सीएम योगी सहित कई राज्यों के मुख्यमंत्रियों ने ‘उपन्यास सम्राट’ मुंशी प्रेमचंद की जयंती पर दी श्रद्धांजलि

New Delhi, 31 जुलाई . महान साहित्यकार और उपन्यास के ‘सम्राट’ कहे जाने वाले मुंशी प्रेमचंद्र की Friday को 146वीं जयंती मनाई जा रही है. इस अवसर पर उत्तर प्रदेश के Chief Minister योगी आदित्यनाथ सहित कई नेताओं ने उनको श्रद्धांजलि अर्पित की है.

सीएम योगी आदित्यनाथ ने social media प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर पोस्ट कर लिखा, “‘उपन्यास सम्राट’ मुंशी प्रेमचंद की जयंती पर विनम्र श्रद्धांजलि. उन्होंने अपनी लेखनी के माध्यम से भारतीय समाज की संवेदनाओं, संघर्षों और यथार्थ को सशक्त अभिव्यक्ति दी. उनकी रचनाएं मानवीय मूल्यों और राष्ट्र निर्माण की प्रेरणा का अक्षय स्रोत बनकर हम सभी का निरंतर मार्गदर्शन कर रही हैं.”

दिल्ली की Chief Minister रेखा गुप्ता ने ‘एक्स’ पर लिखा, “हिंदी साहित्य के महान शिल्पी, युगद्रष्टा साहित्यकार मुंशी प्रेमचंद की जयंती पर उन्हें कोटिशः नमन. उन्होंने अपनी लेखनी से समाज के अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति के जीवन, संघर्ष और स्वाभिमान को स्वर दिया. उनकी रचनाएं सामाजिक चेतना, मानवीय संवेदनाओं और राष्ट्रभाव को निरंतर प्रेरित करती रहेंगी.”

Rajasthan के Chief Minister भजनलाल शर्मा ने ‘एक्स’ पोस्ट कर लिखा, “महान साहित्यकार, उपन्यास सम्राट एवं युगद्रष्टा कथाकार मुंशी प्रेमचंद की जयंती पर उन्हें कोटिशः नमन. भारतीय साहित्य को नई दिशा देने वाली उनकी अमर कृतियां सामाजिक चेतना, मानवीय मूल्यों और न्यायपूर्ण समाज के निर्माण की प्रेरणा देती रहेंगी.”

Haryana के Chief Minister नायब सैनी ने social media पर लिखा, “साहित्य को समाज परिवर्तन का सशक्त माध्यम बनाने वाले महान कथाकार एवं ‘उपन्यास सम्राट’ मुंशी प्रेमचंद की जयंती पर उन्हें शत-शत नमन. अपनी रचनाओं के माध्यम से उन्होंने समाज की वास्तविकताओं, मानवीय संवेदनाओं और सामाजिक चेतना को सशक्त स्वर प्रदान किया. नैतिक मूल्यों, संवेदना और समानता पर आधारित समाज की रचना के लिए उनका साहित्य आज भी प्रेरणा प्रदान कर रहा है.”

उत्तर प्रदेश के उपChief Minister केशव प्रसाद मौर्य ने social media प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर लिखा, “हिंदी साहित्य के महान साहित्यकार, ‘उपन्यास सम्राट’ मुंशी प्रेमचंद की जयंती पर उन्हें शत-शत नमन! अपनी कालजयी रचनाओं के माध्यम से मुंशी प्रेमचंद ने भारतीय समाज की संवेदनाओं, संघर्षों और मानवीय मूल्यों को सशक्त अभिव्यक्ति दी. उनका साहित्य सदैव समाज को सामाजिक चेतना का मार्ग दिखाता रहेगा.”

एसडी/डीकेपी

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