ओडिशा दिवस : ‘कलिंग’ की भूमि का सांस्कृतिक स्वाभिमान दिवस, प्राचीन विरासत की याद

New Delhi, 31 मार्च . India के पूर्वी तट पर बसा Odisha सिर्फ एक राज्य नहीं है. यह इतिहास, संस्कृति और आत्मगौरव की एक जीवंत गाथा है. हर साल 1 अप्रैल को मनाया जाने वाला Odisha स्थापना दिवस, जिसे उत्कल दिवस भी कहा जाता है, इस भूमि के उस गौरवशाली क्षण की याद दिलाता है, … Read more

पुण्यतिथि विशेष : करुणा से कर्मयोग तक, बाबा आम्टे की अमर गाथा

New Delhi, 8 फरवरी . साल की हर तारीख अपने आप में खास होती है. इसी तरह हर साल की 9 फरवरी उस महान आत्मा को याद करने का दिन है, जिसने समाज के उपेक्षित और तिरस्कृत लोगों को जीवन देने के साथ-साथ उन्हें सम्मान के साथ जीना सिखाया. ये नाम है बाबा आम्टे, उनका … Read more

लाला लाजपत राय: विचार, संघर्ष और बलिदान की मिसाल, आर्य समाज से साइमन कमीशन तक का सफर

New Delhi, 27 जनवरी . हर साल की 28 जनवरी हमें उस व्यक्तित्व के जन्मदिन को याद दिलाती है जिसने विचार, कर्म, संघर्ष और बलिदान को एक साथ जीकर भारतीय राष्ट्रीय आंदोलन को नई दिशा दी. 28 जनवरी, 1865 को पंजाब के लुधियाना जिले के धुदिके ग्राम में जन्मे लाला लाजपत राय केवल एक नेता … Read more

यादों में कृष्णा सोबती: एक बेबाक आवाज, भाषा और साहस की अमर गाथा

New Delhi, 24 जनवरी . 25 जनवरी की तारीख अपने आप में हिंदी साहित्य के लिए खास है. यह तारीख उस महान लेखिका को याद करने का दिन है, जिन्होंने दशकों तक हिंदी को नई ऊर्जा और नई नैतिक चुनौती दी. ये नाम है कृष्णा सोबती का, जिनका इस दुनिया से जाना उस रचनात्मक साहस … Read more

बाला साहेब ठाकरे: चुनाव नहीं लड़ा, पर सरकारें बनाईं-गिराईं; सत्ता का अनोखा सम्राट

New Delhi, 22 जनवरी . 23 जनवरी… एक ऐसी तारीख है, जिसने Maharashtra ही नहीं, बल्कि भारतीय राजनीति को एक ऐसा चेहरा दिया, जिसे नजरअंदाज करना अपने आप में बेईमानी होगी. यही वह दिन है, जब पुणे की धरती पर बाला साहेब ठाकरे का जन्म हुआ. बाला साहेब ठाकरे एक ऐसा नाम है, जो सत्ता … Read more

आरिफ मोहम्मद खान: पद की लालसा छोड़कर हमेशा सुनी अंतरात्मा की आवाज, सिद्धांतों के लिए कुर्सी छोड़ी

New Delhi, 17 जनवरी . देश की राजनीति में जब ज्यादातर रास्ते सत्ता, समझौते और चुप्पियों के पक्षधर होते हैं, तब कुछ लोग ऐसे भी होते हैं जो विचारों के साथ चलना चुनते हैं, चाहे उसकी कितनी ही भारी कीमत क्यों न हो. ऐसे लोग, जो जी हूजूरी करने के बजाय सवाल पूछते हैं, पद … Read more

साधन नहीं संकल्प रचता है इतिहास, यादों में नोबेल विजेता हर गोबिंद खुराना

New Delhi, 8 जनवरी . एक छोटा सा गांव… जहां साक्षरता अपवाद थी और संसाधन न के बराबर थे, वहां से एक ऐसी वैज्ञानिक यात्रा शुरू हुई जिसने आगे चलकर जीवन के सबसे गूढ़ रहस्यों, जेनेटिक कोड की व्याख्या की दिशा तय की. साल 2011 में 9 नवंबर को दुनिया ने वैज्ञानिक हर गोबिंद खुराना … Read more

कल्याण सिंह: सत्ता, संघर्ष और सियासत की नैतिकता का नाम

New Delhi, 4 जनवरी . 5 जनवरी 1932, यही वह तारीख है जब उत्तर प्रदेश की राजनीति को दशकों तक दिशा देने वाले, ‘बाबूजी’ के नाम से पहचाने जाने वाले कल्याण सिंह का जन्म हुआ. अलीगढ़ जिले के मढ़ौली गांव में तेजपाल सिंह लोधी और सीता देवी के घर जन्मे कल्याण सिंह ने राजनीति में … Read more

स्मृति शेष: जब खबर कविता बन गई, हिन्दी साहित्य का संवेदनशील चेहरा

New Delhi, 29 दिसंबर . साल था 1990 और तारीख थी 30 दिसंबर, जब हिन्दी साहित्य ने अपना वह कवि खो दिया, जिसने कविता को अखबार की सुर्खियों से उठाकर जनजीवन की पीड़ा का आईना बना दिया. उस शख्सियत का नाम था, रघुवीर सहाय. वह केवल एक कवि नहीं थे, वे आधुनिक हिन्दी कविता के … Read more

