सी-प्लेन सेवा प्रारंभ करने का प्रस्ताव भी Prime Minister के समक्ष रखा. साथ ही, दिल्ली-हल्द्वानी एक्सप्रेस-वे के निर्माण का भी अनुरोध किया. उन्होंने बताया कि इस परियोजना से काशीपुर, रुद्रपुर औद्योगिक क्षेत्र, पंतनगर एयरपोर्ट व रामनगर स्थित जिम कॉर्बेट नेशनल पार्क तक आवागमन सुगम होगा और पर्वतीय क्षेत्रों के लिए यातायात व लॉजिस्टिक्स में उल्लेखनीय सुधार आएगा.
रेल कनेक्टिविटी के विस्तार पर बल देते हुए सीएम धामी ने ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल परियोजना के अंतर्गत ऋषिकेश से व्यासी खंड के शीघ्र लोकार्पण, टनकपुर-बागेश्वर रेल लाइन में रोड-कम-रेल टनल निर्माण, बागेश्वर-कर्णप्रयाग नई रेल लाइन के सर्वे तथा हरिद्वार-देहरादून रेल लाइन के डबलिंग का अनुरोध किया. उन्होंने सामरिक दृष्टि से महत्वपूर्ण उत्तरकाशी क्षेत्र को रेल नेटवर्क से जोड़ने हेतु ऋषिकेश-उत्तरकाशी रेल लाइन के निर्माण का भी प्रस्ताव रखा, जिससे गंगोत्री एवं यमुनोत्री धाम की यात्रा सुगम होने के साथ-साथ स्थानीय उत्पादों की आपूर्ति श्रृंखला मजबूत होगी.
इस अवसर पर Chief Minister पुष्कर सिंह धामी ने Prime Minister Narendra Modi को उत्तराखंड आगमन का निमंत्रण देते हुए विभिन्न परियोजनाओं के लोकार्पण एवं शिलान्यास का प्रस्ताव भी रखा. प्रस्तावित लोकार्पण में दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेस-वे और टिहरी पम्प्ड स्टोरेज प्लांट शामिल हैं, जबकि शिलान्यास के लिए पंतनगर एयरपोर्ट के विस्तार एवं बनबसा लैंड पोर्ट परियोजना शामिल है.
Chief Minister ने बताया कि चम्पावत जनपद के बनबसा क्षेत्र में भारत-नेपाल सीमा पर विकसित हो रहा लैंड पोर्ट व्यापार, आवागमन एवं क्षेत्रीय सहयोग को नई गति देगा तथा एशियन हाईवे से जुड़कर अंतरराष्ट्रीय कनेक्टिविटी को सुदृढ़ करेगा.
Chief Minister ने Prime Minister को उतराखण्ड में संचालित विशिष्ट पहलों एवं प्रमुख सुधारों की भी विस्तृत जानकारी दी. उन्होंने बताया कि राज्य में पर्यटन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से होम स्टे योजना के अंतर्गत 6,000 से अधिक होम-स्टे पंजीकृत किए जा चुके हैं. आमजन की सुविधा के लिए ‘उत्तरास्टेज’ नाम से देश का पहला निःशुल्क मार्केटिंग पोर्टल विकसित किया गया है, जिससे बड़ी संख्या में स्थानीय लोग जुड़ रहे हैं.
उन्होंने बागवानी क्षेत्र में आत्मनिर्भरता बढ़ाने के लिए अल्मोड़ा के चौबटिया में सेब, चेरी, प्लम एवं नाशपाती हेतु सेंटर ऑफ एक्सीलेंस स्थापित किए जाने और किसानों के प्रशिक्षण के लिए विशेष व्यवस्थाओं की जानकारी दी. उन्होंने कहा कि सीमांत क्षेत्रों के विकास के लिए केंद्र Government की वाइब्रेंट विलेज प्रोग्राम के तहत चयनित गांवों में स्थानीय संस्कृति, भोजन एवं हस्तशिल्प को बढ़ावा देकर रोजगार सृजन किया जा रहा है.
सीएम धामी ने ‘Chief Minister सौर स्वरोजगार योजना’ को ग्रामीण अर्थव्यवस्था के लिए गेम चेंजर बताते हुए कहा कि इस योजना के तहत सौर ऊर्जा आधारित परियोजनाओं के माध्यम से हजारों परिवारों को स्वरोजगार मिला है. ग्रामीण उद्यमिता को बढ़ावा देने के लिए ‘Chief Minister उद्यमशाला योजना’ के अंतर्गत हजारों उद्यमियों को इनक्यूबेशन सहायता प्रदान की गई है.
वहीं ‘देवभूमि परिवार योजना’ के माध्यम से राज्य के परिवारों का एकीकृत डिजिटल डेटाबेस तैयार कर योजनाओं की पारदर्शी डिलीवरी सुनिश्चित की जा रही है. Chief Minister ने बताया कि पूर्व अग्निवीरों को राज्य सेवाओं में 10 प्रतिशत आरक्षण देने हेतु ‘अग्निवीर आरक्षण नियमावली-2025’ लागू की गई है.
साथ ही ‘उत्तराखंड जन विश्वास विधेयक-2026’ के माध्यम से विभिन्न अधिनियमों में संशोधन कर प्रक्रियाओं को सरल बनाया गया है तथा 500 से अधिक अप्रासंगिक कानूनों को समाप्त किया गया है. उन्होंने जानकारी दी कि राज्य में इंज ऑफ डूइंग बिजनेस को बढ़ावा देने के लिए औद्योगिक, श्रम, खनन, राजस्व एवं शहरी विकास क्षेत्रों में व्यापक सुधार किए गए हैं.
–
एसके/पीएम