
New Delhi, 9 जून . India की कोयला आपूर्ति श्रृंखला के आधुनिकीकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए, केंद्र Government ने कोयला एक्सचेंज नियम, 2026 को जारी कर दिया है. इससे विकसित India 2047 के लक्ष्य के तहत ऊर्जा बाजारों को मजबूत बनाने में मदद मिलेगी. यह जानकारी कोयला मंत्रालय की ओर से Tuesday को दी गई.
मंत्रालय ने बयान में कहा कि Government देश में कोयला एक्सचेंजों की स्थापना के लिए मार्ग तैयार कर रही है. हाल ही में पारित खान एवं खनिज (विकास एवं विनियमन) संशोधन अधिनियम, 2025 ने खनिज एक्सचेंज की अवधारणा को लागू किया है और केंद्र Government को कोयले और उसके प्रसंस्कृत रूपों सहित खनिजों के पारदर्शी और कुशल व्यापार को बढ़ावा देने का अधिकार दिया है.
इसके तहत कोयला मंत्रालय ने दिसंबर 2025 में कोयला नियंत्रक संगठन (सीसीओ) को कोयला एक्सचेंजों के पंजीकरण और विनियमन के लिए जिम्मेदार प्राधिकरण के रूप में नामित किया है. पात्र संस्थाओं को सीसीओ द्वारा कोयला एक्सचेंज स्थापित करने तथा संचालित करने, बाजार नियम तथा उपनियम बनाने और कोयला व्यापार को सुगम बनाने के लिए अधिकृत किया जाएगा. पंजीकरण 25 वर्षों की अवधि के लिए वैध होंगे.
कोयला मंत्रालय के मुताबिक, कोल एक्सचेंज की शुरुआत से कोयला विपणन में एक क्रांतिकारी बदलाव आएगा, क्योंकि यह पारंपरिक “एक से अनेक” बिक्री मॉडल से हटकर एक प्रतिस्पर्धी “अनेक से अनेक” व्यापार मंच की ओर अग्रसर है. इससे पारदर्शी और बाजार-आधारित मूल्य निर्धारण संभव होगा, दक्षता में सुधार होगा और वाणिज्यिक तथा कैप्टिव खनिकों सहित कोयला उत्पादकों को खरीदारों के व्यापक समूह तक आसान पहुंच प्राप्त होगी. सार्वजनिक क्षेत्र की कोयला कंपनियां भी बाजार में अपनी भागीदारी बढ़ाने के लिए इस मंच का लाभ उठा सकती हैं.
मंत्रालय ने आगे कहा कि कोयला विनिमय पहल व्यापार करने में सुगमता बढ़ाने, पारदर्शिता को बढ़ावा देने और एक आधुनिक, आत्मनिर्भर ऊर्जा परितंत्र के निर्माण के प्रति Government की प्रतिबद्धता को दर्शाती है. अधिक प्रतिस्पर्धी और कुशल कोयला बाजार बनाकर, इस सुधार से ऊर्जा सुरक्षा को मजबूती मिलने, औद्योगिक विकास को समर्थन मिलने और सतत आर्थिक विकास तथा भविष्य के लिए तैयार ऊर्जा क्षेत्र के माध्यम से विकसित India की परिकल्पना में महत्वपूर्ण योगदान मिलने की उम्मीद है.
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एबीएस