
Mumbai , 29 जून . नसरापुर में तीन वर्ष की बच्ची के साथ दुष्कर्म और हत्या के दोषी को कोर्ट ने फांसी की सजा सुनाई है. 65 वर्षीय भीमराव कांबले दुष्कर्म और हत्या के मामले में कोर्ट ने दोषी ठहराया है. Chief Minister देवेंद्र फडणवीस और डिप्टी सीएम एकनाथ शिंदे समेत कई नेताओं ने कोर्ट के फैसले का स्वागत किया है.
Chief Minister देवेंद्र फडणवीस ने कोर्ट के फैसले पर संतोष व्यक्त किया. उन्होंने कहा कि अदालत ने बिल्कुल सही फैसला लिया है; ऐसे हत्यारों को समाज में जीने का कोई अधिकार नहीं है. Chief Minister ने अदालत के प्रति हार्दिक आभार भी व्यक्त किया. सीएम फडणवीस ने पुणे जिला Police अधीक्षक और Governmentी अभियोजक अजय मिसर को फोन करके बधाई दी. उन्होंने रिकॉर्ड समय में पूरे मामले को निपटाने के लिए जांच एजेंसियों की सराहना की.
वहीं, उपChief Minister एकनाथ शिंदे ने social media प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर पोस्ट करके लिखा, “उसे फांसी पर लटकाओ! यह कानून का राज है और यहां अपराधियों के लिए कोई पनाह नहीं है. आज, नसरापुर में लड़की के साथ दुष्कर्म और हत्या के मामले में कोर्ट ने आरोपी को मौत की सजा सुनाई है. इस फैसले से न्याय हुआ है और यह उन लोगों के लिए एक साफ चेतावनी है जो महिलाओं और लड़कियों के खिलाफ जुल्म करते हैं. यह एक कड़ा संदेश है कि अब कोई भी ऐसी घिनौनी हरकत करने की हिम्मत नहीं करेगा.”
एकनाथ शिंदे ने आगे लिखा, “ऐसे दरिंदों के लिए समाज या कानून के राज में कोई जगह नहीं है. उन्हें जीने का कोई अधिकार नहीं है! महिलाओं, लड़कियों और बच्चियों के खिलाफ जुल्म के मामले में महायुति Government का रुख हमेशा से सख्त रहा है. Chief Minister देवेंद्र फडणवीस के नेतृत्व में, राज्य Government ने महिलाओं की सुरक्षा को सबसे ज्यादा प्राथमिकता दी है. Government लगातार ऐसे उपायों को पूरे प्रभाव के साथ लागू कर रही है जिससे हर लड़की और महिला सुरक्षित माहौल में रह सके. Government तेजी से जांच, फास्ट-ट्रैक कोर्ट की प्रक्रिया और कड़ी सजा दिलाने के लिए प्रतिबद्ध है. आज, नसरापुर मामले में न्याय मिलने का एहसास हर किसी को हो रहा है.”
Samajwadi Party के विधायक अबू आजमी ने कहा कि ऐसे अपराध के लिए लिए मौत की सजा होनी चाहिए. अगर जघन्य अपराध करने वालों ऐसे और लोगों की भी सजा दी जाए, तो किसी में भी ऐसे अपराध करने की हिम्मत नहीं होगी.
शिवसेना (यूबीटी) के जाधव ने कहा, “पूरे देश और पूरे Maharashtra की यही उम्मीद थी कि ऐसे क्रूर और गैर-जिम्मेदार लोगों को मौत की सजा दी जाए. हालांकि, सिर्फ मौत की सजा का ऐलान करना काफी नहीं होगा. इसे खुले मैदान में, सबके सामने, लाखों लोगों के सामने अंजाम दिया जाना चाहिए.”
शिवसेना विधायक मनीषा कायंदे ने कहा, “हम नसरापुर मामले में कोर्ट के फैसले का स्वागत करते हैं. यह आदमी जीने के लायक नहीं है और इसे मौत की सजा मिलनी चाहिए; हमने यह बात पहले भी कही थी.”
वकील विपुल दुशिंग ने कहा, “इस मामले में हम पीड़ित का पक्ष रख रहे थे, जो मूल शिकायतकर्ता है. आरोपी को दोषी ठहराया गया है और उसे मौत की सजा सुनाई गई है.”
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एसडी/एएस