चीनी वैज्ञानिकों ने बनाई चरम मौसम में काम करने वाली अगली पीढ़ी की बैटरी

बीजिंग, 19 फरवरी . चीन में वैज्ञानिकों के एक दल ने एक नई लिथियम बैटरी विकसित की है जो न केवल अत्यधिक ठंड और गर्मी में कुशलता से काम कर सकती है, बल्कि पारंपरिक बैटरियों की तुलना में अधिक सुरक्षित और लचीली भी है. यह सफलता इलेक्ट्रिक वाहनों से लेकर पहनने योग्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों तक, कई क्षेत्रों में क्रांति ला सकती है.

जानकारी के मुताबिक, थ्येनचिन यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर श्यू यूनह्वा और साउथ चाइना यूनिवर्सिटी ऑफ टेक्नोलॉजी के प्रोफेसर ह्वांग फेई के नेतृत्व में शोध दल ने एक नए प्रकार की जैविक (ऑर्गेनिक) सामग्री विकसित की है जो बैटरी के सकारात्मक इलेक्ट्रोड (कैथोड) के रूप में काम करती है. यह शोध Thursday को प्रतिष्ठित अंतर्राष्ट्रीय वैज्ञानिक पत्रिका ‘नेचर’ में ऑनलाइन प्रकाशित हुआ.

आमतौर पर बैटरी बनाने में कोबाल्ट और निकल जैसे दुर्लभ और महंगे खनिजों का इस्तेमाल होता है, जिनकी खदानें सीमित हैं. इस नई बैटरी में इस्तेमाल होने वाली जैविक सामग्री आसानी से उपलब्ध है और पर्यावरण के लिए बेहतर है. यह बैटरी शून्य से 70 डिग्री सेल्सियस नीचे से लेकर 80 डिग्री सेल्सियस तक के तापमान में बिना किसी समस्या के काम कर सकती है. यह क्षमता इसे दुनिया के सबसे ठंडे से लेकर सबसे गर्म क्षेत्रों के लिए उपयुक्त बनाती है.

इस बैटरी का ऊर्जा घनत्व 250 वॉट-घंटे प्रति किलोग्राम से अधिक है, जो आमतौर पर इस्तेमाल होने वाली लिथियम आयरन फॉस्फेट बैटरी से भी बेहतर है. शोधकर्ताओं ने इसे मोड़ने, खींचने और दबाने पर भी परीक्षण किया और यह बरकरार रही. सबसे महत्वपूर्ण बात, इसने सख्त ‘सुई चुभोने’ (नाखून परीक्षण) वाले सुरक्षा परीक्षण को भी सफलतापूर्वक पास कर लिया, जिससे यह साबित होता है कि इसके आग पकड़ने या विस्फोट होने की संभावना बेहद कम है.

प्रोफेसर श्यू यूनह्वा के अनुसार, यह तकनीक भविष्य में ‘हरित बैटरी’ बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है. इसकी लचीली प्रकृति इसे फोल्डेबल स्मार्टफोन, मेडिकल उपकरणों और अगली पीढ़ी के पहनने योग्य इलेक्ट्रॉनिक्स के लिए आदर्श बनाती है. टीम अब इस तकनीक को प्रयोगशाला से बाजार तक ले जाने के लिए तेजी से काम कर रही है और जल्द ही इसकी व्यावसायिक उत्पादन लाइन स्थापित करने की योजना बना रही है.

(साभार- चाइना मीडिया ग्रुप, पेइचिंग)

डीकेपी/

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