साहित्य के ‘सुदामा’: रोटी से सत्ता और सरकार को चुनौती, संसद के मौन पर भी उठाए सवाल

New Delhi, 9 फरवरी . 10 फरवरी की तारीख हिंदी कविता के एक सशक्त और असाधारण आवाज को याद करने की है, जो इस दिन शांत हो गया था. महज 39 वर्ष की उम्र में सुदामा पांडेय का ब्रेन ट्यूमर से निधन हो गया, लेकिन इतने छोटे जीवन में उन्होंने हिंदी कविता को जो तेवर, … Read more

गुजरात के राज्यपाल ने ‘घोस्ट्स, हॉरर एंड हिल्स’ बुक का विमोचन किया

घोस्ट हॉरर एंड हिल्स बुकचंडीगढ़, 27 जनवरी . Maharashtra और Gujarat के Governor आचार्य देवव्रत ने Tuesday को Mumbai के लोक भवन में ‘घोस्ट्स, हॉरर एंड हिल्स’ नामक पुस्तक का विमोचन किया. यह पुस्तक वरिष्ठ पत्रकार, शिक्षाविद और ‘हाई ऑन कसोल’ पुस्तक के लेखक आदित्य कांत द्वारा लिखी गई है. पुस्तक के लिए लेखक की … Read more

यादों में दुष्यंत : ‘मसान’ की गुजरती रेल, शब्दों में थरथराता ‘दिल’, तड़प और पीड़ा के रचनाकार की कहानी

New Delhi, 29 दिसंबर . साल 2015 में Bollywood की फिल्म ‘मसान’ रिलीज हुई. बनारस, आज के युवाओं के लिए वाराणसी, के बैकड्रॉप पर सेट इस फिल्म के हर संवाद, सीन और गाने लोगों के कानों के रास्ते दिल तक पहुंच गए. एक गाना है, ‘तू किसी रेल सी गुजरती है, मैं किसी पुल सा … Read more

जैनेंद्र कुमार : भारत का मानचित्र बनाकर लिए थे ‘फेरे’, ठुकरा दिया था ‘हिंदी सलाहकार’ का पद

New Delhi, 23 दिसंबर . हिंदी साहित्य के मनोवैज्ञानिक कथाकार जैनेंद्र कुमार की लेखनी ने हिंदी उपन्यास को नई दिशा दी. मनोविश्लेषण की गहराई से पात्रों के अंतर्मन को उन्होंने कलम के साथ कोरे कागज पर उकेरा. नई विचारधारा और मनोवैज्ञानिक दृष्टिकोण के कारण कुछ आलोचकों ने उन्हें विवादास्पद माना, लेकिन कई साहित्यकारों ने उन्हें … Read more

जौन जिंदगीनामा : लम्हों को गंवाने में उस्ताद, ‘झगड़ा क्यूं करें हम’ का सिखाया जीवन-दर्शन

New Delhi, 7 नवंबर . हवा में एक उदास सिसकी घुली हुई है, जैसे कोई अधूरी गजल रुक-रुक कर सांस ले रही हो. अपनी नज्मों और नगमों से जख्मों को फूलों में बदलने वाले शायर जौन एलिया की 8 नवंबर को पुण्यतिथि है, उनको गुजरे कई बरस हो गए. हालांकि, अपनी शायरी के साथ वह … Read more