
अमरावती, 19 जून . आंध्र प्रदेश के Chief Minister एन. चंद्रबाबू नायडू ने Friday को बैंकरों से राज्य भर में आर्थिक गतिविधियों को आसान बनाने के लिए सहयोग करने का आग्रह किया. उन्होंने सचिवालय में आयोजित 235वीं राज्य स्तरीय बैंकर समिति (एसएलबीसी) की बैठक की अध्यक्षता की.
बैठक में 2026-27 के लिए वार्षिक ऋण योजना पर चर्चा की गई और कृषि क्षेत्र, एमएसएमई, स्वयं सहायता समूहों (सीएचजी) और बटाईदार किसानों को दिए गए ऋण की समीक्षा की गई.
बैंकों ने बताया कि उन्होंने 2025-26 में कृषि क्षेत्र को 3,86,249 करोड़ रुपए का ऋण दिया. उन्होंने Chief Minister को बताया कि एमएसएमई क्षेत्र को 1,17,357 करोड़ रुपए और प्राथमिकता वाले क्षेत्र को 5,19,693 करोड़ रुपए का ऋण दिया गया. बैंकरों ने बताया कि आंध्र प्रदेश में ऋण वितरण दक्षिण India के अन्य राज्यों की तुलना में 137 प्रतिशत अधिक है.
बैठक में मुख्य सचिव साई प्रसाद, यूनियन बैंक ऑफ इंडिया के एमडी और सीईओ आशीष पांडे, केंद्रीय वित्त मंत्रालय की निदेशक नीलम अग्रवाल, आरबीआई के क्षेत्रीय निदेशक एओ बशीर, नाबार्ड के जीएम केवीएस प्रसाद और अन्य लोग शामिल हुए.
इस बीच, Chief Minister चंद्रबाबू नायडू Saturday को पलनाडू जिले के चिलकलुरिपेट मंडल के लिंगंगुंटला गांव से ‘अन्नदाता सुखीभव-पीएम किसान’ योजना के तहत 3,125.47 करोड़ रुपए जारी करेंगे, जिससे कुल 46,85,838 किसानों को लाभ होगा.
लाभार्थियों में 45,69,817 जमीन के मालिक किसान परिवार और 1,16,021 आरएफआर (वन अधिकार की मान्यता) वाले किसान परिवार शामिल हैं जो वन अधिकार अधिनियम के तहत ज़मीन पर खेती कर रहे हैं.
पिछले साल, Government ने इस योजना के तहत 8,985.41 करोड़ रुपए वितरित किए थे, जिसमें राज्य Government की ओर से 6,560.18 करोड़ रुपए और केंद्र Government की ओर से 2,425.23 करोड़ रुपए शामिल थे.
‘सुपर सिक्स’ वादों के तहत शुरू की गई इस योजना में हर पात्र किसान परिवार को सालाना 20,000 रुपए की आर्थिक मदद दी जाती है. इसमें राज्य Government 14,000 रुपए देती है, जबकि केंद्र Government पीएम-किसान योजना के तहत 6,000 रुपए देती है. यह मदद राज्य और केंद्र Governmentों द्वारा तीन किस्तों में दी जाती है.
इस साल की पहली किस्त के तौर पर, राज्य Government 5,000 रुपए और केंद्र Government पीएम-किसान योजना के तहत 2,000 रुपए देगी, जिससे हर पात्र किसान के खाते में कुल 7,000 रुपए जमा होंगे.
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एएसएच/डीकेपी