टीएमसी विधायकों के कथित फर्जी हस्ताक्षर मामले में सीआईडी की जांच तेज, एसआईटी का हुआ गठन

कोलकाता, 1 जून . पश्चिम बंगाल Police के आपराधिक जांच विभाग (सीआईडी) ने तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के विधायकों के कथित फर्जी हस्ताक्षरों के मामले की जांच तेज कर दी है. इस मामले की जांच के लिए एक विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया गया है.

एक वरिष्ठ Police अधिकारी के अनुसार, इस मामले की जांच के लिए पांच सदस्यीय एसआईटी बनाई गई है. जानकारी के मुताबिक, टीम का नेतृत्व डीआईजी रैंक के एक अधिकारी कर रहे हैं. इसके अलावा टीम में एक डीएसपी और दो इंस्पेक्टर भी शामिल हैं.

टीएमसी के राष्ट्रीय महासचिव और Lok Sabha सांसद अभिषेक बनर्जी को Monday दोपहर सीआईडी मुख्यालय भवानी भवन में तलब किया गया है. उनसे पश्चिम बंगाल विधानसभा में कुछ महत्वपूर्ण पदों के लिए नामांकन से जुड़े दस्तावेजों पर विधायकों के हस्ताक्षरों में पाई गई कथित विसंगतियों के संबंध में पूछताछ की जानी है. हालांकि, इस बात को लेकर अटकलें लगाई जा रही हैं कि वह जांच में शामिल होंगे या नहीं.

यह घटनाक्रम 30 मई को दक्षिण 24 परगना जिले के सोनारपुर में अभिषेक बनर्जी के साथ हुई कथित धक्का-मुक्की और हमले की घटना के कुछ दिनों बाद सामने आया है.

Saturday को दो निजी अस्पतालों के भर्ती से इनकार करने के बाद, उनकी बुआ और पूर्व Chief Minister ममता बनर्जी उन्हें दक्षिण कोलकाता के कालीघाट रोड स्थित उनके आवास पर वापस ले गई थीं. ममता बनर्जी ने कहा था कि उनके भतीजे के इलाज के लिए घर पर ही अस्पताल जैसी सुविधा तैयार की गई है.

ऐसे में सवाल उठ रहा है कि क्या अभिषेक बनर्जी अपने आवास के पास स्थित सीआईडी मुख्यालय भवानी भवन में पूछताछ के लिए जाएंगे.

सीआईडी ने उन्हें 30 मई को पूछताछ के लिए नोटिस जारी किया था. शुरुआत में जांच अधिकारी नोटिस देने के लिए हरिश मुखर्जी रोड स्थित उनके घर पहुंचे थे. बाद में जब उन्हें पता चला कि अभिषेक बनर्जी कालीघाट स्थित दूसरे आवास पर हैं, तो अधिकारी वहां पहुंचे और उन्हें व्यक्तिगत रूप से नोटिस सौंपा.

अभिषेक बनर्जी ने बाद में कहा था कि वह कानूनी सलाह के अनुसार जांच में पूरा सहयोग करेंगे.

बताया जा रहा है कि यह नोटिस विधानसभा में विपक्ष के नेता, विपक्ष के दो उपनेता और पार्टी के मुख्य सचेतक (चीफ व्हिप) के नामांकन से जुड़े प्रस्ताव पर कुछ टीएमसी विधायकों के हस्ताक्षरों में कथित असमानता की जांच से संबंधित है.

प्रस्ताव जमा करने से पहले, पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव के रूप में अभिषेक बनर्जी ने विधानसभा सचिवालय को पत्र भेजकर शोभनदेब चट्टोपाध्याय को विपक्ष का नेता, नयना बंद्योपाध्याय और असीमा पात्रा को विपक्ष का उपनेता तथा फिरहाद हकीम को मुख्य सचेतक नामित किया था.

हालांकि, विधानसभा अध्यक्ष रथींद्र बोस ने टीएमसी विधायकों के हस्ताक्षरों वाला प्रस्ताव जमा करने पर जोर दिया. जब कुछ हस्ताक्षरों में कथित असमानता पाई गई, तो मामले को जांच के लिए सीआईडी को सौंप दिया गया.

एएमटी/एबीएम

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