स्मृति शेष: जब स्वर साधना बनी जीवन-साधना, ओंकारनाथ ठाकुर की अमर विरासत

New Delhi, 28 दिसंबर . भारतीय संगीत जगत के लिए 29 दिसंबर एक ऐसी तिथि है जब स्वर, साधना और संस्कार का एक युग मौन हो गया. साल 1967 में प्रसिद्ध शिक्षाशास्त्री, संगीतज्ञ और हिन्दुस्तानी शास्त्रीय गायन के अप्रतिम साधक पंडित ओंकारनाथ ठाकुर ने इस दिन संसार से अलविदा कह दिया था. हालांकि, उनका गाया … Read more

किसानों को सिर्फ मतदाता नहीं, देश की रीढ़ मानने वाले नेता थे चौधरी चरण सिंह; अन्नदाता को हमेशा सत्ता के केंद्र में दी जगह

New Delhi, 22 दिसंबर . ये कहानी देश की मिट्टी से निकले एक ऐसे योद्धा की है, जिन्होंने सत्ता के शिखर को सिर्फ किसानों की आवाज बुलंद करने के लिए छुआ. देश 23 दिसंबर को पूर्व पीएम चौधरी चरण सिंह की जयंती मनाएगा. हर साल 23 दिसंबर की तारीख इसलिए खास है, क्योंकि एक किसान … Read more

‘स्माइलिंग बुद्धा’ के शिल्पकार डॉ. पीके अयंगर, एक वैज्ञानिक नहीं, एक विचार का अंत

New Delhi, 20 दिसंबर . कैलेंडर में 21 दिसंबर की तारीख भारतीय विज्ञान की स्मृति-पट्टी पर दर्ज एक भारी गहरापन था. इसी दिन डॉ. पद्मनाभा कृष्णगोपाल अयंगर, वो वैज्ञानिक जिसने India के वैज्ञानिक आत्मसम्मान को परमाणु विस्फोट की ऊर्जा दी, दुनिया को अलविदा कह चुके थे. इस दिन भारतीय परमाणु कार्यक्रम से सिर्फ एक व्यक्ति … Read more

स्मृति शेष: सत्ता के शिखर के ‘असली केंद्र’, विवादों और त्रासदी की अनकही कहानी

New Delhi, 13 दिसंबर . 14 दिसंबर 1946… यह सिर्फ एक तारीख नहीं है. यह दिन भारतीय राजनीति के सबसे विवादित और प्रभावशाली शख्सियत की जन्मतिथि है, जिसने महज 33 साल की उम्र में प्यार, सत्ता, डर, सपनों और फैसलों की ऐसी लक्ष्मण रेखा खींची, जिस पर आज भी घंटो तक बहस होती है. ये … Read more

‘जौन होना कोई मजाक नहीं’: मौजूदा समय में युवाओं द्वारा सबसे ज्यादा ढूंढ कर पढ़े जाने वाले शायर

New Delhi, 13 दिसंबर . उत्तर प्रदेश के अमरोहा में जन्मे उर्दू शायर जौन एलिया उर्दू साहित्य के उन चुनिंदा शायरों में से एक हैं, जिनकी शायरी आज भी युवा पीढ़ी के दिलों पर राज करती है. भारत-Pakistan बंटवारे ने उनके दिलों-दिमाग पर गहरा असर छोड़ा, भले ही वो अपने अंतिम दिनों में India में … Read more

संसद पर आतंकी हमले की बरसी: 13 दिसंबर, जब लोकतंत्र के मंदिर को दहलाने की कोशिश हुई

New Delhi, 12 दिसंबर . साल था 2001… तारीख थी 13 दिसंबर… राष्ट्रीय राजधानी में कड़ाके की ठंड थी और संसद में शीतकालीन सत्र जारी था. सदन के भीतर ‘महिला आरक्षण बिल’ को लेकर हंगामा हो रहा था. तत्कालीन Prime Minister अटल बिहारी वाजपेयी और नेता प्रतिपक्ष सोनिया गांधी संसद भवन से निकल चुके थे. … Read more

परमवीर पराक्रम: बदन छलनी, सीने में ‘हाई’ जोश, पाक फौज के उड़ाए होश

New Delhi, 5 दिसंबर . हमारे देश पर कई बार दूसरे देश ने युद्ध थोपने की कोशिश की है. लेकिन, हर युद्ध के अंत की पटकथा भारतीय सैनिकों ने अपने साहस और बलिदान से लिखी है. India की इस विजय यात्रा में कई नाम शामिल हैं, इनमें से एक नाम परमवीर चक्र से सम्मानित मेजर … Read more

झलकारी बाई : गुमनाम वीरांगना जो लक्ष्मीबाई को बचाने के लिए खुद बन गई ‘झांसी की रानी’

New Delhi, 21 नवंबर . India के स्वतंत्रता संग्राम में अपना अहम योगदान देने वाली कई ऐसी वीरांगनाएं हैं, जिनकी बहादुरी की कहानी इतिहास के पन्नों में दफन हो गई. हर साल 22 नवंबर को जब हम झलकारी बाई की जयंती पर उस महान योद्धा को याद करते हैं, जिसने 1857 के स्वतंत्रता संग्राम में … Read more

लालकृष्ण आडवाणी: भाजपा को 2 से 161 सीटों तक पहुंचाने वाले दिग्गज

New Delhi, 7 नवंबर . भारतीय राजनीति में कुछ नाम ऐसे हैं जो पार्टी और विचारधारा से कहीं ऊपर उठकर Political चेतना के प्रतीक बन गए हैं. भाजपा के वरिष्ठ नेता और उपPrime Minister रहे लालकृष्ण आडवाणी ऐसा ही एक नाम हैं. 8 नवंबर 1927 को Pakistan के कराची में जन्मे लालकृष्ण आडवाणी का बचपन … Read more