
धमतरी, 15 दिसंबर . महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा आंगनबाड़ी केंद्रों के माध्यम से गर्भवती महिलाओं और शिशुवती माताओं को रेडी-टू-ईट के तहत पौष्टिक आहार उपलब्ध कराया जा रहा है. इस पहल का मकसद यह सुनिश्चित करना है कि गर्भवती महिलाओं को पर्याप्त पोषण मिले, जिससे गर्भ में पल रहा बच्चा भी स्वस्थ जन्म ले सके. Government इस योजना पर करोड़ों रुपए खर्च कर रही है, ताकि देश का भविष्य स्वस्थ और मजबूत बन सके.
छत्तीसगढ़ में धमतरी जिले की शिशुवती महिलाओं ने बताया कि उन्हें आंगनबाड़ी केंद्रों के माध्यम से नियमित रूप से पौष्टिक आहार दिया जा रहा है. महिलाओं का कहना है कि Government की यह पहल गरीब और जरूरतमंद परिवारों के लिए बेहद लाभकारी है, क्योंकि आर्थिक तंगी के चलते बाजार से पोषणयुक्त आहार खरीद पाना सभी के लिए संभव नहीं होता. रेडी-टू-ईट आहार से महिलाओं को प्रोटीन, विटामिन, कैलोरी, कैल्शियम और आयरन जैसे जरूरी पोषक तत्व मिल रहे हैं, जिससे मां और बच्चे दोनों के स्वास्थ्य में सुधार देखने को मिल रहा है.
स्वास्थ्य विशेषज्ञ भी इस योजना को लाभकारी मान रहे हैं. डॉ. अवध पचोरी ने से बातचीत में बताया कि रेडी-टू-ईट फूड प्री-कुक्ड होता है, जिसे पैक कर गर्भवती और शिशुवती महिलाओं को दिया जाता है. यह महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा आंगनबाड़ी केंद्रों के माध्यम से वितरित किया जाता है. इसे खाने में आसानी होती है और इसमें भरपूर मात्रा में पोषक तत्व होते हैं. उन्होंने कहा कि रेडी-टू-ईट से कुपोषण में कमी आती है, विशेषकर उन माताओं और बच्चों में जिन्हें अतिरिक्त आहार की जरूरत होती है या जो एनीमिया और प्रोटीन की कमी से जूझ रहे होते हैं. दिन में दो से चार बार इस आहार के सेवन से स्वास्थ्य में काफी सुधार देखा जाता है. उन्होंने इसे Government की एक अत्यंत लाभप्रद योजना बताया.
शिशुवती महिला नंदनी यादव ने बताया कि उनके बच्चे का जन्म के समय वजन बहुत कम था. इसके बाद आंगनबाड़ी केंद्र से रेडी-टू-ईट के तहत दलिया और अन्य पोषक तत्व मिलने लगे, जिससे बच्चे के वजन में तेजी से बढ़ोतरी हुई है. उन्होंने इस योजना को शुरू करने के लिए Prime Minister Narendra Modi और Chief Minister विष्णुदेव साय के प्रति आभार व्यक्त किया.
एक अन्य शिशुवती महिला, सविता ध्रुव, ने बताया कि प्रसव के बाद उनके बच्चे का वजन बेहद कम था. किसी करीबी से उन्हें आंगनबाड़ी केंद्रों में मिलने वाले रेडी-टू-ईट की जानकारी मिली. इसके बाद नियमित रूप से पोषक आहार मिलने से बच्चे का विकास अच्छे से होने लगा है.
आंगनबाड़ी कार्यकत्री दमयंती साहू ने बताया कि उनके केंद्र में 11 बच्चे पंजीकृत हैं. इन बच्चों को सुबह नाश्ते में मीठा हलवा और नमकीन दलिया दिया जाता है. इसके साथ ही बच्चों को विभिन्न गतिविधियां भी कराई जाती हैं. दोपहर के समय तय मेन्यू के अनुसार हरी सब्जी, सोयाबीन की बड़ी और मिक्स दाल परोसी जाती है. उन्होंने कहा कि इस व्यवस्था से बच्चों के स्वास्थ्य और विकास में लगातार सुधार हो रहा है.
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एएसएच/डीकेपी