
गोंडा, 10 अगस्त . महिला पहलवानों के कथित यौन उत्पीड़न मामले में दिल्ली की राऊज एवेन्यू कोर्ट से बरी भाजपा नेता बृजभूषण शरण सिंह ने आरोपों को लेकर प्रतिक्रिया दी है. उन्होंने आरोप लगाए कि साजिश में 42 लोग शामिल थे. हुड्डा परिवार और Supreme Court के एक बड़े वकील के सामने बैठकर पूरी स्क्रिप्ट लिखी गई थी.
समाचार एजेंसी से बात करते हुए बृजभूषण शरण सिंह ने कहा, “अभी इनके (आरोप लगाने वाली महिला पहलवानों) लिए रास्ता खुला है. वे हाईकोर्ट जा सकते हैं, क्योंकि ये समय खींचना चाहते हैं. ये लोग चाहते थे कि केस चार-छह साल चलता रहे. इसलिए एक-एक तारीख पर आने के लिए 6-6 महीने का समय लिया. कोर्ट ने भी सभी को धैर्यपूर्वक समय दिया.”
बृजभूषण शरण सिंह ने कहा कि अभी सब कुछ कोर्ट के सामने नहीं आया है. हमने 42 लोगों की एक लिस्ट तैयार की है, जिसमें कुछ बहुत बड़े नाम शामिल हैं. इसमें Political पार्टियां भी शामिल हैं. कुछ लोग इस साजिश में शुरुआत में जुड़े, तो कुछ बाद में. कुछ उद्योगपति भी थे, जो बाद में जुड़े.”
उन्होंने सवाल किया कि विरोध-प्रदर्शन के दौरान पूरा होटल बुक किया गया था. होटल का खर्च कौन उठा रहा था? उन्होंने कहा, “इसमें 42 बड़े लोग शामिल थे, जिनमें Political पार्टियां भी हैं. वे सभी कोर्ट में पेश नहीं हो सकते, क्योंकि कोर्ट की कार्यवाही में सिर्फ मुख्य रूप से खिलाड़ी ही शामिल हैं, लेकिन ये 42 लोग इसमें शामिल थे.”
Political दबावों के सवालों पर भाजपा नेता ने कहा, “इस मामले में इतना बड़ा दबाव था कि लगभग सारी पार्टियां (विपक्ष) शामिल थीं. अमेरिका और कनाडा में प्रदर्शन हो रहे थे. सिर्फ मेरे ऊपर नहीं, बल्कि खेल की दुनिया में भी बहुत अधिक दबाव था, क्योंकि यह पूरा मामला महिला खिलाड़ियों का था. इनमें वर्ल्ड चैंपियन और ओलंपिक चैंपियन भी शामिल थीं. महिला खिलाड़ियों और उनके परिवारों को ऊपर भी दबाव था.”
उन्होंने महिला खिलाड़ियों की ओर से गंगा में मेडल बहाने पर भी प्रश्न उठाए. बृजभूषण सिंह ने कहा, “ये लोग (खिलाड़ी) गंगा में मेडल बहाने गए थे. यह दबाव बनाने के लिए ही था. इससे और अधिक हंगामा हुआ. इसी तरह दबाव बनाने के लिए हर तरीके का काम किया गया.”
इसी बीच, बृजभूषण सिंह ने कहा, “मैं उन सभी का धन्यवाद करता हूं, जो बुरे समय में मेरे साथ खड़े रहे और जिन लोगों को मेरे ऊपर विश्वास था. मैं खुद कभी विचलित नहीं हुआ.”
इस विवाद को लेकर भाजपा नेता ने कहा, “खिलाड़ियों को लेकर मैंने कुछ नियम बनाए थे. उस नियम का प्रभाव था. और भी अनेक बाते हैं. इसको लेकर तीन-चार पहलवान नाराज थे. इन्होंने एक आंदोलन खड़ा किया. मैंने पहले दिन ही बोला कि ‘मैं इनके बारे में नहीं जानता, लेकिन अपने बारे में जानता हूं.’ शुरुआती दौर में एक बड़बोला और अहंकारी जैसे शब्दों से मुझे नवाजा गया. मैं धैर्य के साथ अपना काम कर रहा था. मेरा मानना है कि दुनिया में इतना बड़ा यौन उत्पीड़न का षड्यंत्र और किसी के साथ नहीं हुआ.”
बृजभूषण ने आरोप लगाया कि हुड्डा परिवार और Supreme Court के एक बड़े वकील के सामने बैठकर पूरी स्क्रिप्ट लिखी गई. फिर बच्चे तैयार नहीं हो रहे थे. उस समय तीन पहलवान खुद सामने आए. इनमें से एक ने कहा कि मेरी पत्नी आरोप लगाएगी और दो ने खुद आरोप लगाने की बात बोली थी.”
महादेव रेसलिंग अकेडमी का जिक्र करते हुए बृजभूषण ने कहा, “यह एक परिवार-एक अखाड़ा है. यह अकेडमी हुड्डा की है. किसी को डिप्टी एसपी बनाने का ऑफर दिया गया था तो किसी को डायरेक्टर इंस्पेक्टर बनाने का ऑफर दिया गया. इसमें परिवार फोगाट परिवार है, जबकि अखाड़ा महादेव अकेडमी है. इसी तरह सारा मामला तैयार किया गया था.”
अपने ऊपर आरोपों को लेकर बृजभूषण सिंह ने कहा, “मैंने न किसी का कपड़ा पकड़ा और न कपड़ा उतारने की कोशिश की, लेकिन ऐसा प्रसारित किया गया जैसे बहुत बच्चों के साथ यह घटना घटी. एक रेपिस्ट की छवि बनाने की कोशिश की गई थी. अब सब कुछ सामने निकलकर आ चुका है.”
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डीसीएच/